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हर काम के लिए तय करना पड़ता है 20 किमी का सफर
पिपरिया से भौखेड़ी खुर्द की दूरी है 3 किमी
ग्रामीणों को शासकीय कार्यों के लिए जाना पड़ता है 20 किमी दूर
सड़क संपर्क से कटा है गांव, शासकीय योजनाओं का नहीं मिलता है लाभ
उमाशंकर चन्द्रायण/पिपरिया
सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र का सबसे अंतिम गांव भौखेड़ी खुर्द के ग्रामीण लगातार उपेक्षा से परेशान हैं। पिपरिया से महज 3 किमी दूर भौखेड़ी खुर्द के ग्रामीणों को शासकीय कार्यों के लिए 20 किमी दूर सोहागपुर मुख्यालय जाना पड़ता है। जिससे ग्रामीणों को आर्थिक के साथ-साथ अधिक समय लगता है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के समय मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है। मोकलवाड़ी पंचायत व भौखेड़ी की आबादी 1500 के लगभग है।
रिपोर्ट लिखवाने तय करनी पड़ती है 18 किमी की दूरी
भौखेड़ी खुर्द के रज्जू पालीवाल ने बताया कि पूर्व में गांव पिपरिया विधानसभा के अंतर्गत आता था लेकिन करीब 10 वर्ष पूर्व सोहागपुर विधानसभा में जोड़ दिया गया। तब थाना भी पिपरिया लगता था, लेकिन अब जनपद, तहसील थाना और तमाम सरकारी कामकाज ब्लॉक मुख्यालय सोहागपुर के अंतर्गत आते हैं। यहां तक कि ग्रामीणों को यदि रिपोर्ट भी लिखवानी हो तो उसे 20 किमी का सफर तय करना ही होता है।
पिपरिया ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ा जाए
गांव के देवीसिंह पटेल, राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि खसरा नकल बही या जाति प्रमाण-पत्र बनवाना हो तो सोहागपुर जाना पड़ता है, जबकि पिपरिया गांव के नजदीक पड़ता है। ग्रामीणों ने शासन से मांग कर कहा है कि पुन: परिसीमन कर भौंखेड़ी खुर्द को पिपरिया ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ा जाए।
दोनों ओर से कच्चा है सड़क मार्ग
पिपरिया और रानी पिपरिया दोनों ओर से भौखेड़ी खुर्द की दूरी 3-3 किमी है, गांव पहुंचने वाले दोनों मार्ग कच्चे हैं। गांव के रामकिशोर पटेल ने बताया कि बारिश के दिनों में ये मार्ग दलदल में तब्दील हो जाते हैं जिससे आवाजाही में भारी परेशानी होती है।
प्राथमिक स्कूल व आंगनबाड़ी भवन की कमी
सरपंच सरूपी बाई पटेल ने बताया कि ग्राम में प्राथमिक स्कूल भवन नहीं है जिससे बच्चों को मिडिल स्कूल भवन में बैठाना पड़ रहा है। कक्षा सातवीं की मनीषा और शिवानी ने बताया कि एक कमरे में तीनों क्लासें लगती हैं, जिससे पढ़ाई भी नहीं हो पाती और कुछ समझ में भी नहीं आता। पूर्व सरपंच शक्तिसिंह पटेल ने कहा कि 7 लाख रुपए की लागत से भवन बनना था, लेकिन आज तक नहीं बन पाया। इतना ही नहीं पूर्व सरपंच ने बताया कि गांव में आंगनबाड़ी भवन भी नहीं है। गांव में चार हैंडपंप हैं जिनमें से दो बंद हैं जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए निजी साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। गांव में बढ़ती आबादी के साथ ही हैंडपंप की संख्या भी बढऩी चाहिए।
ग्रामीणों का आरोप, नहीं मिला मुआवजा
गांव के शंकरलाल पटेल, राजू शर्मा, मीनू मेहर, बाबू पटेल सहित किसानों ने बताया कि गरीबी रेखा में उनका नाम नहीं है, ओला और अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं मिला, यहां तक की शासन की योजनाओं का उन्हें लाभ तक नहीं मिल पा रहा है।
(( फोटो: 02 गांव पहुंचने वाले मार्ग की स्थिति
03: भौखेड़ी खुर्द के नाराज किसानों ने की योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की।
04: भवन नहीं होने से बरामदे में बैठे स्कूली बच्चे
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पांच दिन में जनरेट नहीं हुए इनरोलमेंट नंबर तो परीक्षा से वंचित हो सकते हैं दर्जनों छात्र
((फोटो: 07 फार्म जमा करने के लिए कॉलेज में लगी विद्यार्थियों की कतार।
05: छात्र गुरूदत्त।
06: छात्रा नीलम गोलिये।
कार्यालय संवाददाता - पिपरिया। शहर के शासकीय कॉलेज में संचालित यूजी व पीजी कक्षा के विभिन्न संकायों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को महीनों बीत गए, लेकिन इनमें से दर्जनों छात्र-छात्राओं को अभी तक नामांकन नंबर जनरेट नहीं किए गए हैं। जबकि यूजी व पीजी कक्षा की विभिन्न संकायों में पढऩे वाले इन विद्यार्थियों की परीक्षाएं सिर पर हैं। यदि परीक्षा फार्म भराने के पूर्व ऐसे विद्यार्थियों को नामांकन नंबर नहीं आए तो ये छात्र परीक्षा फार्म भरने चूकने के साथ-साथ परीक्षा से वंचित हो जाएंगे।
27 जनवरी तक भरे जाएंगे परीक्षा फार्म
यूजी व पीजी कक्षाओं की विभिन्न संकायों में अध्ययनरत छात्रों के लिए आगामी माह में परीक्षाएं आयोजित होंगी। कॉलेज में परीक्षा फार्म भी भरे जा रहे हैं जिसकी अंतिम तिथि 27 जनवरी तय की गई है। बुधवार परीक्षा फार्म भरने के लिए विद्यार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं। लेकिन जिन छात्रों के नामांकन नंबर नहीं आए, वे कॉलेज कैंपस में इधर से उधर भटक रहे थे।
इनरोलमेंट की जगह छपा मोबाइल नंबर
प्रवेश के वक्त नामांकन फार्म भी भरा था, लिस्ट में नाम भी आया, लेकिन नामांकन की जगह मोबाइल नंबर छपकर आ गया। अब परेशान हो रहे हैं। 25 रुपए की जगह 1 हजार 25 रुपए जमा कर फार्म भरने पड़ रहे हैं।
कु. नीलम गोलिये, छात्रा एमएससी प्रथम सेमेस्टर
परीक्षा से वंचित रहने का डर
पूर्व में ही नामांकन के लिए फार्म भर चुके हैं। महीने बीत गए लेकिन अभी तक नामांकन नंबर जनरेट नहीं हुआ। परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि 27 जनवरी है। यदि इसके पहले नामांकन नंबर जनरेट नहीं हुआ तो परीक्षा से वंचित रह सकते हैं।
गुरूदत्त ढिमोले, छात्र पिपरिया
ऐसे होता है नामांकन नंबर जनरेट
शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पिपरिया में बीएससी प्रथम सेमेस्टर की छात्रा पूजा सप्रे और छात्र अमित कुमार राय ने बताया कि यूजी और पूजी कक्षाओं में प्रवेश के समय नामांकन फार्म भी भरना होता है। ये फार्म विश्वविद्यालय को प्रेषित किए जाते हैं जहां से विद्यार्थियों को नामांकन नंबर जनरेट किए जाते हैं। जिसके आधार पर विद्यार्थियों को परीक्षा फार्म वितरित किए जाते हैं। कैंपस में नामांकन जनरेट न होने की शिकायत करने वाले छात्र कमलेश, भूपेश और अरविंद का कहना था कि इसी नामांकन नंबर के आधार पर अब परीक्षा फार्म भी भराए जा रहे हैं।
नवीन नामांकन के लिए 23 जनवरी तक भरे जाएंगे फार्म
कॉलेज में नवीन नामांकन के लिए विद्यार्थियों से फार्म भराए जा रहे हैं। पूर्व में नामांकन फार्म भरने के बाद जिन विद्यार्थियों के इनरोलमेंट नंबर जनरेट नहीं हुए हैं उन्हें 23 जनवरी तक लेट फीस 1 हजार 25 रुपए जमा कर नामांकन फार्म भरने होंगे।
बगैर इनरोलमेंट नंबर के नहीं भर सकेंगे परीक्षा फार्म
यूजी और पीजी कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा जल्द होगी। परीक्षा फार्म आगामी 27 जनवरी तक भरे जायेंगे। जिन विद्यार्थियों के इनरोलमेंट नंबर नहीं आए है उनका परीक्षा फार्म इंटरनेट पर ओपन नहीं होगा। कोशिश करेंगे कि अंतिम तिथि तक सभी के इनरोलमेंट जनरेट हो जाए।
अनिल कुमार बैस, प्रभारी प्राचार्य शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पिपरिया
पति ही निकला पत्नी का हत्यारा
पुलिस ने 24 घंटे के भीतर किया अंधे कत्ले का खुलासा
((फोटो सिवनी मालवा से आएगी।))
सिवनीमालवा। बानापुरा के आजाद वार्ड में हुई एक विवाहित महिला की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। एसडीओपी भरत दुबे ने बताया कि मृतिका भूरी बाई की हत्या उसके पति बंटी उर्फ बबलू आदिवासी ((30)) ने धारदार हथियार व बकानुमा बल्लम से करना कबूल किया है। हत्या के पीछे पति-पत्नी के बीच विवाद होना बताया जा रहा है। तंग आकर महिला अपने दोनों बच्चों के साथ ससुराल से दो दिन पहले ही मां फूलवती के पास आई थी। जहां सोमवार की दरम्यानी रात घर के बाहर घात लगाकर बैठा रहा और जैसे ही महिला बाहर आई उस पर हमला कर दिया। जिसके बाद घटना स्थल पर ही भूरी बाई की मौत हो गई थी।
पुलिस को कर रहा था गुमराह
एसडीओपी भरत दुबे ने बताया कि महिला की मौत के बाद उसके पति बंटी से पुलिस पूछताछ कर रही थी। इसी बीच वह पुलिस को दे रहे बयान बार-बार बदल रहा था। पुलिस को उस पर शंका हुई। पुलिस ने बंटी से कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें उसने पत्नी भूरी बाई की हत्या करना स्वीकार किया।