लकड़ी चोरी रोकने गए वन अमले पर हमला
00 राइफल तोड़ी पथराव कर फायरिंग भी की 00 डिप्टी रेंजर को सिर में गंभीर चोंटें, हाथ में आया फ्रैक्चर। ड्राइवर का सिर फूटा
भास्कर संवाददाता. श्योपुर
कराहल के जंगल से सागौन की लकड़ी काटकर ले जा रहे माफिया ने सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात विरोध करने पर वनकर्मियों पर जानलेवा हमला कर दिया। कुल्हाड़ी और लुहांगी से वनकर्मियों को पीटा। फायरिंग कर पथराव किया और चौकी प्रभारी की राइफल तोड़ दी। पथराव में वनकर्मियों का वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। घटना में घायल चौकी प्रभारी सहित सभी वनकर्मियों को जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है। हमलावरों की संख्या पंद्रह के आसपास थी। पुलिस ने इस मामले में चार नामजद सहित अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
कराहल रेंज ऑफिसर एके जैन रात 1 बजे गौरस वन चौकी प्रभारी डिप्टी रेंजर रामजीलाल आदिवासी के साथ एक टीम कार्रवाई के लिए भेजी। रात तकरीबन 2:30 बजे यहां 10 बाइकों से पहुंचे पंद्रह लोग सागौन की लकड़ी काट रहे थे। रोकते ही उन्होंने वनकर्मियों पर पथराव और फायरिंग करना शुरू कर दी। अंधेरे में ही वनकर्मियों ने भी ताबड़तोड़ फायरिंग की। पथराव और फायरिंग के बीच चौकी प्रभारी रामजीलाल, वनरक्षक राघव मिर्धा, वीरेंद्र सिंह, सुमेर सिंह आदि घायल हो गए। चौकी प्रभारी और राघव मिर्धा को कुल्हाड़ी और लुहांगी से इतना मारा गया कि उनका सिर फूट गया। हाथापाई के दौरान चौकी प्रभारी की राइफल टूट गई। हमलावरों के भागने के बाद कराहल एसडीओ आलोक वर्मा ने घायल वनकर्मियों को जिला अस्पताल में दाखिल कराया।
कराहल थाना पुलिस ने वन विभाग की सूचना पर चार नामजद आरोपी सैय्यद पुत्र बाबू खान, भूरा मेवाती निवासी बगवाज और रानीपुरा निवासी जुगराज गुर्जर, धनराज गुर्जर के खिलाफ धारा 353, 332, 147, 148, 149, 424 के तहत केस दर्ज किया है। वनकर्मियों का कहना है कि मौके पर माफिया ने फायरिंग की है, लेकिन पुलिस ने फायरिंग की धारा आरोपियों पर दर्ज नहीं की है।
दो बाइकों पर लदी लकड़ी को ही जब्त कर पाए वनकर्मी
यहां बता दें कि वनकर्मियों को मौके पर लकड़ी से लदी 10 बाइकें नजर आई। लेकिन हमला होने के बाद माफिया 8 बाइकें लकडिय़ों के साथ भगा ले गए। इस दौरान वनकर्मी केवल दो ही बाइकें पकड़ पाए।
हथियार के साथ आते हैं लकड़ी चोरी करने
जंगल में माफिया हथियार के साथ लकड़ी चोरी करने आते हैं। हमारे साथ आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है।
आलोक वर्मा, कराहल एसडीओ, वन विभाग