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प्रशासन ने कहा-दुकानें हटाओ

8 वर्ष पहले
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ञ्चमेले में दुकानें लगाने वाले व्यापारी परेशान
नगर संवाददाता - सारनी
शहर में मठारदेव बाबा के मेले को लेकर फिर विरोधाभास की स्थिति निर्मित हो गई। प्रशासन ने दुकानें हटाने को कह दिया। दुकानदार छब्बीस जनवरी तक दुकानें लगाना चाहते हैं। शहर के लोग भी छुट्टियों में झूलों और मेले का लुत्फ लेना चाहते हैं। मगर, प्रशासन के एक आदेश के बाद मेले में स्थिति बिगड़ गई हैं।
शहर में मठारदेव बाबा का मेला बारह से बाइस जनवरी तक लगता है। मगर, यहां कुछ दुकानें और झूले छब्बीस जनवरी तक रहते हैं। इस बार प्रशासन की सख्ती के कारण व्यापारियों और झूले वालों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। अधिकतर दुकानदारों ने शुक्रवार को सामान समेट लिया। दरअसल, गुरुवार रात को दो बार बिजली गुल होने और प्रशासन की ओर से दुकानें हटाने का फरमान जारी होने के बाद व्यापारी डरे हुए हैं। पहले धंधा नहीं होने से परेशानी और अब मौसम की मार। ऐसे में व्यापारी परेशान हैं। मगर, छब्बीस जनवरी तक यहां झूले और दुकानें रहेंगी।




एक-दो दिन ज्यादा मांगे

मेले में इस बार भीड़ कम रही। इसलिए एक-दो दिन ज्यादा की मांग रखी गई। अब प्रशासन ने दुकानें हटाने का कहा तो व्यापारी परेशान हैं। मगर, ज्यादा सख्ती नहीं की गई। इसलिए छब्बीस तक यही रहेंगे।

संतोष सराठे, व्यापारी इटारसी

बारिश से हुई दिक्कतें

प्लाटिंग के रेट ज्यादा और बारिश के कारण मेले में बेहतर धंधा नहीं हो पाया। इसलिए छब्बीस जनवरी तक दुकानें लगाकर कुछ धंधा करना चाहते हैं। स्थानीय लोगों की भी यही मांग है।

नरेश साहू, व्यापारी सारनी

छब्बीस तक रहेंगे झूले

हर साल छब्बीस जनवरी तक झूले रहते हैं। लोग छुट्टी के दिन यहां आते हैं। इसलिए उनकी सुविधा के लिए झूले लगाए जाते हैं। प्रशासन ने इन्हें हटाने को नहीं कहा।

विश्वनाथ गावंडे, सुपरवाइजर हवाई झूला

३ दिन व्यवसाय की उम्मीद

व्यापारियों को अगले दो-तीन दिन व्यवसाय की उम्मीद है। इसलिए वे दुकानें लगाकर बैठे हैं। मेले में स्थानीय लोग कम खरीदारी करते हैं। इन दो-तीन दिनों में स्थानीय लोगों को खरीदारी का मौका मिलता है।

गणेश विश्वकर्मा, व्यापारी मासोद



मठारदेव मेला - नगरपालिका ने 22 को की समापन की घोषणा, 26 जनवरी तक लगता है मेला

फाल्ट से बिजली गुल

॥गुरुवार रात को तकनीकी कारणों से बिजली गुल हुई थी। जबरदस्ती लाइन नहीं काटी गई। सुधार के पंद्रह मिनट बाद बिजली आ भी गई। मंदिर में आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखा जा रहा है।ञ्जञ्ज

करण सिंह दोहरे, एई टॉउन



कोई सख्ती नहीं की

॥प्रशासन की ओर से कोई सख्ती नहीं की गई। चूंकि मेले की तिथि बाइस जनवरी तक थी इसलिए सभी दुकानदारों को एक बार सूचित भर किया गया। कानून व्यवस्था बनी रहे इसलिए सूचना दी गई है। किसी को जबरदस्ती हटने का नहीं कहा जा रहा है।ञ्जञ्ज

अनूप सिंह नैन, टीआई सारनी



आखिर कैसे पैदा हुआ विरोधाभास



दरअसल, नगर पालिका ने बाइस जनवरी को मेले का समापन कर दिया। इसी दिन मेले से दुकानें हटाने की घोषणा कर दी गई। इसके बाद टीआई ने दुकानदारों से जल्द दुकानें हटाने का कह दिया। जबकि यहां झूले और कुछ दुकानें छब्बीस जनवरी तक रहते हैं। इसके बाद ज्यादातर दुकानें हर साल की तरह हट गईं, लेकिन कुछ दुकानें यहां लगी रही। रात को बिजली गुल होने के बाद ऐसा लगा कि प्रशासन ने जबरदस्ती बिजली गुल कर दी। जबकि हुआ ऐसा नहीं था।

रात को बिजली गुल होते ही बढ़ी मुसीबत

गुरुवार रात को अचानक चालू मेले में बिजली गुल हो गई। इसके बाद व्यापारी और झूले वालों ने इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों तक पर आरोप लगा दिया कि बिजली जबरदस्ती गुल कराई गई। इसके बाद नगर पालिका के मेला प्रभारी संतोष दुबे यहां पहुंचे। टीआई से चर्चा की गई। बाद में पता चला कि तकनीकी कारणों से बिजली गुल हुई। थोड़ी देर बाद बिजली आ गई।



प्लांट का ज्यादा किराया, मौसम खराब होने के कारण नहीं हुआ धंधा

दुकानदारों की परेशानी यह है कि मेले में प्लाटिंग का किराया ज्यादा था। दूसरी परेशानी यह कि मेले में खराब मौसम और कम भीड़ के कारण धंधा भी नहीं हुआ। ऐसे में एक-दो दिन अतिरिक्त दुकानें लगाकर वे धंधा बराकर करना चाहते हैं। मगर, यहां विरोधाभास की स्थिति है। कभी प्रशासन इन्हें हटने का कहता है तो कभी छब्बीस जनवरी तक दुकानें लगे रहनी के बात कही जाती है। ऐसे में लोग परेशान हैं।



सारनी के मठारदेव बाबा मेले में दुकानें सजी हुई हैं। लोग खरीदारी करने भी आ रहे हैं।