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एनओसी में अटका एक साल से बस स्टैंड का निर्माण कार्य
ञ्च डब्ल्यूसीएल से नहीं मिल पा रही एनओसी, एक साल से अटका पड़ा है काम
नगर संवाददाता - सारनी
पाथाखेड़ा का बस स्टैंड एनओसी की चक्कर में अटका पड़ा है। डब्ल्यूसीएल की ओर से अनुमति नहीं मिलने के कारण नगर पालिका इसका काम नहीं कर पा रही है। बस स्टैंड के लिए बीआरजीएफ योजना के तहत दस लाख रुपए भी मंजूर हो गए हैं, लेकिन अनुमति नहीं मिलना रोड़ा बना हुआ है। ऐसे में काम नहीं हो पा रहा। इसी सप्ताह से नगर पालिका ने फिर से अनुमति लेने की कार्रवाई शुरू की है।
नगर पालिका सारनी ने पिछले वर्ष बीआरजीएफ योजना के तहत पाथाखेड़ा, कालीमाई और शोभापुर बस स्टैंड की हालत सुधारने की योजना तैयार की थी। योजना के तहत नगर पालिका ने तीनों क्षेत्रों के लिए 10-10 लाख रुपए का बजट निर्धारित किया। मंजूरी भी मिल गई, लेकिन शुरुआत नहीं हो सकी। नगर पालिका सबसे पहले पाथाखेड़ा बस स्टैंड की स्थिति सुधारना चाहती थी, लेकिन डब्ल्यूसीएल की ओर से यहां काम करने की अनुमति ही नहीं मिल पाई। ऐसे में काम शुरू भी नहीं हो सका। जबकि पाथाखेड़ा में बस स्टैंड की जरूरत है। नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी मोहबे ने बताया कि डब्ल्यूसीएल से अनुमति नहीं मिलने के कारण दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इसकी प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी। नपा इसी स्ट्रक्चर को बेहतर करेगी।
नपा नहीं दे रही ध्यान : पाथाखेड़ा के स्टैंड को लेकर कई बार सवाल उठे, लेकिन ना तो नगर पालिका ने ध्यान दिया और ना डब्ल्यूसीएल ने। स्थिति यह है कि यहां यात्रियों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। छत की शीटें उखड़ गई है। शीटें नहीं लगाने के यहां उजाड़ जैसा लगता है। स्टैंड पर ना पानी की व्यवस्था है और ना लाइट की।
शाम सात बजे के बाद यहां अंधेरा हो जाता है।
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कालीमाई और शोभापुर स्टॉप भी बेतरतीब
बगडोना से सारनी तक यात्री वाहनों के कुल आठ स्थानों पर स्टॉप बने हैं। सभी स्टॉपों की हालत बेकार है। मुख्यत: कालीमाई और शोभापुर कॉलोनी के बस स्टॉप पर अव्यवस्था होती है। बसें और टैक्सियां यहां सड़क पर ही खड़ी रहती हैं। इससे आम ट्रैफिक प्रभावित होता है। कालीमाई स्टाप पर तो और ज्यादा परेशानी है। कोयले के ट्रक यहां खड़े रहते हैं। हर पल दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। मजबूरी में यात्री इस स्टॉप का उपयोग करते हैं।
सारनी के पाथाखेड़ा बस स्टैंड का काम एनओसी नहीं मिलने के कारण अटका हुआ है।
सारनी के कालीमाई में बस स्टॉप के पास ट्रक खड़े रहने से दिक्कतें होती हैं।
ऐसे हो सकता है सुधार
ञ्च डब्ल्यूसीएल से अस्थाई अनुमति लेकर पाथाखेड़ा में सुधार।
ञ्च डब्ल्यूसीएल और नपा की
आपसी सहमति से हो सकता है निर्माण।
ञ्च शोभापुर का बस स्टैंड यही की खाली जमीन पर स्थानांतरित।
ञ्च कालीमाई में कोयले के ट्रकों की पार्किंग अलग करना।
ञ्च पाथाखेड़ा बस स्टैंड पर लगे नपा के हाई मास्ट को चालू कर प्रकाश व्यवस्था।
लेटलतीफी - बीआरजीएफ योजना से दस लाख में होना है जीर्णोद्धार
असुरक्षित पाथाखेड़ा का बस स्टैंड
सुरक्षा के लिहाज से पाथाखेड़ा का बस स्टैंड असुरक्षित है। पाथाखेड़ा पुलिस ने भी बस स्टैंड की खराब हालत को लेकर डब्ल्यूसीएल प्रबंधन को पत्र लिखा है। चौकी प्रभारी सुरेंद्रसिंह यादव ने बताया कि शाम को अंधेरा होने के कारण यहां अप्रिय घटना की आशंका होती है। इसके लिए डब्ल्यूसीएल प्रबंधन से चर्चा की जाएगी। यहां कम से कम लाइट होना बेहद जरूरी है। श्री यादव ने बताया कि पुलिस यहां बराबर गश्त कर व्यवस्था देखती है, लेकिन पूरे समय देख पाना संभव नहीं है। इसलिए आम लोगों की
सुविधा के लिए लाइटें शुरू रहनी चाहिए।