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ञ्चफसलों को हो रहे नुकसान से परेशान किसानञ्चगुरुवार रात से शुरू हुआ था बारिश का दौर

8 वर्ष पहले
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निज संवाददाता - बरेली
गुरुवार के तड़के करीब चार बजे से अंचल में एक बार फिर पानी और कहीं- कहीं ओले गिरने का क्रम शुरू हो गया। शाम के बाद भी ऐसी ही स्थिति बनी रही। इस कृषि प्रधान इलाके के लिए यह मौसम आफत का साबित हो रहा है। इससे खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंच रहा है।
सुबह-सुबह गडगड़ाहट के साथ तेज पानी बरसने की आवाज ने लोगों की नीद खोल दी। हालांकि बीती रात से ही मौसम का रुख कुछ इसी तरह का बना हुआ था। बीते सीजन में बर्बाद हो गई फसल के मुआवजे के लिए किसान अभी तक तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। इस बार भी फसल को यह मौसम खतरनाक साबित हो रहा है।
दलहन को ज्यादा नुकसान
किसान तुलसी सिंह ने बताया कि ऐसे मौसम से खेत में खड़ी दलहन फसलों को ज्यादा नुकसान हो रहा है। गोपाल ठाकुर का कहना है कि फसल बर्बाद होने के बाद कई महीने तक सर्वे का नाटक चलता रहता है, लेकिन मुआवजा बीच में ही गायब हो जाता है। अन्य किसान भी मौसम के तेवर देखकर ङ्क्षचतित बने हुए हैं।
तरस गए धूप को
गुरुवार को दिनभर धूप नहीं निकली। बादल- पानी के कारण मौसम कुछ ज्यादा ही सर्द बना रहा। दिन में भी लोग जगह- जगह अलाव जलाकर खुद को गर्माहट देने की कोशिश करते रहे। दुकानों के सामने जल रहे अलाव में ग्राहकों और दुकानदारों के साथ रास्ते से निकलने वाले भी रुक- रुक कर हाथ सेंकते रहे। ज्यादातर छोटे बच्चे स्कूल जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। एक बार फिर मौसम में बहुत ज्यादा ठंडक आ गई है।




बारिश से फसलों को नुकसान

बेगमगंज - बीती रात हुई बारिश से नगर एक बार फिर शीतलहर की चपेट में आ गया है। रात्रि दो बजे से गरज चमक के साथ हुई बारिश से जगह-जगह पानी भर गया। बारिश से फूल पर आ चुकी चना मसूर की फसल को नुकसान होना बताया जा रहा है। बिना फूलने वाली या फल रही फसल के लिए बारिश अच्छी मानी जा रही है। बारिश के कारण ठंड ने जोर पकड़ लिया है। सुबह तक बारिश के कारण शुरूआती कक्षाओं में पढऩे वाले अधिकतर बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे। ठंडी हवाओं ने पूरे दिन लोगों को ठिठुराया और लोग सर्दी से बचने के उपाय करते देखे गए।

तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मुआवजे की मांग

देवरी - बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर फसलों का सर्वे कराए जाने और मुआवजा दिलवाए जाने की मांग की है। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। देवरी सहित ग्राम थाला दिघावन, रिछावर, रमपुरा, गोरखपुर, आलीवाड़ा, गहलावन, सडऱई आदि गांवों किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं। चना, तुअर, तेवड़ा, मसूर आदि फसलों पर बारिश की मार पड़ी है। किसानों ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मुआवजे की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में मुकेश शर्मा, जगदीश चौरसिया, राधेश्याम पुरोहित, प्रदीप विश्वकर्मा, जसवंतसिंह रघु, विपिन चौरसिया, कैलाश मेहरा, राहुल धाकड़ आदि शामिल थे।



बारिश ने फसलों पर ढाया कहर, जनजीवन प्रभावित

सिलवानी - बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात से ही लगभग समूची तहसील में मावठे की जोरदार बारिश हुई। इससे आम जनजीवन तो प्रभावित हुआ ही बल्कि फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। कई क्षेत्रों में तो धनिया, सरसों व गेहूं की फसल के खेत में ही बिछ जाने की जानकारी मिली है। किसान बबलू पटेल चीचोली, राजीव रघुवंशी मुंआर, विश्वनाथसिंह रघुवंशी, मोरन पिपरिया, राजीव समैया ककरुआ आदि किसानों का कहना है इस बारिश से उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा है। बीती रात से हुई बारिश के चलते शीतलहर पुन: चलने लगी है। इस कारण एक बार फिर सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को लोग दिनभर ही अलाव के सामने बैठे रहे। कई बच्चे बारिश के कारण सुबह स्कूल तक नहीं पहुंच पाए।



बेमौसम बारिश - दलहनी फसलों को होगा नुकसान, ओले भी गिरे

रात भर चला बारिश का दौर

देवरी। मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

सिलवानी। बारिश से फसलों को हुआ नुकसान।