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हर दूसरे दिन चोरी होती है १ बाइक

7 वर्ष पहले
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मास्टर चाबी से किसी भी बाइक का खोल लेते हैं ताला

कार्यालय संवाददाता - गुना

वाहन चोरी की बढ़ती वारदातों ने लोगों की नाक में दम कर दिया है। पांच मिनट के लिए बाइक छोड़ी नहीं की वह चोरी हो जाती है। स्थिति यह है कि जिले में हर दूसरे दिन एक बाइक चोरी हो रही है। जिस पर अंकुश लगा पाना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। हद तो तब हो गई जब पिछले दिनों रुठियाई पुलिस प्रभारी की बाइक थाने में से ही चोरी चली गई।

वाहन चोरी होने की परेशानी आम आदमी ही नहीं बल्कि स्वयं पुलिस, अधिकारी, कर्मचारी, नेता सभी भुगत रहे हैं। यही वजह है कि लोगों के सामने अपने दोपहिया वाहनों को लेकर असुरक्षा की स्थिति है। बकि बड़ी संख्या में बाइक चोरी के आंकड़े तब सामने आते हैं जबकि बाइक चोरी की आधी से ज्यादा वारदातें पुलिस रिकार्ड में दर्ज ही नहीं की जाती हैं।

मिली सफलता

मोटरसाइकिल चोरी की बढ़ती घटनाओं का खुलासा करने में पूर्व क्राइम ब्रांच की टीम को बड़ी सफलता उस समय हाथ लगी जब पुलिस टीम ने मेघा ऑटो पार्टस पर छापा मारा। इसके बाद वाहन चोरी के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ। पुलिस ने यहां से तकरीबन दो दर्जन चोरी की बाइकें बरामद कीं। इसके साथ ही चार मंजिला दुकान में वाहनों के पुराने पाट्र्स भी भरे हुए थे। इसके बाद मुरादपुर के पारदी गिरोह से ८ मोटरसाइकिलें, फिर रजक गिरोह से ७ बाइक टीम ने बरामद की।

सागर से अभी तक नहीं

आई एफएसएल टीम

हैरत की बात यह है कि चोरी की बाइकों के मामले में फंसे मेघा ऑटो पाटर्स की जांच घटना के दो माह बाद भी अंजाम तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस ने १९ नवंबर को छापामार कर यहां से दो दर्जन चोरी की बाइकें बरामद की थी।

पुलिस ने मामले की जांच सागर एफएसएल की टीम से कराने की बात कह कहकर मामले को पेडिंग कर दिया। दो माह बाद भी जांच टीम नहीं आ सकी है। इससे एक बड़े मामले पर अभी तक परदा पड़ा हुआ है।

वारदात - दो से ढाई हजार में बेच दी जाती है चोरी की बाइक

मेघा ऑटो पार्टस पर वीआईपी और लक्जरी बाइक भी बरामद हुईं थीं। इनकी जांच होना अभी बाकी है। - भास्कर

चोरी की बाइक की खपत ज्यादा

लूट की वारदात में पकड़ाए आरोपी मनोज ने बताया कि चोरी की मोटरसाइकिलों की मांग बहुत अधिक है। उन्हें सिर्फ दो से ढाई हजार रुपए ही मिलते हैं। इस तरह के अपराध में आधा सैकड़ा से अधिक बदमाश लिप्त हैं। जो यह बाइकें चोर बाजार में बेच देते हैं। जहां से इनके पाट्र्स अलग- अलग कर मुनाफा कमाया जाता है। दूसरी आपराधिक प्रवृति के पारदी गिरोह में चोरी की बाइकों का क्रेज अधिक है। वह चार से पांच हजार रुपए में यह बाइकें खरीद लेते हैं। यूं तो जिले भर में रोजाना एक बाइक चोरी हो रही है लेकिन पुलिस रिकार्ड में बहुत कम मामलों को दर्ज करती है।



नहीं आई टीम

॥सागर से एफएसएल टीम जांच करने के लिए आएगी तभी मामला आगे बढ़ेगा। हम तीन - चार बार पत्राचार कर चुके हैं। लेकिन फिर भी कोई नहीं आ रहा है। बस इसी वजह से कार्रवाई रुकी हुई है। क्योंकि इन बाइकों पर ट्रैक्टर के पंजीयन नंबर हैं। तो किसी के इंजन नंबर, चैसिस नंबर खुर्द बुर्द किए गए हैं।

अनिल सिंघल, थाना प्रभारी कैंट गुना

मिनटों में शहर के भीतर ही गुम हो जाती है बाइक

लूट की बाइक के साथ एक गिरफ्तार ३ फरार

रास्ते में दंपती से बाइक लूटने वाले गिरोह का एक सदस्य बुधवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पूर्व क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी को टोल नाके पास चोरी की मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार कर लिया। आरोपी १८ वर्षीय मनोज पुत्र शिवराज केवट है जो अपने साथी घनश्याम पुत्र बालचंद पारदी, जंडेल पुत्र कमरजी पारदी, युवराज पुत्र सरदार पारदी के साथ मिलकर बाइक चोरी, लूट की घटनाओं को अंजाम देता है। मनोज ने भास्कर को बताया कि उसके गिरोह ने अब तक ४० बाइक चोरी की हैं। प्रत्येक बाइक पर उन्हें २ हजार से ढाई हजार रुपए मिलते थे। चोरी की मोटरसाइकिलों को यह उपयोग न करते हुए थोड़े से रुपए में दूसरों को बेच देते हैं। लूट की इस वारदात में बमोरी बुजुर्ग के रास्ते में जा रहे एक दंपति को उनकी बाइक एपमी ०८ एमजे ०२०४ बाइक से जा रहे एक दंपति को १२ जनवरी की शाम लूट लिया था।