पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • तहसील में कमाल : तबादला हुआ, पर हस्ताक्षर अब भी चल रहे

तहसील में कमाल : तबादला हुआ, पर हस्ताक्षर अब भी चल रहे

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
वीरेंद्र जोशी - गुना

गुना तहसील कार्यालय से जारी हो रहे प्रमाण-पत्रों पर कभी भी विवाद गहरा सकता है। यहां से जिस अधिकारी का छह महीने पहले तबादला हो चुका है, उसके डिजीटल हस्ताक्षर से आज भी प्रमाण- पत्र जारी हो रहे हैं।

तहसील के म्याना और ऊमरी वृत्त में नायब तहसीलदार धीरेंद्र पाराशर के डिजीटल हस्ताक्षर से आय व मूल निवास प्रमाण- पत्र जारी हो रहे हैं। श्री पाराशर का स्थानांतर अगस्त २०१३ में मंदसौर हो गया है। अब म्याना वृत्त में जेके पांडे व ऊमरी में प्रेमलता पाल नायब तहसीलदार के रूप में पदस्थ हैं।

इसलिए हो रही गड़बड़ी

दरअसल स्थाीनय तहसील में स्थानांतरित होकर आए नायब तहसीलदारों के डिजीटल हस्ताक्षर अपडेट नहीं हुए हैं। इससे यह गड़बड़ी हो रही है। २०११ से शुरू हुए लोक सेवा केंद्रों के साथ ही अधिकारियों के डिजीटल हस्ताक्षर से प्रमाण-पत्र जारी होने लगे हैं। जिले में जब भी कोई अधिकारी स्थानांतरित होकर आता है तो पुराने अधिकारी के हस्ताक्षर हटाकर नए अधिकारी के दस्तखत लिए जाने चाहिए, लेकिन गुना तहसील में इसका पालन नहीं हो सका है। यही वजह है कि पुराने अधिकारी के हस्ताक्षरों से आज भी प्रमाण- पत्र जारी हो रहे हैं।

छह माह तक हस्ताक्षर अपडेट न होना एक गंभीर मामला है। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जानकारी न होना और भी हैरतअंगेज बात है। इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है। - फाइल चित्र : तहसील कार्यालय

केस- दो

याना गांव की भूरियाबाई पुत्री वीरभानसिंह यादव को तहसील से १७ जनवरी २०१४ को जो आय प्रमाण- पत्र जारी हुआ है उसमें भी पूर्व में कार्यरत रहे नायब तहसीलदार श्री पाराशर के डिजीटल दस्तखत हैं। जबकि वेबसाइट पर ऑनलाइन देखने पर नाम नायब तहसीलदार जैयेंद्र कुमार पांडे का लिखा हुआ है। वहीं याना के ही अशोक शिवहरे पुत्र बाबूलाल को भी ७ दिसंबर २०१३ को जो आय प्रमाण- पत्र जारी किया गया है, उसमें भी पुराने अधिकारी के हस्ताक्षर हो रहे हैं।

केस- एक

रेहटा गांव की सुमेला पत्नी बल्ला को तहसील से 24 जनवरी २०१४ को जो मूल निवास प्रमाण- पत्र जारी हुआ है। इस सर्टिफिकेट पर पूर्व नायब तहसीलदार धीरेंद्र पाराशर के डिजीटल हस्ताक्षर है। जबकि लोक सेवा केंद्र की वेबसाइट पर ऑनलाइन देखने पर नाम नायब तहसीलदार प्रेमलता पाल लिखा आ रहा है।

॥यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है। ऐसी गड़बड़ी यदि हो रही है तो यह बहुत बड़ी त्रुटि है। हमने नायब तहसीलदार प्रेमलता पाल व जेके पांडे के डिजीटल हस्ताक्षर अपडेट कराने भेजे हैं। आप दोनों नायब तहसीलदार से बात करें तो ज्यादा बेहतर होगा।

रश्मि श्रीवास्तव, तहसीलदार गुना

॥गुना से मेरा ट्रांसफर अगस्त २०१३ में हो गया है। यदि अभी भी वहां मेरे डिजीटल हस्ताक्षर से प्रमाण-पत्र जारी हो रहे हैं तो यह बहुत बड़ी लापरवाही है। गुना वालों को अपडेट कराना चाहिए था। मैं इसकी गुना कलेक्टर से बात कर शिकायत करुंगा।

धीरेंद्र पाराशर, तत्कालीन नायब

तबादले के छह महीने बाद भी पूर्व नायब तहसीलदार धीरेंद्र पाराशर के हस्ताक्षर से जारी हो रहे प्रमाण- पत्र, स्थानांतरित होकर आए अधिकारियों के डिजीटल हस्ताक्षर अपडेट नहीं होने से हो रही गंभीर त्रुटि