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‘कृषि उपज को अधिनियम से मुक्त रखा जाए’

8 वर्ष पहले
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कार्यालय संवाददाता - गंजबासौदा
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम २००६/२०११ के प्रभावशील होने के कारण व्यापारियों द्वारा सिर्फ मानक स्तर की ही उपज खरीदी जा रही है। इससे किसानों में रोष व्याप्त है। किसानों ने राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार उपेन्द्र चौहान को ज्ञापन सौंपते हुए कृषि उपज को अधिनियम से मुक्त करने की मांग की।
किसानों का कहना है कि प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदा और कीट पतंगों से फसल को नुकसान हो जाता है। कितनी भी कोशिश करें फसल को प्राकृतिक आपदा से बचाना मुश्किल है। मानक अधिनियम में इतने कड़े कानून हैं कि किसान अपनी उपज बेच ही नहीं सकता।
ज्ञापन देने से पहले सभी किसानों ने जय स्तंभ चौक पर एकत्रित होकर एक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें सभी किसानों ने अपनी-अपनी बात रखी। व्यापारियों द्वारा दागी, डंकी और मिट्टी युक्त उपज की खरीदी बंद कर देने से परेशान किसानों ने दो दिन तक जमकर प्रदर्शन किया और शहर के मुख्य मार्गो पर जाम लगा दिया। अधिनियम का विरोध धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। व्यापारियों का भी कहना है कि यदि वह अमानक स्तर की उपज खरीदते हैं तो उन पर कानून के तहत कठोर कार्रवाई के नियम हैं। ज्ञापन देने वालों में मंडी अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह रघुवंशी, हरीश खंडेलवाल, राहुल ठाकुर, शैलेन्द्र रघुवंशी, विनोद रघुवंशी, प्रकाश राय, चरण सिंह, सुरेन्द्र सिंह रघुवंशी सहित कई किसान मौजूद थे।