पट्टे की जमीन तो मिली पर कब्जा नहीं
कार्यालय संवाददाता - रायसेन
जिले के गाडरवास गांव में अजा और अजजा वर्ग के ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा पट्टे की भूमि तो २००१ में दी गई है, लेकिन इस भूमि पर अभी तक किसी और का अवैध रूप से कब्जा है। दबंगई की हद तो तब हो गई, जब इन गरीबों को गांव से ही निकाल दिया गया। ऐसे में बेघर हुए ग्रामीण न्याय के लिए कलेक्टर कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
बुधवार को बाड़ी तहसील के गांव गाडरवास के अजा और अजजा वर्ग के ग्रामीण कलेक्टोरेट कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गए। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि २००१ में शासन द्वारा उन्हें गाडरवास में पट्टे पर जमीन आवंटित की गई थी, उस समय तत्कालीन तहसीलदार द्वारा बही और ऋण पुस्तिकाएं भी दी गईं, लेकिन आज तक इन जमीनों पर कब्जा नहीं दिलाया गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि देवेंद्र सिंह पटेल ने ग्रामीणों से बही और ऋण पुस्तिकाएं छीन लीं और गांव से भगा दिया। ग्रामीणों की झोपडिय़ों को भी तोड़ दिया है। दरबदर की ठोकरें खा रहे ग्रामीणों ने प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर द्वारा जब तक देवेंद्र पटेल के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, साथ ही जमीनें और मकान दिलाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है , तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल में शामिल होने वालों में रजनीबाई, रामवती, ब्रजमोहन, संतोष, फूलवती, राघव, भवानी, जगदीश, विमलेश सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।
कलेक्टोरेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठे गाडरवास गांव से आए अजा और अजजा वर्ग के लोग
रायसेन। जमीन पर कब्जा करने के बाद गांव से निकाले जाने पर कलेक्टोरेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण।