अधिनियम से किसानों को रखा जाए मुक्त
कार्यालय संवाददाता - आष्टा
भारतीय किसान संघ ने मंगलवार को कृषि उपज मंडी में किसानों की समस्याओं को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया गया। जिसमें किसानों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम से मुक्त रखे जाने की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि इस वर्ष अति वर्षा से किसानों की सोयाबीन की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। इसका किसानों को २० हजार रुपए के हिसाब से तत्काल मुआवजा दिया जाए। इसी प्रकार अनावरी पद्धति को संशोधित करते हुए प्रतिवर्ष प्रत्येक फसल की अनावरी निकाली जाए। इसके साथ ही जंगली जानवरों से किसानों की फसल को नष्ट करने पर फसल की क्षति पूर्ति दी जाए। दुग्ध उत्पादक किसानों को उनकी लागत को ध्यान में रखकर दुग्ध का मूल्य ८ रुपए प्रति फेट की दर से दिया जाए।
इसी प्रकार ज्ञापन में मांग की गई कि गेहूं के समर्थन मूल्य पर प्रदेश सरकार द्वारा ३०० रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस दिया जाए, बीज उत्पादक किसानों को उत्पादन अनुदान दिया जाए, ११ केवी के वर्षो पुराने तार खंबे बदले जाए, किसानों को कम से कम ५०० फीट की दूरी पर स्थाई कनेक्शन दिया जाए, विद्युत वितरण कंपनी द्वारा किसानों को नए स्थाई कनेक्शन निशुल्क दिया जाए, सेवा सहकारी संस्थाओं में किसानों का बीमा में किसानों की आयु सीमा समाप्त की जाए,
प्रधानमंत्री के नाम भी दिया गया ज्ञापन
भाकिसं के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के नाम भी एसडीएम को ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि किसानों की कृषि उपज की लागत को ध्यान में रखकर लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य दिया जाए। किसानों की कृषि उपज का समर्थन मूल्य आयोग की सिफारिश को मान्य किया जाए। मनरेगा को कृषि कार्य से जोड़ा जाए।
ज्ञापन देने वालों में भाकिसं जिलाध्यक्ष सूरज सिंह ठाकुर, जिला मंत्री जीवन सिंह परमार, मान सिंह ठाकुर, कन्हैयालाल परमार, रूगनाथ सिंह पाटीदार, जगदीश डाबरी, जीवन सिंह मितवाल हैं।
मंडी में लगी भीड़ : मंगलवार को भाकिसं के आंदोलन में क्षेत्र के कई गांवों से किसानों ने पहुंचकर भाग लिया। इसमें पदाधिकारियों ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय किसान संघ किसानों के हित में ही कार्य करता आ रहा है।
आष्टा. भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी संबोधित करते हुए।
मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने दिया मंडी में धरना, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा