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हजारों टन गेहूं असुरक्षित

8 वर्ष पहले
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कार्यालय संवाददाता - रायसेन
समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी केंद्रों पर रखा गेहूं परिवहन के अभाव में उठ नहीं पा रहा है। इससे जिलेभर के केंद्रों पर हजारों टन गेहूं खुले आसमान के नीचे असुरक्षित रखा हुआ है। ऐसे में किसी भी केंद्र पर अचानक आग लगने या बारिश होने की स्थिति में हजारों क्विंटल गेहूं बर्बाद हाने की आशंका है। इस बात की केंद्र प्रभारियों को भी चिंता सता रही है। वहीं इन केंद्रों पर गेहंू रखे रहने से अब जगह का टोटा होना खरीदी में भी अव्यवस्था का कारण बन गया है।
जिलेभर के १४५ समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था दिखाई दे रही है। परिवहन में देरी के चलते केंद्रों पर दिनोंदिन गेहूं का ढेर लगता जा रहा है। केंद्रों पर ८-८ दिनों में एक-एक दो-दो ट्रक आ रहे हैं, जबकि दिनभर में हजारों क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। ऐसे ही हालात कृषि उपज मंडी में स्थित खरीदी केंद्र पर भी दिखाई दे रहेहैं। केंद्र पर करीब २० हजार क्विंटल से अधिक गेहूं खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है, जो पूरी तरह से असुरक्षित है। ऐसे में अचानक गेहूं के बारदाने तक चिंगारी पहुंच जाए तो लाखों का अनाज खाक होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
जिम्मेदार ट्रांसपोटर्स नहीं संभाल पा रहे व्यवस्था
जिले के सभी केद्रों से २६ मई तक कुल ५ लाख ५५ हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जानी है। इसके लिए जिले को पांच सेक्टरों में बांटकर पांच ट्रांसपोर्टर्स को परिवहन की व्यवस्था सौंपी गई थी। करीब एक-एक लाख टन गेहूं एक-एक ट्रांसपोर्टर्स को परिवहन करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें रायसेन क्षेत्र के अंतर्गत २१ खरीदी केंद्रों से भोपाल के स्वास्तिक रोड कॅरियर को परिवहन करना है।
गौहरगंज के अंतर्गत २७ केंद्रों से भोपाल के गणेश रोड लाइंस को परिवहन करना है। इसी तरह बाड़ी सेक्टर में शामिल ३२ खरीदी केंद्रों से ओबेदुल्लागंज के भजन ट्रासपोर्ट को परिवहन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भोपाल की श्रीराम ट्रांसपोर्ट कंपनी को बरेली, उदयपुरा सेक्टर के ३१ केंद्रों से गेहूं परिवहन करना है। वहीं बेगमगंज, गैरतगंज, सिलवानी सेक्टर के २६ केंद्रों से भोपाल के राकेश कुमार द्वारा परिवहन किया जाना है।
किसानों को कांटे तक पहुंचने के लिए करनी पड़ती है मशक्कत
खरीदी केंद्रों से व्यवस्थित तरीके से गेहूं का परिवहन करने में ट्रांसपोर्टर्स असफल साबित हो रहे हैं। इससे हजारों क्विंटल गेहूं केंद्रों पर पड़ा है। ऐसे में बारिश होने पर गेहूं खराब होने की भी आशंका बनी हुई है। वहीं केंद्रों पर जगह का टोटा भी होने लगा है। किसानों को केंद्र परिसर में स्थित कांटे तक ट्रैक्टर-ट्रालियां पहुंचाने में बड़ी मशक्कत करना पड़ रही है।
इससे केद्रों पर भारी अव्यवस्था दिखाई दे रही है। हालांकि इस प्रकार अव्यवस्था होने की आशंका भास्कर समाचार पत्र में पूर्व में ही प्रकाशित कर प्रशासन को आगाह किया गया था।