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कार्रवाई के लिए अभाविप ने उठाई मांग

8 वर्ष पहले
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सीहोर - अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आरटीई नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। इसके लिए डीईओ डीके शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें कहा है कि शहर में करीब एक दर्जन से अधिक स्कूल आरटीई के मापदंड पूरे नहीं कर रहे हैं। यही नहीं जिले में अधिकांश स्कूलों को अब तक मान्यता नहीं मिली है। ऐसे में मापदंड पूरे नहीं करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द की जाए और बिना मान्यता के स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
डीईओ श्री शर्मा को ज्ञापन देते समय जिला संयोजक निखिल कुईया, अमित राठौर, विकास सक्सेना, पिंटू प्रजापति, दीपक श्रीवास्तव, संजय चंद्रवंशी, शिवम टंडन आदि उपस्थित थे।



जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय।

कार्रवाई की जाएगी

॥ मापदंड पूरा नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन स्कूलों में हाई व हायर सेकंडरी में पढ़ रहे विद्यार्थी अब प्राइवेट हो जाएंगे।

डीके शर्मा, डीईओ

अभी तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

जिला शिक्षा विभाग की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। उल्लेखनीय है कि इस तरह से मापदंड पूरे नहीं करने वाले स्कूलों के बच्चों को इस साल प्राइवेट के रूप में परीक्षा देना होगी।

तीन साल भी पड़े कम

निजी स्कूलों को अधिनियम के तहत तीन साल का समय दिया गया था। इस अवधि में इन सभी स्कूलों को निर्धारित किए गए मापदंड़ों को पूरा करना था लेकिन ऐसा नहीं हो सका। तीन साल में भी यह नियमों को पूरा नहीं कर पाए। आखिरकार अब कार्रवाई होना शुरू हो गई।

खेल मैदानों का पता नहीं

अधिकतर स्कूल ऐसे हैं जिनके पास अपने भवन तो हैं लेकिन खेल मैदानों के लिए कोई जगह नहीं है। ऐसे में इन स्कूलों में कोई भी खेल गतिविधियां नहीं हो पाती हैं। जबकि अधिनियम में यह निर्धारित किया गया है कि प्रत्येक स्कूल में सबसे पहले सर्वसुविधायुक्त भवन और खेल मैदान होना चाहिए।



किराए के भवनों में स्कूल

जिलेभर में दर्जनों स्कूल ऐसे हैं जो किराए के भवनों में चल रहे हैं। इसके बाद भी इन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। दो से चार कक्षों के इन किराए के स्कूलों में छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम का भी यह स्कूल पालन नहीं कर पा रहे हैं।

इन स्कूलों का भेजा प्रस्ताव

हायर सेकंडरी स्कूल नवोदित विद्या मंदिर सीहोर, महात्मा गांधी स्कूल, आरजीएम, गांधी कबीर, एव्हीएम, अरुण हाई स्कूल, मानकचंद महेश्वरी और हायर सेकंडरी स्कूल आदर्श मालवा हैं।

1558 बच्चे होंगे प्रभावित

इन स्कूलों में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं में सबसे अधिक हाई स्कूल के विद्यार्थी हैं। इनकी संख्या 848 है। इसी तरह हायर सेकंडरी की परीक्षा में शामिल होने वाले 710 छात्र-छात्राओं को भी प्राइवेट के रूप में परीक्षा देना होगी।



कार्यालय संवाददाता - सीहोर

तीन साल पूरे होने के बाद भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम का पालन अधिकतर निजी स्कूलों में नहीं हो पा रहा है। इन स्कूलों में आज भी इतनी कमियां हैं कि यहां पढऩे वाले बच्चों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इस तरह के 8 स्कूलों पर जिला शिक्षा विभाग ने शिकंजा कसते हुए इनके हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को प्राइवेट करने के लिए प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा मंडल को भेज दिया है।

सभी निजी और शासकीय स्कूलों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सभी मापदंडों का पालन करना था। अधिनियम के तहत जो कुछ होना था, उनमें स्कूलों में खेल मैदान और उनका सर्वसुविधायुक्त भवन होना जरूरी था। इसी के साथ शुद्घ पेयजल की व्यवस्था के साथ ही कक्षों में पर्याप्त फर्नीचर होना जरूरी था। इसके साथ बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ भी होना था।

आठ निजी स्कूल में नियम-पालन नहीं

जिला शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की जांच कराई थी। इसमें आठ स्कूल ऐसे मिले जिनमें शिक्षा के अधिकार अधिनियम के मापदंडों का पालन नहीं हो पा रहा था। इन स्कूलों को नियम पूरा करने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने कई बार निर्देश भी दिए लेकिन इसके बाद भी इनका पालन नहीं हो पाया। इसी तरह कई अन्य स्कूल भी ऐसे हैं जो नियम पूरे नहीं करते हैं।

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