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राजगढ़ से लोस चुनाव लडऩे को राजी नहीं थे दिग्विजय
विशेष संवाददाता - भोपाल
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह राजगढ़ से लोकसभा चुनाव नहीं लडऩा चाहते थे। विधानसभा सत्र के दौरान दिग्विजय ने कहा था कि वे राजगढ़ छोड़ कर किसी अन्य सीट से लोकसभा चुनाव लडऩा चाहते हैं, हालांकि उनका तर्क था कि यहां से कांग्रेस के नारायण सिंह आमलाबे सांसद हैं। उनका टिकट काट कर वे चुनाव नहीं लडऩा चाहते।
सूत्र बताते हैं कि इसकी असल वजह विधानसभा चुनाव में राजगढ़ में कांग्रेस का खराब प्रदर्शन है। राजगढ़ संसदीय क्षेत्र की आठ में से छह विधानसभा सीटें भाजपा के पास हैं। कांग्रेस इस संसदीय क्षेत्र की केवल दो सीटें राघोगढ़ और नरसिंहगढ़ ही जीत पाई है। चांचौड़ा से कांग्रेस की हार खासी चौंकाने वाली है। दिग्विजय के गृह नगर राघोगढ़ से सटी हुई चांचौड़ा सीट पर दिग्विजय के करीबी माने जाने वाले शिवनारायण मीणा भाजपा की ममता मीणा से करीब 35 हजार वोट से चुनाव हार गए। यदि लोकसभा सीट में शामिल आठों विधानसभा सीटों के चुनाव परिणामों में जीत के अंतर का हिसाब लगाया जाए तो कांग्रेस 65 हजार से अधिक वोटों से पीछे हैं।
सागर, विदिशा और इंदौर में कराया था सर्वे : सूत्रों के अनुसार दिग्विजय सिंह ने सागर, विदिशा और इंदौर में अपनी उम्मीदवारी को लेकर सर्वे कराया था। विदिशा से वे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज को टक्कर देना चाहते थे। विदिशा से मौका नहीं मिलने पर उनकी इच्छा सागर से चुनाव लडऩे की थी।