भूख हड़़ताल पर बैठीं सरपंच
ञ्च शिकायत करने के बाद नहीं हो सकी सुनवाई
ञ्च सरपंच की भूख हड़ताल को गांव की महिलाओं ने भी दिया समर्थन
निज संवाददाता - नसरुल्लागंज
शुक्रवार को ग्राम पंचायत राला की भाजपा समर्थित आदिवासी विकलांग सरपंच चिंता बाई १८ सूत्रीय मांगों को लेकर भूख हड़़ताल पर बैठ गई हैं। भूख हड़़ताल ग्राम पंचायत भवन के सामने की जा रही है। इस दौरान उन्हें तहसीलदार ने भूख हड़ताल नहीं करने को लेकर समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन सरपंच अपनी जिद पर अड़ी रहीं।
उल्लेखनीय है कि सरपंच चिंता बाई पिछले एक सप्ताह से ग्राम पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार व अनियमितताओं की शिकायतों को लेकर कलेक्टर, प्रशासन व ग्रामीण एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों से गुहार लगा चुकी हैं। इसके बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस कारण अब वह अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार दर्जनों महिलाओं के साथ भूख हड़़ताल पर बैठ गई हैं। सरपंच चिंता बाई ने प्रशासन को १८ सूत्रीय मांग पत्र दिया है। इसमें बताया गया है कि भाजपा नेता धीरज पटेल द्वारा सरपंच के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था। इसकी रिपोर्ट एक सप्ताह पहले थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद भी अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। पंच शेषराम व सचिव धीरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा मेरे जाली हस्ताक्षर कर बैंक से लाखों रुपए की राशि निकाल ली गई है। इसके अलावा सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार, शासन की योजनाओं की जानकारी न देना, शासकीय संपिा बिना अनुमति बेचना आदि हैं।
कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में गुस्सा
कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत की गई। शिकायत के समय अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन तो दिया लेकिन बाद में कुछ नहीं हो सका। इस बात को लेकर ग्रामीणों में काफी गुस्सा है।
सरपंच ने बैंकों को दिया आवेदन
सरपंच चिंता बाई ने पंचायत से संबंधित समस्त बैंकों को आवेदन देकर अपने हस्ताक्षर युक्त चैकों की जांच के संबंध में आवेदन दिया है। इसकी भी बैंकों द्वारा जांच शुरू कर दी गई है।
आश्वासन दिया
॥पंचायत के समस्त ग्रामीणों व पंचायत सरपंच को जांच के लिए दिया गया है। जांच चल रही है। इसके बाद भी हड़ताल की जा रही है। इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है।
संदीप अस्थाना, तहसीलदार
तहसीलदार पहुंचे मौके पर
भूख हड़ताल की जानकारी मिलते ही तहसीलदार संदीप अस्थाना राला पहुंचे और सरपंच से चर्चा की। उन्होंने मांग पत्र में दी गई जानकारी की जांच में समय लगने की बात कही और प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच शुरू कर दी गई है। इस अवधि में पंचायत के सचिव को भी अवकाश दे दिया गया हैं। इसके बाद भी सरपंच व महिलाएं हड़ताल पर डटी हुई हैं। सरपंच का कहना है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं की जाती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। जनपद पंचायत के सीईओ राजीव शुक्ला ने बताया कि सरपंच द्वारा लगाए गए आरोपों के चलते सचिव से पंचायत का कार्यभार लेकर ग्राम पंचायत सेमलपानी के सचिव सुरेश विश्वकर्मा को सौंप दिया गया है। इसके अलावा पंचायत सचिव धीरेंद्र प्रताप सिंह से पंचायत का रिकार्ड भी ले लिया है।
नसरुल्लागंज. सुनवाई नहीं होने पर सरपंच के साथ महिलाओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया।
समस्या - भ्रष्टाचार की शिकायत पर सुनवाई नहीं होने से विरोध प्रदर्शन