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मंत्री, विधायकों और कलेक्टर ने कहा- नहीं होने देंगे खदानों पर रेत का खनन
ञ्च२००५ में स्वीकृत हुई खदान, पिछले महीने सीमांकन कर खनन शुरू करने का प्रयास किया गया, ग्रामीणों के विरोध के कारण बैरंग लौटा था सरकारी अमला तो भास्कर बना जनता की आवाज और अब सभी बोलने लगे जनता के मन की बात
नगर संवाददाता - होशंगाबाद/पिपरिया
पिपरिया के सांडिया में रेत खदान का विरोध करने वाले लोगों की आवाज बुलंद हो रही है। उनकी आवाज प्रशासन और सरकार तक पहुंच रही है। जनप्रतिनिधियों ने खदान की अनुमति निरस्त करने की बात सरकार तक रखने का निर्णय लिया है। इधर प्रशासन और खनिज विभाग ने भी अभी खदान चालू नहीं होने देने का निर्णय लिया है। पर्यावरण की अनुमति नहीं होने के कारण खनन शुरू होना मुश्किल है। संभावना यह भी है कि इस खदान की अनुमति अपने आप ही मार्च में समाप्त हो जाएगी क्योंकि पर्यावरण विभाग की नई गाइड लाइन के अनुसार खदान 5 हेक्टेयर से अधिक की होना चाहिए, जबकि यह खदान मात्र 4 हेक्टेयर की ही है।
साडिया में नर्मदा के तीनों घाट सीताराम, ऋषि और बाजार घाट पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु स्नान करने आते हैं। घाट पर 4 हेक्टेयर जगह पर रेत की नई खदान बना दी गई है। खदान २००५ में स्वीकृति हुई थी, लेकिन अभी तक उसमें खनन शुरू नहीं हो पाया है। इस बीच लोगों का विरोध जारी है। लोगों का विरोध देखते हुए जनप्रतिनिधि आगे आ गए हैं। इधर प्रशासन आश्वस्त है कि अभी खदान शुरू नहीं होगी। हालांकि प्रशासन का यह भी कहना है कि लोग अपनी आपत्ति पर्यावरण विभाग को भी दर्ज करा सकते हैं।