सुबह बुलाया, दोपहर तक इंतजार कराया
कार्यालय संवाददाता - रायसेन
बुधवार को कलेक्टोरेट कार्यालय में जिला प्रशासन द्वारा पुराने वाहनों की नीलामी की गई। नीलामी के दौरान परिसर में अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। इस दौरान बोली लगाने के लिए जिले के बाहर से भी लोग आए थे। सुबह से परिसर में पहुंचे लोगों को दोपहर के बाद परेशानियों के बीच बोली लगाने का मौका मिला। वहीं लोगों ने अपना गुस्सा भी जाहिर किया।
जिला प्रशासन द्वारा ८ पुरानी जीपों की नीलामी कराई गई। इसमें सभी लोगों को सुबह बुलाया गया था, लेकिन नीलामी कार्रवाई दोपहर तीन बजे से शुरू हुई।
इस बीच लोग परिसर में यहां-वहां घूमते रहे। बोली लगाने के लिए लोगों के लिए न तो पर्याप्त बैठने की जगह थी और न ही कोई अन्य सुविधाएं।
परिसर के हालात को देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे जिला प्रशासन द्वारा नीलामी प्रक्रिया की व्यवस्थित योजना तैयार ही नहीं की गई हो। अगर प्रक्रिया के लिए योजना तैयार की गई थी तो दूरदर्शिता की कमी के कारण व्यवस्थाएं फ्लॉप रहीं।
३ लाख १९ हजार की रही सर्वाधिक बोली
कलेक्टोरेट में पुराने वाहनों को बेचने के लिए आयोजित नीलाम बोली के दौरान एक जीप की बोली सबसे अधिक लगी है। इसकी बोली ३ लाख १९ हजार रुपए लगाई गई। यह जीप भोपाल के एक व्यक्ति द्वारा खरीदी गई है। इस जीप की सरकारी बोली ५५ हजार रुपए से शुरू हुई थी जो ३ लाख १९ हजार रुपए तक पहुंची।
नियमानुसार लगी बोली
॥बोली लगाने के बाद जो लोग आए थे, उनके कारण परेशानी हुई होगी। प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी के साथ और निष्पक्ष तरीके से नीलामी प्रक्रिया संपन्न कराई गई है।
राधेश्याम अगस्थी, एडीएम रायसेन
सुबह से बुलाया
॥सुबह से बुलाया गया है। राशि जमा कराकर रसीद दे दी गई है। नीलामी का पता ही नहीं कब शुरू होगी। जिला प्रशासन द्वारा कोई भी ढंग की व्यवस्थाएं नहीं दिखाई दे रही हैं।
शावाज खान, रायसेन
बैठने की व्यवस्था नहीं
॥चार घंटे तक मालूम ही नहीं चल रहा था कि क्या कार्रवाई की जा रही है, न तो परिसर में बाहर बैठने की व्यवस्था थी और न ही बोली के दौरान मीटिंग हॉल में पर्याप्त व्यवस्था की गई थी।
राजू कुशवाह, रायसेन
रायसेन। वाहनों की नीलामी में दूर-दूर से आए लोग शामिल हुए।
नीलामी में भाग लेने के लिए सुबह ही पहुंचे लोगों को दोपहर बाद मिला बोली लगाने का मौका