खेतों में पड़ी है खराब फसलें
ञ्चग्रमीण क्षेत्रों का किया अधिकारियों ने भ्रमण
कार्यालय संवाददाता - आष्टा
कृषि उपज मंडी समिति की संचालक कमला धनवान ने टीम के साथ ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में जाकर बारिश के साथ चली तेज हवाओं से बर्बाद हुई फसलों का जायजा लिया और शासन से किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
उन्होंने गांव गोदी, बनवीरपुरा, लौरासखुर्द, पटारिया गोयल, कमालपुर-हुसेनपुर खेड़ी, छापरी, टांडा, दुपाडिय़ा, मालीखेड़ी, मूंदीखेड़ी, पलासी, काजीखेड़ी, धनाना, लख्मीपुर, बगड़ावदा, शंभूखेड़ी, मूंडला, लौरास कलां, हकीमाबाद, पलासी, चामसी, बैजनाथ, गोपालपुर, डाबरी, भेरुपुर, परोलिया पार, मालीपुरा, दलपतपुरा, किलेरामा सहित दो दर्जन से अधिक गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पिछले दिनों कोहरा व बेमौसम बारिश व हवा चलने से खेतों में खड़ी गेहूं, चना, मसूर व मटर की बर्बाद हुई फसलों को भी देखा और कहा कि प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसल की गुणवत्ता व उत्पादन पर भी विपरीत असर पड़ेगा।
किसानों में छाई निराशा
ज्ञात रहे कि पिछले वर्ष भी अति वर्षा व आपदा से किसानों की रबी व खरीफ फसल बर्बाद हो गई थी। इस नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को रबी फसल से काफी आस थी, लेकिन इसे भी बारिश व कोहरे ने बर्बाद कर दिया है। इससे किसानों के चेहरे पर मायूसी देखने को मिल रही है।
किसानों को मिले आर्थिक सहायता
मंडी संचालक ने मुख्यमंत्री, जिला प्रभारी मंत्री व प्रशासन से खेत नुकसान को इकाई मानकर प्राकृतिक आपदा के तहत क्षेत्र के आपदा प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की। इसके अलावा राष्ट्रीय बीमा योजना के तहत कृषि व सहकारिता विभाग के माध्यम से फसल नुकसान की क्षतिपूर्ति का आंकलन कर बीमा योजना की पृथक से आर्थिक सहायता राशि दी जाए। किसानों की हालत खराब हो गई है। इस साल तेज बारिश के बाद सर्दी और आंधी ने काफी नुकसान पहुंचाया है।
ये लोग थे मौजूद
इस अवसर पर बंशीलाल धनवाल, जशरथ सिंह मेवाड़ा, देवराज परमार, सवाई सिंह मेवाड़ा, केदार सिंह, भगवान सिंह, कैलाश यादव, राय सिंह, महेश यादव, दिलीप मेवाड़ा, रमेश मेवाड़ा, प्रकाश पटेल, जटाल सिंह, भगवत सिंह, सुनील ठाकुर, सतीश पटेल, सीताराम थे।
आष्टा. पिछले दिनों बारिश व कोहरे से इस तरह से फसल खेतों में बिछ गई थी।