• Hindi News
  • ८५ प्रतिशत प्रश्न किए छोटे, तीन अंक के सवाल भी होंगे

८५ प्रतिशत प्रश्न किए छोटे, तीन अंक के सवाल भी होंगे

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
ञ्चबोर्ड परीक्षा में इस बार प्राइवेट परीक्षार्थियों की संख्या ज्यादा, नियमित परीक्षार्थी कम दिखेंगे
नगर संवाददाता-!-होशंगाबाद
बोर्ड की हाई और हायर सेकंडरी परीक्षा की तैयारी के लिए अब बहुत कम समय बचा है। जिले में परीक्षा केंद्रों से लेकर स्कूलों में सिलेबस पूरा करने और शिक्षकों की ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। बोर्ड परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले प्राचार्यों, शिक्षकों की छंटनी भी शिक्षा विभाग कर रहा है। वहीं, बोर्ड परीक्षा में इस बार प्राइवेट परीक्षार्थियों की संख्या ज्यादा होगी, नियमित परीक्षार्थी कम दिखेंगे। पिछले साल लोकल व बोर्ड की परीक्षाओं का रिजल्ट ठीक नहीं रहा था। परिणामों में सुधार के लिए इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड परीक्षाओं में बहुत कुछ नया करने जा रहा है। बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र नए पैटर्न पर तैयार किए हैं, जिनमें 85 प्रतिशत छोटे प्रश्न होंगे।
बच्चों को होगा फायदा
नए पैटर्न के संबंध में एजुकेशन पोर्टल और मंडल की वेबसाइट पर जानकारी आ चुकी है। परीक्षा पैटर्न बदलने से बच्चों को स्कोरिंग बढऩे का फायदा मिलेगा। ज्यादा से ज्यादा बच्चे पास होंगे। बड़े की जगह छोटे प्रश्न पूछेंगे तो बच्चे उन्हें जल्दी याद कर पाएंगे। 40 नंबर के प्रश्न तो ऐसे होंगे जिनका उत्तर पाइंट-टू-पाइंट देना होगा। इससे बच्चों को लिखना कम होगा।
एसके शर्मा, प्राचार्य व बोर्ड समन्वय संस्था प्रभारी एसएनजी स्कूल होशंगाबाद




बोर्ड के नए पैटर्न के तहत अब 85 प्रतिशत प्रश्न छोटे व सामान्य श्रेणी के आएंगे। कठिन प्रश्न 15 प्रतिशत ही पूछे जाएंगे। इसके लिए बड़े प्रश्नों को कम कर छोटे प्रश्नों की संख्या बढ़ा दी है। मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पैटर्न बदलकर नया ब्लू प्रिंट जारी किया है। स्कूलों में इसी पैटर्न के अनुसार तैयारी चल रही है। नए पैटर्न के हिसाब से प्रत्येक विषय में दो-दो नंबर के पांच प्रश्न ((कृषि विज्ञान आदि में चार प्रश्न)) पूछे जाएंगे। इसके अलावा चार नंबर के प्रश्न भी बढ़ेंगे। छह और सात नंबर के बड़े प्रश्न घटाकर एक या दो कर दिए हैं। 35 नंबर के प्रश्न ऑब्जेक्टिव ((वस्तुनिष्ठ)) और अति लघु उत्तरीय होंगे। वस्तुनिष्ठ को छोड़कर अन्य सभी प्रश्नों में विकल्प भी रहेंगे, ताकि किसी प्रश्न का उत्तर नहीं आए तो परीक्षार्थी दूसरा प्रश्न हल कर ले। प्रश्नों की संख्या भी 21 से बढ़कर 24 हो जाएगी। हालांकि हिंदी सामान्य, अंग्रेजी, संस्कृत में तीन-तीन अंक के प्रश्न भी पूछे जाएंगे। विज्ञान का पेपर 75 नंबर का होगा, इसलिए उसमें दो-दो नंबर के चार प्रश्न रहेंगे। हिंदी विशिष्ट, सामान्य, अंग्रेजी विशिष्ट, संस्कृत विशिष्ट, संस्कृत सामान्य में 10 नंबर के प्रश्न पूछे जाएंगे।



छोटे प्रश्नों की संख्या बढ़ाई