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- टीएस और टेंडर के पचड़े में उलझी विजय नगर की बिजली
टीएस और टेंडर के पचड़े में उलझी विजय नगर की बिजली
ञ्च टेम्परेरी कनेक्शनों पर चल रहा काम
नगर संवाददाता - सारनी
शहर के विजय नगर की बिजली व्यवस्था नगरपालिका के टीएस और टेंडर के पचड़े में अटकी हुई है। हालांकि नगर पालिका ने यहां के एस्टीमेट बनाने के लिए बिजली कंपनी को सुपरविजन चार्ज जरूर दे दिया है। मगर, यहां काम के नाम पर कुछ नहीं हुआ है। स्थिति यह है कि लोग अभी भी टेम्परेरी कनेक्शनों के भरोसे चल रहे हैं। नए कनेक्शन भी नहीं मिले।
चार साल पहले विजय नगर के लोग दमुआ रोड के किनारे रहा करते थे। नया पॉवर प्लांट बनने के बाद यहां के लोगों को पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने विस्थापित कर विजय नगर में बसाया। लोगों के बसने के बाद ही यह नया मोहल्ला बना है। 200 से ज्यादा घरों की आबादी वाले इस क्षेत्र में बिजली की व्यवस्था इन तीन सालों में भी नहीं हुई। दीपावली के समय बिजली वितरण कंपनी ने यहां के ट्रांसफार्मर कर कनेक्शन काट दिया था। दरअसल, यहां सरचार्ज ज्यादा होने और अवैध कनेक्शनों की संख्या को देखते हुए यह किया गया। इसके बाद विरोध हुआ तो लोगों को अस्थाई कनेक्शन दिए गए। इनके बिल भी ज्यादा आ रहे हैं। स्थाई नए कनेक्शनों की कार्रवाई नहीं हुई। नगरपालिका सीएमओ सविता प्रधान ने बताया कि टीएस और टेंडर की कार्रवाई जल्दी पूरी कर ली जाएगी।
टेंडर प्रक्रिया में समय लगेगा
ट्रांसफार्मर भी लगेगा
॥विजय नगर में बिजली व्यवस्था के लिए एस्टीमेट तैयार कर नपा को दिया जाएगा। यहां घरों की संख्या के मुताबिक ट्रांसफार्मर प्रस्तावित किया जाएगा। यहां बिजली के लिए बाइस खंभे लगाए जाएंगे।ञ्जञ्ज
करण सिंह दोहरे, एई टॉउन सारनी
नगरपालिका विजय नगर में खंभे लगाने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए तकनीकी मंजूरी लेगी। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया होगी। यानी पूरी कार्रवाई में एक महीने से ज्यादा का समय लग सकता है। जितने जल्दी विजय नगर की बिजली व्यवस्था के लिए एस्टीमेट तैयार हो जाएगा उतनी जल्दी यहां बिजली व्यवस्था बहाल हो जाएगी। वितरण कंपनी घरों की संख्या के मुताबिक यहां ट्रांसफार्मर भी लगाने की योजना बना रही है।
नपा लगवाएगी खंभे
विजय नगर में ट्रांसफार्मर तो हैं, लेकिन खंभे नहीं हैं। जब बिजली की मांग उठी तो कंपनी ने यहां खंभों की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़ा किया। इसके बाद यह तय हुआ कि खंभे लगाने की राशि नगरपालिका वहन करेगी। यहां करीब बाइस खंभे लगाए जाने हैं। यानी इतने खंभे नपा को खरीदकर कंपनी को देने होंगे। तभी काम आगे बढ़ेगा। एस्टीमेट तैयार करने और सुपरविजन चार्ज के रूप में नपा ने पांच फीसदी राशि वितरण कंपनी को दे दी है।
200 से ज्यादा घरों की आबादी वाले इस क्षेत्र में बिजली की व्यवस्था इन तीन सालों में नहीं हुई
काम का एस्टीमेट ही नहीं बना
नगरपालिका को खंभे लगाने के लिए वितरण कंपनी को एस्टीमेट तैयार करने को कहा है। मगर, काफी सारी जानकारी अधूरी होने के कारण एस्टीमेट तैयार नहीं हो पा रहा है। वितरण कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि घरों की संख्या, नक्शा आदि की मांग की गई है, लेकिन नगर पालिका से नहीं मिला है। इसके बाद ही सही एस्टीमेट तैयार हो सकता है। एस्टीमेट तैयार होने के बाद ही यहां बिजली पहुंच पाएगी।
जल्द चाहिए बिजली
तीन साल पहले तक हमारे कनेक्शन थे। अब बिजली नहीं है तो परेशान हो रहे हैं। जल्द ही स्थाई कनेक्शन मिल जाएं तो परेशानी कम हो जाएगी।
दिनेश साहू, रहवासी विजय नगर
अंधेरे में रहते हैं
हमारे ही शहर में बिजली बनती है और हमें ही नहीं मिलती। ऐसे में अंधेरे में रहना पड़ता है। ऐसी व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। जल्द बिजली मिलनी चाहिए।
नानीबाई, रहवासी विजय नगर
स्थाई कनेक्शन मिलें
बिजली कंपनी ने सर्वे नहीं किया है। नगर पालिका को भी जल्द व्यवस्थाएं करनी चाहिए। इससे लोगों को अंधेरे से निजात मिलेगी। लोग परेशान हैं।
मुश्ताक खान, रहवासी विजय नगर
महिलाएं परेशान
सुबह जल्दी उठना, अंधेरे में बच्चों के लिए टिफिन तैयार करना रोज का काम है।बिजली होती तो दिक्कतें नहीं होती। लोगों की परेशानी भी कम होती।
अनिता चौकीकर, रहवासी विजय नगर
सारनी के विजय नगर के इसी क्षेत्र में बिजली की सुविधा नहीं है।