दो साल भी नहीं चली करोड़ों की सड़क
निज संवाददाता - नसरुल्लागंज/छीपानेर
शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें बनाने के लिए करोड़ो रुपए की स्वीकृति दी है। इससे जो सड़कें बनाई जा रही हैं वह इतनी घटिया हैं कि कुछ समय बाद ही उखडऩे लगी हैं। इससे शासन के करोड़ों रुपए बर्बाद हो रहे हैं। इसकी शिकायतें करने के बाद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
क्षेत्र के गांव इटारसी में मप्र किसान सड़क निधि से इटारसी से ससली तक स्वीकृत एक करोड़ ९४ लाख रुपए की ५.६ किमी सड़क सितंबर २०११ में बनाई गई थी। यह सड़क वर्ष २०१२ में मार्च माह से ही उखडऩे लगी। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण कार्य का बोर्ड पड़ा है कंडे के ढेर में
निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क निर्माण संबंधी जानकारी का बोर्ड सड़क पर नहीं लगाया है। यह बोर्ड गांव में एक ग्रामीण घर कंडे के ढेर में पटक दिया गया है।
छीपानेर संवाददाता ने बताया कि निर्माण कार्य का बोर्ड इटारसी गांव के लखन आदिवासी के घर कंडे के ढेर में दबा पड़ा मिला है। बताया गया है कि निर्माण एजेंसी यह बोर्ड यहां पटक कर चली गई है।
निमार्ण कार्य में किया गया घटिया सामग्री का उपयोग
इटारसी गांव के नरेंद्र सिंह मौर्य, बेनी सिंह राजपूत, दयाल सिंह राजपूत आदि ने बताया कि यह सड़क भाजपा जिला अध्यक्ष रघुनाथ सिंह भाटी के घर के सामने से निकली है। इसके बाद भी जनप्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। सड़क के अर्थ वर्क में नदी से निकला कच्चा पत्थर डाला गया है। पुलिया का निर्माण कार्य भी नहीं किया गया है और रपटा बनाकर छोड़ दिया गया है। सड़क में तीन इंच डामर के लेप के स्थान पर एक इंच डामर की परत चढ़ाई गई है। इससे सड़क एक बारिश भी नहीं झेल पाई।
मरम्मत में भी घटिया सामग्री
इटारसी व ससली गांव के ग्रामीणों द्वारा सड़क की शिकायत किसान विपणन बोर्ड को की गई थी। इस पर बोर्ड द्वारा निर्माण एजेंसी को नोटिस दिया गया। अब सड़ककी मरम्मत की जा रही है। इसमें भी घटिया मटेरियल ही लगाया जा रहा है।
दोनों गांव के ग्रामीणों ने बताया कि शासन द्वारा यदि सड़क की जांच नहीं कराई गई और सड़क की मरम्मत का कार्य ठीक ढंग से नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
दिया गया है नोटिस
॥ सड़क की गारंटी तीन साल की है। निर्माण एजेंसी को नोटिस दिया गया है। यदि गुणवत्ता के आधार पर सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो कार्रवाई की जाएगी।
बसंत शर्मा, एसडीओ मंडी बोर्ड भोपाल
नसरुल्लागंज. करोड़ों की सड़क का मरम्मत कार्य घटिया हो रहा है।
शासन ने दी नवीन सड़कों को मंजूरी
नसरुल्लागंज - शासन द्वारा गांव सातदेव से सातदेव आश्रम तक एक किमी सड़क लागत ९७ लाख, चींच चमेटी से नीलकं ठ ४ किमी, २ करोड़ ७३ लाख, पांडागांव से केवट कालोनी २ किमी, ९९ लाख, लाड़कुई से गुलरपुरा ४.६० किमी, २ करोड़ ९९ लाख, लाड़कुई से हबीबनगर २.८० किमी तक एक करोड़ ५१ लाख, सिंहपुर से लाड़कुई १.९० किमी तक एक करोड़ २६ लाख व पांडागांव पहुंच मार्ग २ किमी एक करोड़ ७५ लाख रुपए से निर्माण कार्य किया जा रहा है। शासन ने क्षेत्र के हरदा, सिवनी मालवा, नसरुल्लागंज व खातेगांव के लोगों के लिए भोपाल पहुंचने का मार्ग अब सुलभ करने की योजना बनाई है। इसके लिए मालीबांया से वीरपुर डेम तक ३४ किमी सड़क निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह सड़क ४१ करोड़ रुपए की लागत से बनेगी। इनकी गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाना जरूरी है।