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किसानों को साइबर रूम से उपलब्ध होंगे जमीनी दस्तावेज व जानकारियां
कार्यालय संवाददाता - पिपरिया
किसानों को जमीनी दस्तावेजों के लिए अब ज्यादा समय जाया नहीं करना होगा। सभी किसानों को तहसील मुख्यालय पर स्थित साइबर रूम के माध्यम से जमीनी दस्तावेज व जानकारियां उपलब्ध कराई जायेगी। किसानों के जमीन से जुड़ी जानकारियां व दस्तावेज सायबर रूम में रखे कम्प्यूटर पर अपलोड किए जाएंगे, जिनके माध्यम से काफी कम समय में किसानों को मांगी गई जानकारी उपलब्ध होगी। तहसीलदार डीएनसिंह ने जानकारी दी कि आयुक्त बंदोबस्त एवं भू-अभिलेख ग्वालियर के आदेश के बाद तहसील में एक सायबर रूम तैयार किया गया है जहां किसानों की जमीन से जुड़े सारे नये व पुराने दस्तावेजों को स्केन किया जा रहा है। ब्लॉक के 138 गांवों के 54 हल्कों के रिकार्डों को स्केन करने के बाद उन्हें कम्प्यूटर पर अपलोड किया जायेगा। डीएनसिंह के मुताबिक फरवरी माह से किसानों को काफी कम समय में आसानी से मांगी गई संबंधित जानकारी व दस्तावेज उपलब्ध कराना शुरू कर दिया जाएगा।
कम्प्यूटरीकृत साइबर रूम से मिलेगी जानकारी
मुख्यालय पर स्थित तहसील कार्यालय में इसके लिए एक साइबर रूम तैयार किया गया है। जिसमें वर्तमान में स्केनिंग का कार्य चल रहा है, जो जल्द ही पूरा कर लिया जायेगा। तहसीलदार के मुताबिक यह रूम पूर्ण रूप से कम्प्यूटरीकृत है जहां से किसानों को जमीन से जुड़े दस्तावेज और जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जायेगी।
ये दस्तावेज हो रहे कम्प्यूटरीकृत
तहसीलदार डीएन सिंह ने बताया कि मिशल बंदोबस्त, अधिकार अभिलेख, संशोधन पंजी, चकबंदी, पांच सालाना खसरा और नजूल खसरा संबंधित किसानों के दस्तावेजों को स्केन किया जा रहा है।
18 हल्कों के दस्तावेज हुए स्केन
ब्लॉक में कुल 138 गांव है इसमें से 50 गांव के 18 हल्कों से जुड़े जमीनी दस्तावेजों को स्केन कर लिया गया है। जबकि 36 हल्कों से जुड़े किसानों के जमीनी दस्तावेजों को जल्द स्केन किया जायेगा।
किसानों को ये होगा फायदा
: कम्प्यूटरीकृत होंगे किसानों की जमीनों से जुड़े दस्तावेज।
:कार्यालयों में आसानी से संधारित कर सुरक्षित रखा जा सकेगा रिकार्ड।
: किसानों को एक ही स्थान से कम समय में उपलब्ध होगी जानकारी।
:ग्रामीण किसानों को अलग-अलग दफ्तरों के नहीं काटने होंगे चक्कर।