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शिक्षा विभाग ने ली बच्चों की सेहत की जिम्मेदारी
कार्यालय संवाददाता - नरसिंहगढ़
अब सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले कक्षा 6 से 8 के छात्र-छात्राओं को एनीमिया ((खून की कमी)) बीमारी से बचाने की जवाबदारी स्कूल शिक्षा विभाग ने उठाई है। इसके तहत हर मंगलवार को स्कूलों में हर बच्चे को आयरन फॉलिक एसिड की गोली खिलाई जाएगी। इसके अलावा बच्चों को पेट के कीड़ों के संक्रमण से बचाने के लिए साल में दो बार एल्बेंडेजोल गोलियां भी खिलाई जाएंगी। राज्य शिक्षा केंद्र ने इसके लिए सभी जिलों के डीपीसी को निर्देश जारी कर दिए हैं। मिशन में शिक्षा विभाग के साथ स्वास्थ्य विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग और महिला बाल विकास विभाग भी शामिल रहेंगे।
पढ़ाई के दिनों में स्कूलों में नहीं होंगे दूसरे आयोजन
सरकारी स्कूलों के परिसरों का इस्तेमाल शैक्षिक सत्र के दौरान विवाह सहित दूसरे आयोजनों के लिए नहीं किया जा सकेगा। स्कूल शिक्षा विभाग के उपसचिव केके द्विवेदी ने इसके लिए 22 जनवरी को आदेश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों की पढ़ाई में रुकावट आती है। इसलिए स्कूल परिसर में शैक्षिक सत्र में सभी आयोजन प्रतिबंधित कर दिए गए हैं।
प्रोजेक्ट के तहत पोस्टर से देंगे बदलावों का संदेश
शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का संदेश अब शिक्षा विभाग शैक्षिक पोस्टर्स की मदद से देगा। इसके लिए राज्य शिक्षा केंद्र और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने मिलकर 19 पोस्टर्स का सेट तैयार किया है। इन्हें राज्य के सभी 50 जिलों के सीसीई पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित 119 स्कूलों और 19 जिलों के डाइट संस्थानों को दिया जाएगा। हर जिले के एपीसी को 27 जनवरी तक इन पोस्टर्स को राज्य शिक्षा केंद्र से प्राप्त कर संबंधित संस्थाओं तक 31 जनवरी तक पहुंचाना होगा। इन पोस्टर्स का मकसद शिक्षा के क्षेत्र में बन रही नई समझ को लोगों तक पहुंचाना और शैक्षिक प्रशिक्षणों के बिंदुओं को और ज्यादा आसानी से समझाना है।
इसलिए मिशन की जरूरत पड़ी
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे 2013 के मुताबिक प्रदेश में 19 साल की उम्र तक के 55 प्रतिशत किशोर, किशोरियां खून की कमी बीमारी एनीमिया से ग्रस्त हैं।
ऐसे मिलेगा गोलियों से फायदा
आयरन फालिक एसिड की एक गोली में 100 ग्राम आयरन और 500 ग्राम फालिक एसिड होता है। इससे शरीर में खून के उपयुक्त निर्माण की दर बढ़ाई जा सकती है।
दिए हैं निर्देश
‘शैक्षिक माहौल तैयार करने और विद्यार्थियों की सेहत अच्छी रखने के उद्देश्य से नए आदेश दिए गए हैं। इसके लिए सभी जिला परियोजना समन्वयकों को निर्देश दिए गए हैं।
रश्मि अरुण शर्मा, आयुक्त राज्य शिक्षा केंद्र मप्र शासन भोपाल।