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पहले किसानों से पूछी समस्या, बाद में प्रस्ताव पर चर्चा

8 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता - मुलताई
कृषि उपज मंडी समिति की गुरुवार को हुई बैठक बंद कमरे की बजाय किसानों के बीच में हुई। सदस्यों ने पहले किसानों से समस्याएं पूछी इसके बाद प्रस्ताव पारित किए। किसानों ने पानी, मंडी परिसर में बाउंड्री सहित अन्य समस्याओं को सदस्यों के सामने रखा। किसानों के हितों से संबंधित मुद्दे सर्वसम्मति से पारित हुए। मंडी समिति की बैठक हर बार कमरे में होती थी।
इस बार व्यापारी प्रतिनिधि संजय अग्रवाल ने कमरे की बजाय किसानों से पहले समस्या पूछने और उसके बाद प्रस्ताव लेने की बात कही। श्री अग्रवाल के इस सुझाव का सभी ने समर्थन किया। इसके मंडी अध्यक्ष श्यामरती धुर्वे, उपाध्यक्ष श्रीचंद कास्लेकर, सदस्य बुधसिंह राजपूत, नरेश साहू, शिवजी प्रजापति, चिंटू खन्ना, आशीष देशमुख सहित अन्य सदस्य मंडी में अनाज बेचने आने वाले किसानों के पास पहुंचे। किसानों ने सदस्यों को मंडी में पानी की व्यवस्था नहीं होने, बाउंड्रीवाल नहीं होने से मवेशियों से होने वाली परेशानी, किसान भवन की असुविधा आदि के बारे में बताया। मंडी सदस्यों ने परिसर में पानी की टंकी रखने, मंडी परिसर में नई दुकानों का निर्माण करने, किसान भवन में सुविधाएं उपलब्ध कराने आदि प्रस्ताव पारित किए। मंडी के व्यापारी प्रतिनिधि संजय अग्रवाल ने कहा कि किसानों ने मंडी परिसर में ही बेचे गए माल का भुगतान करने के बारे में कहा है। मंडी से ही भुगतान करने की व्यवस्था भी की जाएगी। बैठक में मंडी सचिव शीला खातरकर, मंडी निरीक्षक एचआर लोखंडे सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।



बोली लगाने को लेकर हुआ विवाद

मंडी समिति की बैठक के बाद व्यापारी मंडी शेड में किसानों द्वारा लाए गए सोयाबीन की बोली लगा रहे थे। इस दौरान व्यापारियों के बीच बोली लगाने को लेकर विवाद हो गया। व्यापारियों के बीच विवाद बढ़ता देख किसानों ने मंडी अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। मंडी सचिव शीला खातरकर ने व्यापारियों को विवाद नहीं करने की समझाइश दी। इसके बाद मामला शांत हुआ।

मुलताई। मंडी अध्यक्ष और सदस्यों ने किसानों के पास पहुंचकर समस्या सुनी और प्रस्ताव पारित किए।

मंडी समिति की बैठक में किसानों के सामने हुए प्रस्ताव पारित, किसानों ने पानी, भवन, बाउंड्रीवाल सहित अन्य समस्याएं बताईं