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हमले के विरोध में वन कर्मचारी लामबंद, सात दिन का अल्टीमेटम

7 वर्ष पहले
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कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर वन कर्मचारी संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी।
भास्कर संवाददाता - श्योपुर
मंगलवार की रात सागौन चोरों द्वारा गौरस वन चौकी प्रभारी रामजीलाल आदिवासी सहित चार वनकर्मियों पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में वन कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। वन कर्मचारियों ने बुधवार को यहां कलेक्ट्रेट पर जमा होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला प्रशासन और पुलिस को सात दिन का आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए अल्टीमेटम दिया गया। आरोपियों के सात दिवस में नहीं पकड़े जाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।
वनकर्मी बुधवार को यहां कलेक्ट्रेट पर जमा हुए। इस दौरान वनकर्मियों द्वारा यहां घटना के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद वन कर्मचारी संघ ने एक ज्ञापन कलेक्टर ज्ञानेश्वर बी पाटिल को सौंपा। संघ ने ज्ञापन में घटना का जिक्र करते हुए बताया है कि वन विभाग के अमले पर लकड़ी चोरों द्वारा जानलेवा हमला किया गया है। इसके अलावा फायरिंग कर अमले पर पथराव भी किया गया। संघ ने बताया कि घटना का एक आरोपी सैय्यद खान निवासी बगवाज के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज है, इसके बावजूद भी उसे जिला बदर नहीं किया जा रहा है। वनकर्मियों ने आए रोज उनके सामने ऐसी घटना होने की बात भी कलेक्टर के समक्ष रखी। कलेक्टर ने वन कर्मचारी संघ को शीघ्र ही आरोपियों की गिरफ्तारी होने का भरोसा दिलाया है। इस मौके पर वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष कुलदीप सिंह तोमर सहित महामंत्री धर्मेंद्र सिंह जाट, जोहरीलाल जाटव, वीरेंद्र सिंह, साबिर खान, शैलेन्द्र शर्मा, नरेन्द्र सिंह तोमर, स्वरूपा सेमरिया, नंदकुमार तिवारी, दीपक कुमार बोर्से, राजेश गोरख, श्रीलाल माहौर सहित कई वनकर्मी मौजूद थे।
हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की मांग: वन कर्मचारी संघ ने कलेक्टर को बताया चौकी प्रभार सहित सभी वनकर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया है। इसके बावजूद भी कराहल पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज नहीं किया है और ना ही फायरिंग करने की धारा दर्ज की। इसलिए मामले में हत्या का प्रयास और फायरिंग करने का पुलिस प्रकरण भी दर्ज होना चाहिए।



कलेक्टोरेट कार्यालय पर नारेबाजी करते वनकर्मी।