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जिम्मेदार बोले

8 वर्ष पहले
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॥आरएपीडीआरपी योजनांतर्गत सौ फीसदी कनेक्शनों पर मीटर लगा रहे हैं। रीडिंग के लिए कंपनी कर्मचारियों के अलावा संविदा पर कर्मचारी रखे हैं। पंचनामा और बिलिंग पर किसी को आपत्ति होती है तो उनका पक्ष सुनने के बाद आवश्यक संशोधन किया जाता है। किसी को परेशानी नहीं होने दी जाती।ø
एस.के. पाटिल, अतिरिक्त अधीक्ष णयंत्री विविकं शहर संभाग देवास।
॥2007 से कार्यालय यहां पर है। आवश्यकता पड़ी और उपर्युक्त जगह मिली तो कार्यालय भवन बदल दिया जाएगा। अब तक तीन आवेदन आए थे। एक ने शिकायत वापस ले ली जबकि दो विचाराधीन हैं। सुनवाई जिला प्रशासन द्वारा प्राधिकृत अधिकारी व विद्युत सुरक्षा विभाग के कार्यपालन यंत्री संयुक्त रूप से करते हैं।ø
आर.के. भटोरे, सहायक यंत्री विद्युत सुरक्षा कार्यालय देवास।




इस भवन के ऊपर लग रहा है कार्यालय जहां आने-जाने तक की जगह नहीं है।

भास्कर संवाददाता-!- देवास

विद्युत वितरण कंपनी सौ फीसदी घरों में मीटर नहीं लगा पाई है। जिनके यहां मीटर लगे हैं, उनकी नियति रिडिंग नहीं ले रहे हैं। ऐसे में विविकं इन्हें एवरेज बिल दे रही है। इसके अलावा कई उपभोक्ताओं को तो अचानक तीन से चार गुना अधिक बिल दिया जा रहा है। विविकं तानाशाही कर रही है और वह जो बिल दे रही है,। इस बिल के खिलाफ कहां अपील की जाए, इसकी जानकारी नहीं होने से अधिकांश लोग मजबूरी में जमा कर रहे हैं। दूसरी तरफ जिस कार्यालय ((सहायक यंत्री विद्युत सुरक्षा)) में अपील की जा सकती है, वह दड़बे में चल रहा है। सहजता से पहुंचविहीन होने से इस कार्यालय तक कम ही लोग पहुंच पा रहे हैं। कार्यालय के कर्मचारी-अधिकारी स्वयं अपने वाहन खड़े नहीं कर पा रहे हैं। हालत यह है कि यह कार्यालय वर्ष 2007-08 से शालिनी रोड पर है लेकिन इतने वर्षों में मात्र दो लोग ही उनके पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचे हैं।

ये पहुंचे विविकं के फैसले के खिलाफ- 2008 में विल्सन फार्म के एलटी कनेक्शन की ओवरबिलिंग की गई। विविकं ने 3 लाख 93 हजार रुपए बिल जमा करने का आदेश दिया। इस आदेश के विरूद्ध अपील करते हुए फर्म ने कहा कि पंचनामा गलत बनाया गया है। मीटर में एक फेज नहीं आ रहा था बावजूद इसके बिलिंग कर दी गई। इसी तरह जुलाई 2011 में अशोक इंजीनियरिंग वक्र्स ने भी विविकं के आदेश को नहीं माना। विविकं ने इन्हें पहले 1 लाख 42 हजार रुपए का बिल दिया। अपना पक्ष रखने के बाद विविकं ने मामूली रकम कम करते हुए 1 लाख 2 हजर 646 रुपए जमा करने के आदेश दिए। इस आदेश के खिलाफ जून 2012 में आवेदन दिया गया।



मनमानी-!-जानकारी के अभाव में उपभोक्ता कुछ नहीं कर पा रहे, दड़बे में चल रहा सहायक यंत्री विद्युत सुरक्षा का कार्यालय



बिजली कंपनी कर रही ओवर बिलिंग