टर्निंग पाइंट बढ़ाने का काम शुरू
कार्यालय संवाददाता - गंजबासौदा
रेलवे स्टेशन पर आरबीएनएल द्वारा तीसरी लाइन और रनिंग टै्रक के मध्य बनाए गए टर्निंग पांइट क्रास ओव्हर १०१ को बढ़ाने का काम प्रांरभ हो गया है। इस टर्निंग पाइंट को ३० मीटर लंबा किया जाना है। आरबीएनएल ने तीसरी लाइन को रनिंग टै्रक से जोडऩे के लिए वर्तमान में जो क्रासओव्हर बनाया है वह अंग्रेजी के एस आकार का है। इसके चलते ३० किलोमीटर की रफ्तार से यदि रेलगाडिय़ां इस लाइन से गुजरती है तो पलट सकती है या फिर पटरी से उतर सकती है।इस स्थिति को देखते हुए रेल सुरक्षा आयुक्त चेतन बख्शी ने आपत्ति दर्ज की थी। इधर भोपाल रेल मंडल प्रबंधक ने भी पहले इस काम को पूरा करने के बाद ही अन्य स्टेशनों पर तीसरी लाइन को जोडऩे के कार्य को हरी झंडी देने को कहा था। इसके चलते रेलवे स्टेशनों पर आरबीएनएल ने क्रास ओव्हर को तीस मीटर लंबा करने का काम प्रारंभ कर दिया है।
अब लंबाई में बनेगा पाइंट
तीसरी लाइन से रनिंग टै्रक पर गाडिय़ों के आने-जाने के लिए जो १०१ क्रमांक का टर्निंग पाइंट एस आकार का बनाया था उसकी लंबाई ३० मीटर की जा रही है। इससे उसका एस आकार खत्म हो जाएगा । पाइंट से तीस किलो मीटर की रफ्तार से ट्रेनों को निकाला जा सकता है। अभीं पाइंट से दस किमी की रफ्तार पर भी गाडिय़ों के टै्रक से उतरने की आश्ंाका थी।
सिग्नल हटाए गए: क्रास ओव्हर पर गाडिय़ों के लिए स्टार्ट और एडवांस सिग्नल लगाए गऐ थे। आगे शिफ्ट करने का कार्य किया जा रहा है। पाइंटों पर लगाए गए आटोमेटिक क्रास पाइंट के संचालन के लिए लगाई जाने वाली मोटरों को आगे ले जाया जा रहा है।
मिल सकती है एनआईटी
इस कार्य के खत्म होते ही भोपाल रेल मंडल कुल्हार और गुलाबगंज स्टेशनों को तीसरी लाइन को रनिंग टै्रक से जोडऩे के लिए एनआईटी दे सकता है। बरेठ से कुल्हार ,पबई से गुलाबगंज की बीच तीसरी लाइन का कार्य पूरा हो चुका है। यदि भोपाल रेल मंडल प्रबंधक द्वारा एनआईटी जारी की जाती है तो ये दोनों ही स्टेशन तीसरे रेलवे ट्रैेक से जुड़ जाएंगे।
ब्रिज निर्माण कार्य में तेजी
रेलवे अधिकारियों के बढ़ते दबाव से आरवीएनएल ने रेलवे स्टेशनो पर लंबित फुटब्रिज एक्सटेंशन का कार्य तेज कर दिया है । यह कार्य पिछले पांच महीनों से धीमी गति से चल रहा है। यह कार्य वैसे तो दिसंबर से पूर्व किया जाना था। फुटब्रिज की सुविधा न होने के कारण पूर्वी रेलवे व सिविल कालोनी के नागरिकों को लाइन क्रास कर आना पड़ रहा था।
रेलवे ट्रैेक की क्षमता बढ़ेगी
भविष्य में रेलवे टै्रक की क्षमता बढ़ाई जाएगी। ट्रेनों में बढ़ते डिब्बे और गति के चलते रेल लाइनों की क्षमता में इजाफा किया जा रहा है । पूर्व में रेलवे ट्रैेक पर जो लाइन डाली थी उसमें एक मीटर का वजन ५५ किलो था । इसके बाद ६० किलो वजन की लाइन का उपयोग किया जा रहा था। भविष्य में जो भी लाइन रेलवे लाइन डाली जाएगी उनका भार एक मीटर लंबाई में ६५ किलो होगा ।
ओएचई लाइन बदलेगी
तीसरी लाइन से रनिंग टै्रक के बीच जो ओएचई विद्युत लाइन लगाई गई थी उसे भी आगे बढ़ाने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। नई ओएचई लाइन प्रस्तावित लाइन की तरह डाली जाएगी। इसके चलते कई बिजली के खंभे प्रभावित होगे ।
काम प्रगति पर है
॥ स्टेशन पर क्रास ओव्हर १०१ को बढ़ाने का काम चल रहा है । फुटब्रिज निर्माण अंतिम चरण में हंै।
आरके भारद्वाज, स्टेशन प्रबंधक गंजबासौदा ।
योजना - रेलवे की तीसरी लाइन की लंबाई 30 मीटर बढ़ाने से कम होगी रेल हादसों की आशंका
ञ्चबुधवार से शुरू किया गया लाइन में सुधार करने का कार्य
गंजबासौदा। पूर्वी कालोनी की तरफ फुट ब्रिज का विस्तार भी अंतिम चरण में, अब लोगों को लाइन क्रास करना नहीं पड़ेगा।
गंजबासौदा। १०१ क्रास ओव्हर का कार्य प्रारंभ, इससे लाइन की गोलाई कम होगी।