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- तीन किमी पथरीले रास्ते के बाद श्रद्धालुओं को चढऩा होगी 1200 सीढिय़ांपरेशानी ! आठ बार हो चुके हैं सड़क
तीन किमी पथरीले रास्ते के बाद श्रद्धालुओं को चढऩा होगी 1200 सीढिय़ांपरेशानी-!-आठ बार हो चुके हैं सड़क के लिए टेंडर, ठेकेदारों ने नहीं दिखाई रुचि
ञ्चपचमढ़ी के महादेव और चौरागढ़ मंदिर क्षेत्र में पेयजल सप्लाई कमी व्यवस्था होगी
कार्यालय संवाददाता - पिपरिया/पचमढ़ी
पचमढ़ी के प्रमुख शिव मंदिरों की ओर जाने वाले रास्ते बदहाल हैं। इसके कारण महाशिवरात्रि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। हालांकि अधिकारी इन मार्गों की मरम्मत कराने की बात कह रहे हैं। पचमढ़ी के महादेव मंदिर क्षेत्र से चौरागढ़ मंदिर की सीमा ((सीढिय़ों)) तक करीब 3 किलोमीटर का रास्ता पथरीला और जर्जर है। इस रास्ते को तय करने के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए 1200 सीढिय़ां चढऩा पड़ता है। मंदिर समुद्र सतह से 4317 फुट ऊंची चोटी पर स्थित है।
इस रास्ते के जर्जर होने के कारण श्रद्धालुओं को आने-जाने में दिक्कतें आती हैं। यही हाल छावनी क्षेत्र के तहत आने वाले जटाशंकर मंदिर रोड का भी है। डामर उखड़ गया है। गड्ढे हो गए हैं। छावनी परिषद को निर्माण करना है। आगामी बैठक में आंतरिक मार्गों के निर्माण पर सहमति बनेगी। अधिकारियों के मुताबिक लगभग 60 लाख रुपए की लागत से मार्गों का निर्माण होगा। अब बैठक का इंतजार है ताकि सड़क निर्माण शुरू हो सके। महाशिवरात्रि मेले के दौरान सबसे ज्यादा भीड़ पचमढ़ी के चौरागढ़ मंदिर, महादेव मंदिर, गुप्त महादेव, जटाशंकर मंदिर क्षेत्र में होगी।
सुधार कार्य शुरू कर दिया है
॥मार्ग की मरम्मत के लिए 8 बार टेंडर हो चुके हैं, लेकिन कोई ठेकेदार टेंडर नहीं ले रहा है। फिर से टेंडर किए जा रहे हैं। लगभग धूपगढ़ रोड सहित 12 किलोमीटर आंतरिक मार्गों की मरम्मत होना है। 72 लाख रुपए से मार्गों की मरम्मत होना है। चौरागढ़ मंदिर रोड पर मरम्मत का कार्य होगा। मंदिर की सीढिय़ों और रैलिंग में सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है।ञ्जञ्ज
केएन प्रजापति, पीडब्ल्यूडी अधिकारी, पचमढ़ी
मरम्मत कार्य होना है
॥छावनी क्षेत्र के मार्गों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव फिर से अगली बैठक में रखा जाएगा। तकनीकी सदस्य का अभिमत प्राप्त कर लिया गया है। उसे परिषद की आगामी बैठक में रखेंगे। 60 लाख रुपए से सड़कों की मरम्मत का कार्य होना है। परिषद की स्वीकृति मिलते ही काम शुरू किया जाएगा।ञ्जञ्ज
अजयकुमार, सीईओ, पचमढ़ी