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ञ्चकभी भी गिर सकता है109 साल पुराना नदी का पुल, फिर भी निकल रहे वाहन ञ्च पहले बसें और भारी वाहनों और अब सभी तरह के चार पहिया वाहनों पर लगी रोक
कार्यालय संवाददाता - सीहोर
अंग्रेजों के जमाने में बनाया गया सीवन नदी का पुल सोमवार दोपहर को बीच में से दरकने लगा। यही नहीं इसकी रेलिंग भी टूटकर नीचे गिर गई। हालत यह है कि पुल कभी भी गिर सकता है। इसके बाद भी प्रशासन ने इसकी सुध नहीं ली है। इससे यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सोमवार को दोपहर के समय सीवन नदी पर बने पुल का हिस्सा बीच में से टूटकर गिरने लगा। इसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और जायजा लिया। स्थिति को देखते हुए पुल से सभी तरह के चार पहिया वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। यहां पर कई पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गर्ईं। इनमें पानी की सप्लाई लाइन के अलावा टेलीफोन व मोबाइल कंपनी की लाइनें भी थीं।
एक जनवरी को सीवन नदी के पुल का एक पिलर क्षतिग्रस्त होने लगा था। उसके बाद यहां पुल के ऊपर क्षतिग्रस्त हिस्से वाले क्षेत्र में बेरीकेड्स लगा दिए गए थे। यहां पर यातायात बाधित होने लगा था। एक सप्ताह बाद ब्रिज संभाग भोपाल की टीम आई थी और उसने जायजा लिया। इसके बाद टीम ने इस पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी।
4 करोड़ से बनेगा नया पुल
सीवन नदी पर बना पुल 109 साल पुराना हो चुका है। यह पुल वर्ष 1904 में बनाया गया था। लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग भोपाल की टीम ने यहां पर नया पुल बनाने के लिए प्लान बनाया था। इसे स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा गया है। क्षतिग्रस्त हुए सीवन के पुल को अब तोड़ा जाएगा। इसके स्थान पर 4 करोड़ की लागत से नया पुल बनाया जाएगा।
कभी नहीं हुई मरम्मत
भोपाल-इंदौर हाईवे पर बना सालों पुराना सीवन नदी का पुल खस्ताहाल हो गया है। मरम्मत के अभाव में कुछ हिस्सा एक तरफ धंसने लगा था।
इनके लिए नियमों की अनदेखी की जा रही थी।
निकलते रहे वीआईपी वाहन
खतरनाक स्थिति में क्षतिग्रस्त हो गए पुल से जब सभी चार पहिया वाहनों को रोक दिया गया तो पीली बत्ती के इन वाहनों के लिए रास्ते खोल दिए गए। इनके लिए नियमों की अनदेखी चलती रही। भले ही हादसा हो जाए। जिम्मेदार ही जब ऐसा करेंगे तो आमजन तो नियमों को तोड़ेगा ही।
रोक दिया आवागमन
सीवन नदी पर बने इस पुल पर अधिकारियों ने सोमवार को दोपहर 3.30 बजे से सभी तरह के चार पहिया वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी। यहां से केवल दो पहिया वाहनों को ही आने-जाने दिया जा रहा था।
पूरी तरह से रोका जा सकता है यातायात
अधिकारियों का कहना था कि पुल की स्थिति को देखते हुए यहां से पूरी तरह से आवागमन को रोकना पड़ेगा। उनका कहना था कि कि यहां से दोपहिया वाहनों के आने-जाने पर भी रोक लगाना पड़ेगी।
दरक कर गिर गए ब्रिज के पत्थर।
अभी प्लान को नहीं मिली हरी झंडी
पिछले दिनों 4 करोड़ से बनाए जाने वाले पुल के लिए जो प्लान स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा गया है, अभी उसे हरी झंडी नहीं मिली है। यदि यही हालत रही तो नया पुल बनने में सालों का समय लग जाएगा।
पुराना टूटने के बाद नया पुल बनेगा
नया पुल पुराने के स्थान पर ही बनाया जाएगा। इसके लिए पहले पुराने पुल का तोड़ा जाएगा। इसके बाद इसी स्थान पर नए पुल का निर्माण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि एक तरफ मंदिर है तो दूसरी तरफ दुकानें हैं। इस कारण से नए पुल के निर्माण के लिए स्थान को परिवर्तित नहीं किया गया है।
19 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा
प्लान के मुताबिक जो नया पुल बनाया जाएगा, वह 19 मीटर लंबा रहेगा। इसी के साथ इस पुल की चौड़ाई 12 मीटर रखी जाएगी। इसके अलावा इस पुल के दोनों ओर फुटपाथ भी रहेंगे। पैदल आने-जाने वाले लोगों के लिए यह सुविधा रहेगी।
सीहोर. सोमवार दोपहर के समय इस तरह सीवन नदी पर बना पुल बीच में से टूटकर गिरने लगा है।
सीवन पुल का एक हिस्सा गिरा
हालात - सोमवार दोपहर को बीच से टूटने लगा पुल, रेलिंग भी टूटकर गिरी