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नारे लगाकर जगाई अलख

7 वर्ष पहले
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कार्यालय संवाददाता - नरसिंहगढ़
बुधवार को प्रशासन, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने मिलकर पॉलीथिन का इस्तेमाल रोकने के लिए शहर के अलग अलग इलाकों में रैली निकाली। इस दौरान लोगों को पॉलीथिन के नुकसान बताए और इसके विकल्पों को अपनाने की अपील की । सीएमओ पवन मिश्रा के नेतृत्व में नपा कार्यालय से रैली निकाली गई। छत्री चौराहा, मेन मार्केट, दीनाजी का चौराहा, शाजापुर वाला चौराहा के , डॉ शिवजी का चौक, चंपी चौराहा आदि इलाकों में नपा का अमला और लोग हर दुकान पर पहुंचे। इस दौरान नपा पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करने का अनाउंसमेंट भी करवा रही थी।
इस दौरान दुकानदारों ने भरोसा दिलाया कि वे पर्यावरण बचाने की मुहिम में सबके साथ हैं और जल्दी ही बाजार से पॉलीथिन पूरी तरह हटा ली जाएगी। संपर्क करने वालों में नपा उपाध्यक्ष राजेंद्र उपाध्याय, मारुतिनंदन मंदिर समिति के श्याम उपाध्याय, मार्केटिंग सोसायटी अध्यक्ष सुरेश शर्मा, विहिप के कपिल शर्मा, किराना व्यापारी संघ अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल, राजेश सोनी, पर्यावरण कार्यकर्ता मनोज सक्सेना, राकेश नागर, विश्वास शर्मा, भगवतीशरण शर्मा, शिवम शर्मा, रजत काबरा, विवेक ठाकुर, आनंद सेन, शुभम गुप्ता, हेमेंद्र नामदेव, पतंजलि योग समिति के दीपेंद्र शर्मा, प्रणपाल खीची, गायत्री परिवार के भूपेंद्र मिश्र, राजकुमार वर्मा आदि शामिल थे।




व्यवसायियों ने लौटा दी पॉलीथिन

सबसे ज्यादा असरदार स्थिति सब्जी मंडी में देखने को मिली। यहां सब्जी व्यवसायियों ने खुद ही अपनी पॉलीथिन नपा अमले और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के हवाले कर दी। उन्होंने वादा भी किया कि वे आगे से पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करेंगे।



नारेबाजी की

रैली में शामिल लोग पॉलीथिन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। श्याम उपाध्याय, कपिल शर्मा, भगवतीशरण शर्मा आदि ने लगातार अनाउंसमेंट से लोगों को जानकारी दी कि प्रशासन ने पॉलीथिन को पहले ही प्रतिबंधित कर दिया है। अब इसपर अमल करने की जवाबदारी लोगों की है। नपा सीएमओ पवन मिश्रा भी लगातार अनाउंसमेंट कर रहे थे।



अभी अनुरोध, आगे होगी कार्रवाई

॥फिलहाल सभी दुकानदारों से कहा गया है कि वे अपनी दुकानों पर पॉलीथिन का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दें। निर्धारित अवधि के बाद अगर किसी भी दुकान पर पॉलीथिन पाई गई तो संबंधित दुकानदार पर मामला दर्ज कर जुर्माना वसूलने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके लिए प्रशासन ने आदेश भी निकाल दिया है।

पवन मिश्रा, सीएमओ नगरपालिका परिषद कार्यालय नरसिंहगढ़

यह नुकसान बताए

> पॉलीथिन से नालियां और सीवर लाइन जाम हो जाती हैं। गंदा पानी सड़कों पर बहता है जो पीने के पानी की लाइनों तक पहुंच जाता है। इससे बीमारियां पनपती हैं।

> पॉलीथिन जमीन में दबने के बावजूद नष्ट नहीं होती और जमीन को बंजर बनाती है। इससे भविष्य में अकाल पडऩे की आशंकाएं बढ़ गई हैं।

> यह कचरे के साथ जलकर जहरीली गैस पैदा करती है। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है।

> रंगीन पॉलीथिन में रखा खाद्य पदार्थ जहरीला हो सकता है, क्योंकि यह पॉलीथिन को रिसाइकिल कर बनाई जाती हे। इससे सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।

> पॉलीथिन में खाने पीने की सामग्रियां रखकर फेंकने से इन्हें मवेशी खा लेते हैं। नतीजा यह है कि बड़ी तादाद में गोवंश मौत के मुंह में समा रहा है।

लोगों से की अपील

> घर से निकलते समय कागज, जूट या कपड़े का झोला अपने साथ रखें।

> दुकानदारों को पॉलीथिन के इस्तेमाल के लिए हतोत्साहित करें। इसके बदले कागज के लिफाफों का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें।

> घरों में पहले से मौजूद पोलीथिन थैलियों को बाहर न फेंकें । इन्हीं का दोबारा इस्तेमाल करें।

> इस्तेमाल के बाद पोलीथिन को खुली सड़क पर न फेंककर कूड़ेदान में ही डालें।