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दीपक सोनी ने छुपाई जुएं-सट्टे के केस की जानकारी, अशोक होंगे नए पार्षद

7 वर्ष पहले
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हरदा - वीवी गिरी वार्ड के पार्षद दीपक सोनी के चुनाव को जिला कोर्ट ने अमान्य घोषित कर दिया है। यह नौबत पार्षद सोनी के चुनाव के समय नामांकन के साथ शपथपत्र में आपराधिक रिकार्ड जिसमें सट्टा और जुआं के निर्णित केस का ब्योरा नहीं देने से आई।
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने कलेक्टर को आदेश दिया है कि अमान्य पार्षद की जगह निकटतम प्रतिद्वंद्वी को पार्षद घोषित करने की कार्रवाई की जाए। वीवी गिरी शहर का 12 नंबर वार्ड है। यहां 3 नवंबर 2011 में नगरपालिका चुनाव के समय भाजपा समर्थित पार्षद दीपक सोनी 26 वोटों से चुनाव जीते थे। इसके बाद उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अशोक मोयल ने जिला कोर्ट में यह आपत्ति लगाई थी कि जीते पार्षद दीपक सोनी ने नामांकन के साथ लगाए शपथपत्र में अपने आपराधिक रिकार्ड की जानकारी नहीं दी जिससे जनता को असलियत पता नहीं चल सकी। इसी आपत्ति पर दो साल से जिला कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के दिए आदेश के बाद वार्ड से निर्वाचित सोनी पार्षद पद के लिए अमान्य हो गए हैं।
आदेश दिया है
॥दिसंबर 11 में कांग्रेस के हारे हुए प्रत्याशी की ओर से वार्ड से जीते दीपक सोनी के निर्वाचन पर आपत्ति जिला कोर्ट में लगाई गई थी। इसी केस में कोर्ट ने निर्वाचन निरस्त करने का आदेश दिया है।
प्रकाश टांक, आपत्तिकर्ता के वकील
॥मेरी आपत्ति यह थी कि सोनी ने नामांकन के साथ लगाए शपथपत्र में पूर्व में निर्णीत अपराधों के विवरण का कालम निरंक कर दिया था। ऐसा करके उन्होंने जनता के बीच अपनी छवि साफ-सुथरी पेश की और चुनाव जीत लिया।
अशोक मोयल, निकटतम प्रतिद्वंद्वी