गुस्सा दिखाया तो कम किया बिल
कार्यालय संवाददाता - रायसेन
विद्युत कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को मनमर्जी से बिल भेजे जा रहे हैं। इन बिलों को लेकर लोगों में आक्रोश है। रोजाना बिलों में सुधार कराने के लिए लोग विद्युत कंपनी के कार्यालय पहुंच रहे हैं। कंपनी के अधिकारी इन उपभोक्ताओं के बिलों में संसोधन कर उन्हें शांत करने का प्रयास भी कर रहे हैं। अचानक बिल बढ़ा कैसे, इस संबंध में कोई जांच-पड़ताल नहीं की जाती है।
अक्सर बिजली बिलों में गड़बड़ी की शिकायत उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत कंपनी के अधिकारियों से की जाती है। इस माह भी कई उपभोक्ताओं के बिलों में गड़बड़ी देखने में आ रही है। अधिक बिल राशि से नाराज हुए उपभोक्ताओं ने कंपनी के कार्यालय पहुंचकर अपना विरोध जताया। उपभोक्ताओं का आक्रोश देखकर कंपनी के अधिकारियों ने भी आनन-फानन में बिलों में आई राशि को कम कर दिया।
१६ हजार आया बिल
बिजली उपभोक्ता यूसुफ खान ने बताया कि हर बार १६०० के आसपास बिला आता है, लेकिन इस बार १६ हजार रुपए बिल दिया गया है, जबकि इस बार उन्होंने पिछले महीनों में कम बिजली का उपयोग किया है।
ऐसे ही बिजली उपभोक्ता भीमसिंह प्रजापति ने बताया कि उसके सिंगल बत्ती कनेक्शन पर ८२५ रुपए बिल आया है। इसी तरह केशरसिंह, मसूद भाई, इमरान खान, रवि कुमार, सौदान सिंह ने भी बताया कि उनके बिलों में भी गड़बड़ खपत दर्शाई गई थी।
बेहतर व्यवस्था बनाऊंगा
॥अभी सोमवार को ही चार्ज संभाला है, स्थिति को देखकर बेहतर व्यवस्था बनाने का प्रयास करूंगा। गड़बड़ कहां हो रही है, इसकी भी जांच कराई जाएगी।
एसपी दुबे, डीई मप्रविविकं रायसेन
मामला शांत करा देते हैं अधिकारी
जब भी उपभोक्ताओं को बिलों में असंतुलित खपत दिखाई देती है तो उपभोक्ता विद्युत कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर करने लगते हैं। ऐसे में गलती का अहसास होने या मामले को शांत करने के लिए कंपनी के अधिकारी बिलों की राशि कम कर देते हैं। अब कम की गई राशि का भार किसे उठाना होता है, कंपनी को या फिर अन्य उपभोक्ताओं को, जब इस प्रकार का सवाल कंपनी अधिकारियों से किया जाता है तो अधिकारियों का गोलमोल जवाब रहता है। इससे भी बड़ा सवाल यह है कि बिलों में इस प्रकार गड़बड़ी हुई क्यों, इस बात की कभी भी जांच नहीं होती है।
रायसेन। बिलों को दिखाते आक्रोशित लोग।
रायसेन। बढ़ी हुई राशि के बिजली के बिल को कम करने बिजली कंपनी कार्यलय पहुंचे लोग।
ञ्चअधिक राशि के बिल देने से उपभोक्ताओं में बढ़ रही नाराजगी
ञ्चबिल में संशोधन कराने रोजाना कार्यालय में लगी रहती है भीड़