पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • टक्कर मारी और चलता ट्रक छोड़कर भाग गया ड्राइवर

टक्कर मारी और चलता ट्रक छोड़कर भाग गया ड्राइवर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नगर संवाददाता - होशंगाबाद
मीनाक्षी चौक पर बुधवार शाम को बिना ड्राइवर ट्रक चलते देख लोगों में भगदड़ मच गई। ट्रक होशंगाबाद से बाबई रोड तरफ जा रहा था। बिना ड्राइवर के ट्रक तेज गति से चौराहे स्थित एक पान की दुकान की ओर बढ़ रहा था। यहां बस के इंतजार में कई लोग खड़े थे। इस दौरान एक युवक संतोष संतोरे साहस दिखाते हुए ट्रक पर चढ़ा और उसमें ब्रेक लगाए। इससे हादसा टल गया। बीच चौराहे पर घटना से लेकर 15 मिनट बाद तक ट्रैफिक पुलिस नहीं पहुंची थी। बाद में एक ट्रैफिक सिपाही कहीं से घबराया हुआ दौड़कर आया और एक साथी की सहायता से ट्रक को पुलिस लाइन ले गया।
प्रत्यक्षदर्शी कल्लू वर्मा ने बताया कि चौराहे पर देवी मंदिर के सामने से आ रहे ट्रक ने बाइक सवार को बाजू से टक्कर मारी। बाइक सवार ट्रक के पहिए की चपेट में आने से बच गया। ट्रक चालक ने सोचा की बाइक सवार पहिए के नीचे आ गया। यह सोचकर ड्राइवर व क्लीनर तुरंत चलते हुए ट्रक से कूद कर आईटीआई रोड तरफ भाग गए। ट्रक बिना ड्राइवर के ही बीच चौराहे से आगे बढऩे लगा। इतने में एक व्यक्ति श्री संतोरे ने ट्रक पर चढ़कर उसे रोक दिया। नहीं तो ट्रक कई लोगों को अपनी चपेट में ले सकता था। इधर जिस बाइक चालक को ट्रक ने टक्कर मारी थी, वह घबराकर बाइक लेकर चला गया। यातायात प्रभारी विजयशंकर द्विवेदी ने बताया कि एक ट्रक चालक ने वाहन को मीनाक्षी चौक पर चलता हुआ छोड़कर भाग गया था। ट्रक को हमनें जब्त कर लिया है। ट्रक चालक और उसके मालिक का पता नहीं चल सका है। एक अकेला ट्रैफिक सिपाही आईटीआई पुलिया के पास यातायात व्यवस्था में लगा था, इससे वह समय पर वहां नहीं पहुंच सका।




होशंगाबाद। मीनाक्षी चौक पर इसी चलते ट्रक से कूदकर ड्राइवर फरार हो गया था।

मीनाक्षी चौक पर 15 मीटर बिना ड्राइवर के चला ट्रक, एक अन्य युवक ने ट्रक पर चढ़कर रोका

लोगों की सोची और ट्रक पर चढ़ गया

मैं इटारसी जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था। सामने एक ट्रक तेज गति से आता दिखा। आजू-बाजू के लोग चिल्ला रहे थे कि बिना ड्राइवर के ट्रक चल रहा है। मैंने देखा कि सड़क के बाजू में खड़े कुछ लोग ट्रक की चपेट में आ सकते हैं। मैं ट्रक चला सकता हूं लेकिन चलते हुए ट्रक पर चढऩा बहुत बड़ा रिस्क था। मैंने बिना कुछ सोचे लोगों की सुरक्षा की सोची और ट्रक पर लपक कर चढ़ गया। ब्रेक लगाकर ट्रक को रोका और एक तरफ खड़ा कर दिया, और मौके से दूर जाकर खड़ा हो गया, क्योंकि भीड़ मुझको ही ट्रक चालक समझकर पिटाई कर सकती थी।

संतोष संतोरे, चलते हुए ट्रक पर चढ़कर उसे सहास के साथ रोका