अब परीक्षा फार्म जमा करने में मशक्कत
कार्यालय संवाददाता - सीहोर
यूनिवर्सिटी के अधिकारियों की गलती का खामियाजा इन दिनों कॉलेज के विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। प्रायवेट हो या रेगुलर छात्र, परीक्षा फार्म जमा कराना उनके लिए टेड़ी खीर साबित हो रहा है। बीयू की गलती के कारण कई विद्यार्थी परीक्षा से वंचित होने के लिए मजबूर हैं।
इस वर्ष नए प्रवेश नियम के तहत विद्यार्थियों को एडमिशन के लिए एमपी ऑनलाइन से रजिस्ट्रेशन करना था, लेकिन रजिस्ट्रेशन के समय प्रक्रिया विद्यार्थियों को नहीं बताई गई थी। अब जब परीक्षा फार्म जमा करने का समय आया तो पता चला कि रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर ही ऑनलाइन फार्म मिलेगा। लेकिन रजिस्ट्रेशन कराने वाले अधिकांश विद्यार्थियों को ऑनलाइन फार्म नहीं मिल पा रहे हैं। तकनीकि खामियों के चलते कई विद्यार्थियों के नामांकन नंबर पर फार्म नहीं मिल पा रहे हैं। यही नहीं कई विद्यार्थियों के एक जैसे नामांकन नंबर ही दे दिए गए। ऐसे में भी विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ रहा है। कुछ विद्यार्थियों को नामांकन का एसएमएस ही नहीं मिला। ऐसे में वे क्या करें, यह उनकी समझ के परे है।
नहीं है हेल्पलाइन
फार्म भरने में आ रही समस्या के समाधान के लिए यूनिवर्सिटी ने कोई हेल्पलाइन की भी सुविधा नहीं दी है। यही नहीं किसी तरह यूनिवर्सिटी नंबर पर कोई अधिकारी फोन उठा भी लेते हैं तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं देते।
विद्यार्थी कॉलेजों के लगा रहे चक्कर
फार्म जमा करने के लिए गुरुवार को बड़ी संख्या में विद्यार्थी कॉलेजों में चक्कर लगाते हुए नजर आए। अधिकांश विद्यार्थियों की यही समस्या थी कि उनका नामांकन नंबर पर फार्म नहीं निकल रहा है। छात्र नितिन शर्मा ने बताया कि दो दिन से यूनिवर्सिटी फोन लगा रहे हैं लेकिन कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। गुरुवार को नामांकन की आखिरी तारीख थी, लेकिन दोपहर से ही सर्वर परेशान करने लगा। एमए थर्ड सेमिस्टर के छात्र बनेसिंह धनवारे ने बताया कि वे करीब आधा दर्जन क्योस्क पर घूम आए हैं लेकिन पोर्टल नहीं खुल रहा है। इससे परेशानी हो रही है।
गलत जानकारी भरने से परेशानी
॥विद्यार्थियों ने नामांकन एमपी ऑनलाइन के क्योस्क सेंटर पर कराया है। नामांकन के समय गलत जानकारी भरने या क्योस्क संचालक की गलती से ही नामांकन में परेशानी हो रही है।
डॉ. जीडी सिंह, नोडल प्राचार्य
सीहोर. इस तरह से कॉलेज में छात्र-छात्राएं फार्म जमा करने कतारों में लगे रहे।