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मनरेगा में मजदूरों को नहीं दिया जा रहा काम

8 वर्ष पहले
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ञ्चमजदूरों ने एसडीएम को दिया काम के लिए आवेदन

कार्यालय संवाददाता - आष्टा

गांव परोलिया पार में ग्राम पंचायत द्वारा मजदूर लोगों को मनरेगा के तहत काम नहीं दिया जा रहा है। गांव में रात के समय मशीनों से काम कराया जा रहा है। मजदूरों ने मनरेगा में मजदूरी दिलाने तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम रवि सिंह को आवेदन दिया है।

आवेदन में गांव परोलिया पार के लोगों ने बताया कि मनरेगा में मजदूर काम करना चाहते हैं। गांव में शांतिधाम मार्ग पर बनने वाले ग्रेवर रोड पर मशीनों से रात के समय काम कराया जा रहा है, लेकिन मजदूरों को काम नहीं दिया जा रहा है।

मस्टर पर दर्ज कर रहे फर्जी उपस्थिति

गांव के प्रभावी लोगों ने पंचायत के साथ सांठ-गांठ कर अपने परिवार के सदस्यों के नाम से मस्टर पर फर्जी उपस्थिति दर्ज कराई गई। जबकि काम जेसीबी और ट्रैक्टर से कराया गया। इस संबंध में मजदूरों ने कई बार पंचायत सचिव व रोजगार सहायक को मनरेगा में काम मांगा गया, लेकिन उनका आवेदन भी नहीं लिया और काम भी नहीं दिया।

गरीबों को पड़ रहे रोटी के लाले

मजदूरों ने बताया कि उन्हें काम की आवश्यकता है। मजदूरी नहीं मिलने के कारण मजबूरी में परिवार को चलाने के लिए ५० से ६० रुपए प्रतिदिन में मजदूरी करना पड़ रही है। इससे उनके परिवार में फांके की स्थिति आ गई हैं। मजदूरों को मनरेगा में काम दिलाया जाए। इन लोगों ने बताया कि गांवों में काम नहीं मिलने के कारण परिवार का पालन पोषण करने मेें परेशानी हो रही है।

दोषियों पर की जाए कार्रवाई

मनरेगा में मनमर्जी कर भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्रवाई हो। पंचायत सचिव व रोजगार सहायकों की मनमर्जी पर निगरानी की जाए। आवेदन देने वालों में दिनेश कुमार, राजेश, छगन, कमल सिंह, मांगीलाल, प्रेम सिंह, किशनलाल शामिल हैं।