सरपंच से किया अभद्र व्यवहार
ञ्चथाना प्रभारी व तहसीलदार को दिया १४ सूत्रीय ज्ञापन
निज संवाददाता - नसरुल्लागंज
जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत राला में पंचायत सचिव व उप सरपंच की मनमानी से ग्रामीण परेशान हैं। हालत यह है कि अब सरपंच के साथ भी अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
भाजपा समर्थित सरपंच चिंता बाई द्वारा पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार, अभद्र व्यवहार, बिना अनुमति शासकीय संपिा का विक्रय, शासन की योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि के आहरण में गड़बड़ी को लेकर एक सप्ताह से सरपंच, पंच तथा ग्रामीणों द्वारा प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जा रही थी। इसके बाद बुधवार को इन समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच के नेतृत्व में 1४ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुयमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम तहसीलदार संदीप अस्थाना व थाना प्रभारी सीएम द्विवेदी को दिया है।
सीएम से भी की थी शिकायत
मंगलवार को सरपंच के नेतृत्व में दर्जनों महिलाओं ने मुयमंत्री निवास भोपाल पहुंचकर मुयमंत्री श्री चौहान से मुलाकात की। उन्होंने पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार व अनियमितताओं की जानकारी भी दी।
आज बैठेंगे भूख हड़ताल पर
सरपंच चिंता बाई द्वारा तहसीलदार संदीप अस्थाना को बताया गया है कि वह अनपढ़ व विकलांग है। गांव के दबंग धीरज पटेल द्वारा ग्राम स्वराज भवन से मेरे साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धक्का देकर बाहर कर दिया गया। इसी बात को लेकर एक सप्ताह से कार्रवाई के लिए थाना, तहसीलदार व जनपद के चक्कर लगा रही हूं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब गुरुवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की जाएगी।
लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
ज्ञापन में बताया गया है कि उप सरपंच शेषराम व सचिव धीरेंद्र पटेल द्वारा सरपंच के जाली हस्ताक्षर कर बैंक से लाखों रुपए की राशि निकाल ली गई है। गांव में स्थित पुराने सरकारी स्कूल भवन को तोड़कर उसकी दस सागौन की मियाल, २०० सागौन की लकड़ी, ५०० पत्थर की फर्शी, ४ हजार अंग्रेजी कबेलू, ८ बड़े सागौन के दरवाजे, १० खिड़कियां, चौखट व ५० लोहे की चादरें बिना अनुमति के बेच दी गई हैं। इन्हें गांव के मनोहर पटेल, धीरज पटेल, सचिव धीरेंद्र पटेल द्वारा बेचा गया है। शासन की योजना के तहत आई ८ लाख रुपए की राशि बैंक से सरपंच के जाली हस्ताक्षर कर निकाल ली गई है। मंडी बोर्ड द्वारा 1 करोड़ रुपए की राशि सड़क व नाली निर्माण के लिए दी गई थी। इसमें भी भ्रष्टाचार किया गया है। पौधे लगाने दिए 5 लाख रुपए से गांव में एक भी पौधा नहीं लगाया गया है। गांव के दबंगों द्वारा माध्यमिक स्कूल व सोसायटी परिसर में अतिक्रमण कर लिया गया है। शासन द्वारा १५० शौचालय स्वीकृत किए गए, लेकिन अभी तक एक भी नहीं बन सका है। आवास योजना के तहत हितग्राही को ७० हजार रुपए में से ४५ हजार रुपए ही दिए गए। सरपंच की बिना अनुमति के फर्नीचर की खरीदी की गई। इसके अलावा नलजल योजना के तहत गांव के लोगों से पानी की अवैध वसूली, शासकीय तालाब पर प्लाट काटने, खेती करने आदि सचिव व उप सरपंच मनोहर पटेल द्वारा अपने घर व खेत पर लगाने, सरकारी ८ एकड़ जमीन पर अतिक्रमण करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
चल रही है जांच
॥ ग्राम पंचायत की सरपंच व ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गई है। इसकी उच्च स्तरीय जांच चल रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
संदीप अस्थाना, तहसीलदार
परेशानी - पंचायत सचिव व उप सरपंच पर कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीण आज बैठेंगे हड़ताल पर