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नहर क्षतिग्रस्त, 42 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड बेकार बहा
ञ्च नहर के एक ओर का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से 15 फीट गहरी और 30 फीट चौड़ी खाई बनी
नगर संवाददाता - मुलताई
चंदोरा जलाशय की नहर से किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया था। मंगलवार शाम को बिरूल बाजार के पास नहर फूट गई। नहर फूटने से 42 क्यूसेक प्रति सेकंड पानी रातभर बेकार बहा। बुधवार सुबह सूचना मिलने पर जल संसाधन विभाग ने नहर से पानी छोडऩा बंद किया।
क्षेत्र में 15 दिन पहले बारिश होने पर चंदोरा जलाशय की नहर से पानी छोडऩा बंद कर दिया था। मंगलवार को दोपहर में खेतों की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया। शाम 7 बजे बिरूल बाजार के पास नहर पर बने एक्वाडक्ट के पास से नहर फूट गई। पानी का बहाव तेज होने से नहर के एक ओर से 15 फीट गहरी और 30 फीट चौड़ी खाई हो गई। नहर का पानी तेजी से बहते हुए नाले से होते हुए नदी में पहुंच गया। नदी में अचानक पानी आने से किसान भी आश्चर्यचकित रह गए। जब उन्होंने नहर की ओर से पानी आते देखा तब नहर के क्षतिग्रस्त होने का पता चला। नहर का पानी तेजी से बहते हुए किसानों के खेतों में भी भरा गया। इससे फसलों को नुकसान हुआ है।
जल्द करेंगे मरम्मत
जल संसाधन विभाग के उपयंत्री सीएल पाठेकर ने बताया कि नहर का एक हिस्सा धंस गया है। जेसीबी मशीन लगाकर धंसे हुए स्थान से मिट्टी हटाई जाएगी। इसके बाद मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।
फसल को नहीं मिलेगा पानी
नहर क्षतिग्रस्त होने से बिहरगांव, सेंदुरजना, छिंदखेड़ा, डोहलन, सांवलमेंडा आदि गांवों में पानी नहीं पहुंचेगा। नहर से पानी नहीं मिलने से किसानों के खेतों की सिंचाई नहीं हो पाएगी। जलाशय में पानी होने पर विभाग ने 33 सौ 35 हैक्टेयर खेतों की सिंचाई का लक्ष्य रखा था।
कचरा फंसने से फूटी नहर
धाबला मार्ग पर बाड़ेगांव के पास नहरों के बीच आने वाले नाले पर जलसंसाधन विभाग ने एक्वाडक्ट बनाया है। नहर में जमा कचरा पानी के साथ एक्वाडक्ट में पहुंच गया। एक्वाडक्ट में कचरा फंसने और नहर से पानी का बहाव तेज होने से नहर क्षतिग्रस्त ग्रस्त हो गई।