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एनएचएआई भोपाल के चीफ जनरल मैनेजर आईके पांडे पहुंचे झाबुआ, कहा-कॉन्ट्रेक्टर को बैंक से फंड नहीं मिलने से आई दिक्कत

8 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता-!-झाबुआ
फोरलेन निर्माण कर रही आईवीआरसीएल कंपनी पूरी तरह फेल हो गई। बैंकर्स ने उसे फंड देना बंद कर दिया, जिससे समस्या उपजी है। कंपनी को नोटिस दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जून माह तक किसी भी सूरत में काम पूरा कर लिया जाएगा। एक दम से अनुबंध खत्म नहीं कर सकते, इसलिए कंपनी को समय दिया है।
यह कहना था भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ((एनएचएआई)) भोपाल के चीफ जनरल मैनेजर आईके पांडे का। वे एनएचएआई के अधिकारियों की टीम के साथ इंदौर से मार्ग का निरीक्षण करते मंगलवार को झाबुआ पहुंचे थे। चर्चा में उन्होंने माना कि फोरलेन का निर्माण जिस रफ्तार से होना था, वैसा नहीं हो सका। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत निर्माण कंपनी के पास फंड खत्म हो जाने से खड़ी हुई।
कंपनी को २० जनवरी तक बैंक से फंड मिलने की उम्मीद है। इसके बाद तेजी से काम पूरा किया जाएगा। उन्होंने अपने कुछ प्रोजेक्ट दूसरी कंपनी को दिए हैं, जिससे भी फंड प्राप्त होगा। तब तक खराब हिस्से में पैचवर्क के जरिए कनेक्टिविटी कर दी जाएगी। जब एनएचएआई के अधिकारियों को बताया गया कि पैचवर्क का काम कर रही कंपनी ने भी बहुत सा हिस्सा ऐसे ही छोड़ दिया है तो पांडे बोले देख लेते हैं। यदि फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी आईवीआरसीएल इसे पूरा करती है तो ठीक नहीं तो पैचवर्क कर रही भंडारी कंस्ट्रक्शन कंपनी से ३१ जनवरी तक काम पूरा करवा लेंगे।
क्षेत्रीय सांसद की मौजूदगी में मिला व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल
क्षेत्रीय सांसद कांतिलाल भूरिया की मौजूदगी में सकल व्यापारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने भी एनएचएआई के अधिकारियों से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया। संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र यादव मार्ग की खस्ता हालत को लेकर इतने ज्यादा आक्रोशित थे कि उन्होंने पांडे को दो टूक कह दिया आप जो कहते हैं, वह नहीं करते। आप कोर्ट में एफिडेविट दे देते हैं, लेकिन काम नहीं होता। रोड को राज्य और केंद्र के बीच मत बांटिए। यह भारत का रोड है और जनता के लिए हैं। भेदभाव मत किजिए।
व्यापारी संघ के सचिव निर्मल अग्रवाल ने कहा यहां की जनता बेहद दुखी है साहब। झाबुआ से इंदौर, उज्जैन होकर जाना पड़ता है। रूनवाल ने कहा देवझिरी से झाबुआ तक के मार्ग को तत्काल स्टेट गर्वमेंट को हैंडओवर कर देना चाहिए, ताकि इस हिस्से का भी उद्धार हो जाए। अभी तो देवझिरी तक जाने में भी परेशानी आती है। इस पर पांडे ने कहा किसी भी तकनीकी काम में कई बातों को ध्यान में रखना पड़ता है। प्रोजेक्ट काफी बड़ा है और दिक्कतें आई है, लेकिन उन्हें शॉर्टआउट कर लिया है। इनका निराकरण किया जा रहा है और जल्द ही सभी की शिकायत दूर हो जाएगी। क्षेत्रीय सांसद भूरिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिनिधिमंडल ने जितनी भी बात रखीं है, उन्हें अमल में लाने का प्रयास करें।




जून तक पूरा हो जाएगा फोरलेन का काम