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अधिनियम के विरोध में व्यापारी

8 वर्ष पहले
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ञ्च अधिनियम के विरोध में उतरे व्यापारी

निज संवाददाता - नसरुल्लागंज

खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होते ही अब मंडी व्यापारियों व किसानों के सामने संकट की स्थिति आ गई है। इसके चलते बुधवार को नगर की कृषि उपज मंडी में व्यापारियों ने विरोध प्रकट करते मुयमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिया है। कृषि मंडी के व्यापारी संघ ने मंडी प्रबंधन से गुहार लगाई है कि यदि हम मंडी में अनाज खरीदते हैं तो उसका विक्रय किस मंडी में किया जाएगा। इसके चलते हम अनाज का तौल नहीं करेंगे। व्यापारियों द्वारा किए गए इस विरोध के चलते किसानों के सामने अपनी उपज के तौल को लेकर संकट खड़ा हो गया है। मंडी व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा कानून से दूर रखने व्यापारी संघ द्वारा मुयमंत्री शिवराज सिंह चौहान व केंद्रीय स्वास्थ्य एवं खाद्य मंत्री गुलाम नबी आजाद के नाम ज्ञापन तहसीलदार संदीप अस्थाना को दिया गया।

ग्रेन मर्चेंट व्यापारी ऐसोसिएशन के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद खंडेलवाल द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि सभी प्रकार के अनाज का व्यापार करने वाले व्यापारियों को वर्ष १९५४ के कानून में पूर्ण रूप से मुक्त रखा गया था। हम व्यापारी खड़े अनाज की खरीदी एवं बिक्री करते हैं। अब खाद्य सुरक्षा कानून के लागू होते ही हमें इसमें जोड़ दिया गया है। जबकि अनाज मंडी का व्यापार किसान से कृषि उपज मंडी समिति द्वारा नीलाम किए जाने पर खरीदकर इस माल को उसी अवस्था में किसानों को विक्रय न करते हुए महानगरों की बड़ी मंडियों में बेच दिया जाता है।

प्राकृतिक प्रकोप के कारण किसानों द्वारा उपज में कीट व अन्य बीमारियां लगने पर कीटनाशक दवाओं का प्रयोग किया जाता है। इसके बाद किसान अपनी खराब उपज को मंडी लाकर विक्रय करता है। यदि व्यापारियों को इस कानून में शामिल किया गया तो न तो किसानों की उपज का तौल हो सकेगा और ना ही हम खरीदी गई उपज बेच सकेंगे।

मंडी प्रबंधन ने जारी किया आदेश

खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने पर व्यापारियों को इस कानून में शामिल कर लिया गया है। इसका पालन कराने के लिए मंडी प्रबंधन द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि कृषि उपज मंडी में मिट्टी, कंकड़, कचरा एवं अपमिश्रित उपज का विक्रय प्रतिबंधित कर दिया गया है। किसान अपनी उपज साफ सुथरी तैयार कर ही मंडी में विक्रय करने के लिए लाएं। अमानक स्तर की उपज का विक्रय मंडी में नहीं किया जाए। यदि व्यापारी इस तरह की उपज का तौल करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। अधिनियम से व्यापारियों को मुक्त रखने के उद्देश्य से व्यापारी ऐसोसिएशन द्वारा अनिश्चितकाल के लिए मंडी में खरीदी बंद कर दी गई है।

कर्ज में डूबे किसान

बुधवार को मंडी में अपनी उपज का विक्रय करने आए गांव रिठवाड़, नंदगांव, राला, नेहरूगांव, खरसानिया आदि के किसान सुरेशकुमार, प्रहलाद सिंह, अनोखीलाल, सोहनलाल ने बताया कि किसान प्राकृतिक आपदा की मार से पिछले तीन साल से दुखी हैं। इस साल भी रबी फसल की बोवनी कर्ज लेकर करनी पड़ी है। यदि बारिश व पाला पडऩे से उपज खराब हुई तो इसे कहां बेचेंगे। व्यापारियों व किसानों को मंडी सचिव तथा तहसीलदार संदीप अस्थाना ने समझाइश दी। इस पर बुधवार को तो उपज की नीलामी की गई। अब गुरुवार से मंडी अनश्चितकाल के लिए बंद रहेगी।

शासन का है आदेश

॥ खाद्य सुरक्षा अधिनियम कानून प्रदेश में लागू है। व्यापारी उसी के अनुसार उपज का तौल कर सकते हैं। यदि इसका उल्लंघन हुआ तो कार्रवाई की जा सकती है।

देश भरतार सिंह, मंडी सचिव

नसरुल्लागंज। व्यापारियों के विरोध के चलते तीन घंटे तक किसानों को करना पड़ा उपज तोल का इंतजार।