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गारंटी पीरियड में उखड़े दोनों बायपास, सीएमओ बोले हम क्या करें, भारी वाहन गुजर रहे हैं
करोड़ों खर्च करने के बाद भी वाहन चालकों कोआवागमन में हो रही परेशानी।
भास्कर संवाददाता - श्योपुर
शहर में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए बने दो बायपास गारंटी पीरियड में ही उखड़ गए। सलापुरा-जैदा बायपास महज तीन से पांच माह में ही जर्जर हालात में पहुंच गया है। वहीं एफसीआई से शिवपुरी रोड पहुंचने वाला बायपास डेढ़ साल में ही गड्ढों में तब्दील हो चुका है। इसके बावजूद भी नगरपालिका और एमपीआरडीसी ने ठेकेदारों को सारा भुगतान कर दिया। करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी लोगों को यातना भरा सफर करना पड़ रहा है। शहर में दोनों बायपास के उखडऩे के बाद भले ही घटिया निर्माण कार्यों की पोल खुल गई हो, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी संबंधित ठेकेदार के अलावा मॉनीटरिंग करने वाले अफसरों पर कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं हैं। दोनों ही बायपास का घटिया निर्माण होने का खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है। मसलन यहां से आवागमन जोखिम भरा हो गया है।
गारंटी पीरियड में हैं सड़कें, मेंटेनेंस के लिए ठेकेदार पर बनाएंगे दबाव
॥बायपास उखड़ गया है तो इसमें हम क्या कर सकते हैं। दिनभर बायपास से भारी वाहन गुजरते हैं। भारी वाहनों के कारण ही बायपास पर गड्ढे हुए हैं। बायपास गारंटी पीरियड में है, इसलिए ठेकेदार पर हम मेंटेनेंस कराने के लिए दबाव बनाएंगे।ञ्जञ्ज
पीके सिंह, सीएमओ, नगर पालिका, श्योपुर
घटिया निर्माण - नपा और एमपीआरडीसी ने घटिया निर्माण के बावजूद किया कंपनी को भुगतान
वाहनों की स्थिति
प्रतिदिन छोटे-बड़े 800 वाहन गुजरते हैं। पाली रोड की तरफ जाने वाले अधिकांश ट्रक और बसों के लिए भी यही रास्ता है।
लंबाई
२.५ किमी
गारंटी
०५ साल
लागत
९४ लाख
कब बनी
मई 20१२
एफसीआई-शिवपुरी रोड
स्थिति:शहर में आवागमन को सुलभ बनाने के लिए इस बायपास का निर्माण कराया गया था। ग्वालियर-मुरैना की महाकाल कंस्ट्रक्शन कंपनी से नगरपालिका श्योपुर ने यह काम कराया। काम के समय ही निर्माण कार्य की क्वालिटी ठीक नहीं थी। जिसका नतीजा यह हुआ कि यह बायपास कुछ ही महीनों बाद उखडऩे लगा। अभी बायपास पर एक सैकड़ा के लगभग छोटे-बड़े गड्ढे हो गए हैं। गड्ढों के कारण लोग यहां से वाहन निकालने में भी हिचक रहे हैं। वर्तमान विधायक बृजराज सिंह चौहान ने भी घटिया निर्माण का मामला विधानसभा में उठाया था, लेकिन नगरपालिका ने ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा उसे काम का सारा भुगतान भी कर दिया।
वाहनों की स्थिति
इस मार्ग पर कृषि उपज मंडी संचालित होती है। इसलिए यहां से ट्रक के अलवा ट्रैक्टर-ट्रॉली भी बड़ी मात्रा में गुजरते हैं।
लंबाई
१२०० मीटर
गारंटी
०५ साल
लागत
५० लाख
कब बना
मार्च 2013
सलापुरा- जैदा रोड
स्थिति: बड़ौदा से पाली आने-जाने वाले वाहनों का दबाव शहर में नहीं पड़े, इसके लिए जैदा अनाज मंडी होते हुए एक बायपास बनाया गया है। बायपास का निर्माण एमपीआरडीसी ने मैसर्स रामस्वरूप रावत कंस्ट्रक्शन कंपनी से कराया। सड़क पर आवागमन 19 अप्रैल को सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा बायपास का उद्घाटन करने के बाद से शुरू हुआ है। बायपास पर ट्रैफिक शुरू हुए कुछ ही महीने ही बीते हैं कि, सड़क जगह-जगह से धंसकर गड्ढों में तब्दील हो गई। कई जगहों पर सड़क का डामर-गिट्टी ही उखड़ गई है। गड्ढों के कारण भारी वाहन बायपास की जगह शहर के बीच से होकर गुजर रहे हैं।