सुधार का पहला दौर ही नाकाम
कार्यालय संवाददाता - नरसिंहगढ़
शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने का प्रशासन का दावा पूरा नहीं हो पाया। एक सप्ताह पहले हाथठेलों की शिफ्टिंग, बाजार से अतिक्रमण हटाने और बस स्टैंड से लोडिंग वाहनों को पत्थर पीठे पर भेजने के लिए किए गए नए सुधार कुछ घंटे भी नहीं चले। सब कुछ पुराने ढर्रे पर लौट आया। हाथ ठेले वाले बस स्टैंड पर पहुंचे ही नहीं। पहले की तरह छत्री चौराहे से मेन मार्केट पर सड़क के बीचोंबीच उनके ठेले लग रहे हैं। बस स्टैंड पर हाथठेलों के लिए तय जगह पर लोडिंग वाहन खड़े हुए हैं और बाजार में दुकानों के सामने 5 से 8 फीट तक दुकानदारों ने अतिक्रमण कर अपना सामान जमा रखा है। इससे लोगों को सड़क पर निकलने के लिए जगह भी नहीं बची है। नपा का कहना है कि उसे पुलिस का बिल्कुल सहयोग नहीं मिल रहा है। इसलिए व्यवस्थाएं नहीं बन रही हैं।
नरसिंहगढ़ । बस स्टैंड पर हाथठेलों के लिए निर्धारित जगह पर पहले की तरह लोडिंग वाहन खड़े हो रहे हैं और हाथठेले बाजार में आम रास्ते पर खड़े किए जा रहे हैं।
यह था नगरपालिका और प्रशासन का प्लान
> फलों के हाथठेलों के लिए बस स्टैंड की स्टेडियम रोड के किनारे जगह देकर पाइप से रेलिंग कर ऊपर से टीनशेड किया जाना था। इसमें नगरपालिका लाइट कनेक्शन भी देती। ऐसा हाथठेला वालों को मौसम की मार और अंधेरे से बचाने के लिए किया जाता।
> सभी लोडिंग वाहनों के लिए पत्थरपीठा निर्धारित किया गया था।
> साप्ताहिक सब्जी बाजार के लिए हरदौल लाला चौक के पास नपा की आरक्षित जगह का चयन किया गया था।
ठेलेवालों का तर्क
हाथठेला व्यवसायियों का तर्क है कि बस स्टैंड पर उन्हें शिफ्ट करने से उनका व्यवसाय नहीं चलेगा। हालांकि पहले ठेला व्यवसायी इस बात पर राजी हो गए थे कि प्रशासन उन्हें कोई दूसरी जगह देगा तो वे इसे मानेंगे। अब वे इस पर राजी नहीं हैं।
पार्किंग शहर की जरूरत
॥ सुरक्षित यातायात और व्यवस्थित पार्किंग शहर की सबसे बड़ी जरूरत है। हमने इसके लिए पहले दौर का प्लान बनाया था। इसके कामयाब होने पर दूसरे दौर का काम शुरू होता, लेकिन पुलिस और प्रशासन के बीच तालमेल नहीं बनने से पहला दौर ही कामयाब नहीं हो पाया। अगर शहर का विकास करना है तो पुलिस को अपनी लापरवाही छोडऩी होगी।’
गिरीश भंडारी, विधायक नरसिंहगढ़।
पुलिस नहीं कर रही मदद
॥ हमने शहर की यातायात और पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी और विधायक के बनाए प्लान को लागू किया था। नगरपालिका इसमें सारी व्यवस्थाएं जुटाने के लिए पहले दिन से ही लगी हुई है, लेकिन पुलिस से हमें बिल्कुल भी मदद नहीं मिल रही है। हाथठेला वालों को निर्धारित जगह पर ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने जाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। हमारा मकसद किसी का रोजगार छीनना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवस्थित करना है। इतनी सी बात पर न तो पुलिस का और न ही व्यवसायियों का सहयोग हमें मिल रहा है।’
पवन मिश्रा, सीएमओ नगरपालिका परिषद कार्यालय नरसिंहगढ़।
एक सप्ताह पहले किए गए इंतजाम फिर जस के तस, बीच सड़क पर लग रहे ठेले