अपनी बात पर अड़े व्यापारी
ञ्चअधिनियम संशोधन नहीं करने पर व्यापारी कर रहे हैं विरोध
ञ्चमंडी नोडल अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने की मध्यस्थता
कार्यालय संवाददाता - आष्टा
कृषि उपज मंडी में नीलामी कार्य एक सप्ताह से बंद पड़ा है। व्यापारी खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लेकर अमानक उपज की खरीदी नहीं कर रहे हैं। इस मामले को सुलझाने के लिए मंडी नोडल अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की बैठक भी आयोजित की गई, लेकिन व्यापारी कानून संशोधन नहीं होने तक नीलामी कार्य बंद रखने पर अड़े रहे।
आगामी ४ फरवरी से खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम लागू होना है। इसके बाद कृषि उपज मंडी में मानक स्तर की उपज क्रय करनी होगी। इसी के साथ व्यापारियों द्वारा अमानक उपज का क्रय नहीं किया जाएगा। इससे किसानों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि नगर के मंडी व्यापारियों ने २० जनवरी से ही किसानों की अमानक उपज लेने से मना कर दिया था। इस पर किसानों ने हंगामा खड़ा कर दिया था। इस कारण पुलिस-प्रशासन व मंडी समिति के प्रयासों से २१ जनवरी तक व्यापारियों को अमानक उपज का क्रय करना पड़ा था। लगातार अमानक उपज को लेकर हो रहे विवाद को देखते हुए आखिरकार प्रशासन के निर्देश पर मंडी समिति ने अनिश्चित काल के लिए मंडी में नीलामी कार्य बंद कर दिया था।
मंडी बोर्ड के निर्देश पर बुलाई बैठक
इस समस्या के निदान के लिए मंडी बोर्ड भोपाल के प्रबंध संचालक के निर्देश पर कृषि उपज मंडी में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं नियम 2011 के प्रावधानों से लाईसेंसधारी व्यापारियों को अवगत कराने बैठक रखी। इसमें नोडल अधिकारी व सीहोर मंडी सचिव डीपी पटेरिया, विधायक रंजीत सिंह गुणवान, जनपद पंचायत अध्यक्ष धारा सिंह पटेल, मंडी अध्यक्ष धरम सिंह आर्य मंडी उपाध्यक्ष लाड़ो बाई, भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री जीवन सिंह परमार, जिलाध्यक्ष सूरज सिंह ठाकुर उपस्थित हुए।
बैठक में नहीं निकला कोई नतीजा
॥ मंडी में नीलामी शुरू कराने के लिए बैठक का आयोजन किया था, लेकिन व्यापारियों के अपनी मांग पर अड़े होने से सहमति नहीं बन सकी।
आनंद मोहन व्यास, सचिव, कृउमं
घंटों मशक्कत बाद भी नहीं बन सकी सहमति
बैठक में उपस्थित व्यापारियों एवं किसान संघ प्रतिनिधियों को नोडल मंडी सचिव श्री पटेरिया तथा मंडी सचिव आष्टा आनंद मोहन व्यास ने शासन-प्रशासन की मंशा बताते हुए हुए मंडी शुरू करने अवगत कराया। इसके बाद भी व्यापारी अधिनियम में संशोधन होने तक व्यवसाय बंद रखने के निर्णय पर अड़े रहे। इससे मंडी खुलने पर सहमति नहीं बन सकी। इस अवसर पर मंडी संचालक ठाकुर प्रसाद वर्मा, सौभाग्य सिंह, व्यापारी सदस्य सुनील कुमार जैन, महेश कर्मोदिया प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
दूसरी मंडी कैसे खरीदेगी माल
बैठक में अनाज तिलहन संघ के अध्यक्ष संतोष झंवर तथा सदस्यों ने कहा कि मंडी प्रांगण में आने वाली समस्त कृषि उपज उसी स्वरूप में आगे भेजी जाती है। अमानक स्तर की उपज क्रय करने पर इसे अन्य मंडी के व्यापारी नहीं लेगें। इससे व्यापारियों का काफी नुकसान होगा। इस कारण इसे अनुज्ञप्तिकरण की परिधि से मुक्त रखा जाना चाहिए।
कानून को लेकर असमंजस
बैठक में खाद्य सुरक्षा कानून को समझने में भी असमंजस की स्थिति देखने को मिली। यह समस्या प्रमुखता से उठी कि कानून को लागू करने से उत्पन्न होने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों से व्यापार करना असंभव होगा। बगैर संसोधनों व अधिकृत मानकों की जानकारी कैसे होगी। घोष विक्रय कृषि उपज का मानक अमानक क्रय करना ही स्पष्ट नहीं है।
हालात - बैठक के बाद भी नहीं बनी गल्ला मंडी में उपज नीलामी की सहमति