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इंतजार के बाद लौटे लोग

7 वर्ष पहले
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निज संवाददाता - बरेली

तहसील के कई गांवों के सैकड़ों लोग जन सुनवाई में अपनी समस्याएं बताकर निराकरण की उम्मीद में आए। कई घंटे इंतजार करने के बाद वे निराश होकर लौट गए, क्योंकि कोई अधिकारी उनकी समस्या सुनने के लिए मौजूद ही नहीं था।

मंगलवार को प्रति सप्ताह की तरह प्रदेश सरकार की बहु प्रचारित जन सुनवाई में अपनी समस्याओं का निराकरण कराने के उद्देश्य से किसान भवन में नगर और तहसील के लोग बड़ी संख्या में आए थे। पहले तो लोग काफी समय तक अधिकारियों का इंतजार करते रहे, फिर जब समय ही बीत गया तो पता चला कि उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है।

समस्याओं का अंबार

भास्कर ने किसान भवन के सामने अधिकारियों के इंतजार में बैठे लोगों से चर्चा की तो पता चला कि अंचल में समस्याओं का अंबार है। इसका कारण यह है कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना आसान नहीं है। खैरवाड़ा के विश्राम, सभाराम, धन्नू, राजाराम, नीलेश और श्याम सिंह मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने के लिए कई महीने से परेशान हैं। इन्होंने बताया कि भूखंड के पट्टे न मिलने के कारण बात आगे ही नहीं बढ़ रही है। कन्हैयापार के मनीराम, करन सिंह, अजब सिंह, वीरन, हल्की बाई और मकरंद सहित कई लोग अपनी सुनवाई के इंजतार में चक्कर लगा रहे हैं।

मिल जाए राहत

अंचल के पचासों किसान मौसम की बेरुखी से फसल में हुए नुकसान के लिए राहत चाहते हैं। प्रहलाद, शिवदयाल, गुलाब और धरमू सहित दर्जनो किसानों ने बताया कि अभी तक नुकसान का सर्वे करने राजस्व और कृषि विभाग से कोई नहीं पहुंचा है। किसानों की दिक्कत यह है कि सर्वे उस समय होता है, जब खेत से फसल आ चुकी होती है। शासन की घोषणाओं के बावजूद यहां के किसान मुआवजे से वंचित रह जाते हैं।

ये भी हैं समस्याएं

सुनवाई की उम्मीद में बैठे लोगों ने बताया कि उन्हें कई महीने से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही है। अंचल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली तो कागजों तक ही सिमटकर रह गई है। करन सिंह, महेशकुमार, वीरेंद्र सिंह सहित दर्जनों लोगों की शिकायत है कि राशन की दुकानें महीने में एक-दो दिन से ज्यादा नहीं खुलतीं। सरकारी उचित मूल्य दुकानों का जमीनी निरीक्षण कई महीने से नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लाभ उठाने के इच्छुक बेरोजगारों को बैंकों में जलील किया जा रहा है।



यह भी हो रहा है

जन सुनवाई में आए अशोक कुमार ने बताया कि उनका बेटा पांच साल का होने को है, लेकिन लगातार प्रयास के बावजूद वे उसका जन्म प्रमाणपत्र नहीं बनवा पा रहे हैं। कई बार आवेदन दे चुके और हर बार आवेदन पत्र गुम जाने की बात कहकर फिर से आवेदन करने को कह दिया जाता है।



मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे

॥जन सुनवाई मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं को उसी स्तर पर बिना विलंब के हल करना है। हम यह महसूस कर रहे हैं कि यहां क्रियान्वयन में सुधार की आवश्यकता है। इस बारे में पार्टी स्तर पर मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे।ञ्जञ्ज

अजय जैन, महामंत्री जिला भाजपा

अधिकारी गए भोपाल बैठक में

बरेली - इस संबंध में भास्कर ने जब एसडीएम और तहसील कार्यालय से संपर्क किया तो बताया गया कि सभी अधिकारी बैठक के लिए भोपाल गए हुए हैं। इस बात का कोई उत्तर नहीं मिला कि यदि जन सुनवाई न होने की पूर्व सूचना दे दी जाती तो सैकड़ों लोग परेशानी से बच जाते। मोबाइल पर भी किसी अधिकारी से संपर्क संभव नहीं हो सका।



बेगमगंज में आए मात्र 23 आवेदन

बेगमगंज - तहसील परिसर में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें विभिन्न लोगों ने 23 आवेदन अपनी समस्याओं के दिए। इनमें जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान को लेकर ग्राम सुनवाहा,हिनौतिया वमनई,उमरहारी के किसानों ने आवेदन देकर नुकसान की भरपाई करने के लिए मुआवजे की मांग की । ग्राम फतेहपुर में शांतिधाम पर किए गए अतिक्रमण को हटाने को लेकर ग्रामवासियों द्वारा आवेदन दिया गया।

रायसेन। मंगलवार को जनसुनावाई में लगी लोगो की भीड़

बरेली। किसान भवन में जन सुनवाई के लिए कुर्सियां खाली रहीं।

बरेली। किसान भवन के बाहर बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों का इंतजार करते रहे।

ञ्चलोगों को पहले नहीं दी गई जन सुनवाई नहीं होने की जानकारी

ञ्च किसान भवन में अपनी समस्या लेकर बड़ी संख्या में आए थे लोग

आफत - जनसुनवाई में समस्या बताने आए थे लोग, पर नहीं मिले अधिकारी