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गिरा मावठा, तेज हवाओं से फसलें आड़ी

8 वर्ष पहले
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भास्कर टीम - धार

किसान को उम्मीद थी कि मावठे से फसलों को लाभ मिलेगा लेकिन उसके साथ तेज हवा आई, उसने मुसीबत बढ़ा दी है। जल्द बोई गई फसल पर सरदारपुर और बदनावर तहसील क्षेत्र में कई बीघा में नुकसान पहुंचा है। मंगलवार रात ये फसलें आड़ी पड़ गई जबकि बालियों से पौधे लदे हुए थे और पकने की कगार पर है। किसानों का कहना है कि फसल आड़ी पड़ जाने से दाना कमजोर हो जाएगा, उत्पादन प्रभावित होगा। इधर, बुधवार को भी बादल छाए रहे और रह-रहकर बूंदाबांदी होती रही। हवाओं का दौर जारी है।

बदनावर के पास मुलथान में बुधवार तड़के चार से आठ बजे तक बारिश हुई। इसे किसानों ने लाभदायक बताया लेकिन कुछ किसानों की फसल हवाओं के कारण आड़ी पड़ गई। बाबू नारायण मुकाती की 10 बीघा में फसल पूरी तरह खेत में बिछ गई। हरीश जगन्नाथ की पांच बीघा में आधी फसल, पवन घीसू की तीन बीघा, रामकरण माणकलाल की तीन बीघा फसल को नुकसान पहुंचा है। दोपहर बाद मौसम खुलने से राहत मिली।

उधर, सरदारपुर तहसील के गांवों में भी मावठा और तेज हवा से नुकसान के समाचार हैं। धुलेट, दत्तीगांव सहित आसपास के कई गांवों में फसलें बिछ गई है। मंगलवार रात मावठा गिरा। इस दौरान हवाएं भी चलती रही। जब बुधवार सुबह किसान खेतों में पहुंचे तो उनके चेहरे उतर गए और उन्हें पिछले सीजन में सोयाबीन फसल का दृश्य याद आ गया। किसानों का कहना है कि उत्पादन पर असर पड़ेगा। राजगढ़ के रूपसिंह चौहान, अरुण, समंदरसिंह, ककूसिंह ने बताया अधिक नुकसान गेहूं की फसल को पहुंचा है। सर्वे की मांग की। दत्तीगांव के राजेश चौधरी, राजू भायल, पिपरनी के रामाजी गेहलोत, कंजरोटा के रामलाल दीपाजी, एहमद के अनोखीलाल पाटीदार, जूनापानी के मांगीलाल निनामा ने भी नुकसानी की बात कही। धुलेट में कई किसानों ने मिर्च सूखने के लिए रखी थी जो भीग गई।

राजोद क्षेत्र में भी नुकसान

फोटो केप्शन----खेत में लहलहाती फसल बारिश व तेज हवा से जमींदोज हुई गेहूं की फसल बताते किसान 2216

राजोद - यहां भी मंगलवार रात रिमझिम के दौरान तेज हवा चली। इससे फसलें लेट गई। गोंदीखेड़ा के किसान मुकेश कसानिया की 25 बीघा, सुनील पिपलीया 15 बीघा, मांगीलाल कसानिया 20 बीघा, गोपाल ठन्ना 4 बीघा, पप्पू मसार 3 बीघा, मोहन गामड़ 2 बीघा, दयाराम निनामा के दो बीघा को नुकसान पहुंचा है। मगनलाल जायसवाल रामखेड़ा ने बताया गिरे हुए गेहूं पुन: खड़े नहीं हो सके हैं। तीन बीघा की फसल क्षतिग्रस्त हुई। मनोहर जायसवाल 4 बीघा, पप्पू जायसवाल 4 बीघा, भंवर जायसवाल 3 बीघा, रूणी के भगवानसिंह 3 बीघा, बाबू भाभर 4 बीघा, कालूराम पटेल 5 बीघा, शुकराम 9 बीघा, बद्री कटारा 2 बीघा, साजोद के शंभुलाल बगड़ 3 बीघा, हीरालाल अटोलिया 3 बीघा खेत में नुकसानी के समाचार हैं। साजोद, निपावली, राजोद, आनंदखेड़ी, नंदलाई, आनंदखेड़ी, हनुमंत्या में फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों ने शासन से सर्वे की मांग की है।

रात में मावठा, फसलों को नुकसान

दसाई - मंगलवार रात झमाझम बारिश हुई। इससे गेहूं की फसल को नुकसान के समाचार हैं। देर रात को बारिश के साथ तेज हवा चली। इससे फसल हल्की आड़ी पडऩे से दाना कमजोर होने की आशंका है। किसान मुन्नालाल तिलायचा ने बताया सितंबर में बोया था, पकने की स्थिति गेहूं फसल होने से ऊपरी भाग वजनी था। तेज हवा में आड़ी हो गई, अब दाना कमजोर हो जाएगा। बुधवार को भी दिनभर बादल छाए रहे। दिन में ठंडा मौसम रहा।







भास्कर टीम - धार

मंगलवार रात से बुधवार सुबह के बीच जिले में गिरे मावठे का मिलाजुला असर रहा। कई स्थानों पर फसलों को लाभ हुआ तो कहीं किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। तेज हवाओं के साथ गिरे मावठे ने खेतों में खड़ी फसलों को आड़ी कर दिया, वहीं जिस मावठा को फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा था, उसी की वजह से गेहूं-चने का दाना छोटा व कमजोर एवं उत्पादन कम होने की आशंका बढ़ गई है। सरदारपुर, बदनावर, अमझेरा, धामनोद, गंधवानी, पडिय़ाल, खिलेड़ी, धरमपुरी में रूक-रूक कर बारिश होती रही। यहां भी फसलों को नुकसान हुआ है।

बुधवार शाम धार शहर में पानी गिरने से बिजली गुल हो गई। बदनावर के पास मूलथान में सुबह चार घंटे तक बारिश हुई। मावठे से किसान बाबूनारायण मुकाती, हरीश जगन्नाथ, पवन घीसू, रामकरण माणकलाल के खेतों में खड़ी फसलें आड़ी हो गई। राजगढ़ के रूपसिंह चौहान, अरुण, समंदरसिंह, ककूसिंह ने गेहूं की फसल के नुकसान के सर्वे की मांग की। दत्तीगांव के राजेश चौधरी, राजू भायल, पिपरनी के रामाजी गेहलोत, कंजरोटा के रामलाल दीपाजी, एहमद के अनोखीलाल पाटीदार, जूनापानी के मांगीलाल निनामा ने भी नुकसानी की बात कही। धुलेट में सूखने के लिए रखी मिर्च भीग गई। बरमंडल के किसान रामनारायण लिंडीवाल, कालू रावडिया, मांगीलाल, मूलचंद घोडला ने बताया गेहूं की फसल आड़ी हो गई। पटोलिया, अकोलिया, बगासा, छायन, राजोद में भी नुकसान है। गोंदीखेड़ा के किसान मुकेश कसानिया, सुनील पिपलीया, मांगीलाल कसानिया, गोपाल ठन्ना, पप्पू मसार, मोहन गामड़, दयाराम निनामा की फसलों को नुकसान हुआ है। मगनलाल जायसवाल रामखेड़ा ने बताया गिरे हुए पौधे पुन: खड़े नहीं हो सके हैं। साजोद, निपावली, राजोद, आनंदखेड़ी, नंदलाई, आनंदखेड़ी, हनुमंत्या में फसलों को नुकसान हुआ है। दसाई के किसान मुन्नालाल तिलायचा ने बताया सितंबर में बोया था, पकने की स्थिति गेहूं फसल होने से ऊपरी भाग वजनी था। तेज हवा में आड़ी हो गई, अब दाना कमजोर हो जाएगा।

बारिश से फिसलन, जाम

घाटाबिल्लौद - बारिश से जाम की स्थिति बनती रही। इंदौर-अहमदाबाद व महू-नीमच हाईवे के दोहरे ट्रैफिक के लिए कीचड़ बाधा बन गया है। बार-बार जाम लगा। बाइक सवार फिसल कर गिरते रहे। मंगलवार को भी १० से १५ मिनट तेज बारिश हुई जिससे कीचड़ फैल गया।

सरदारपुर व बदनावर तहसील क्षेत्र में नुकसान, दाना कमजोर होने से घटेगा उत्पादन, टमाटर के पौधों को बांस-बल्ली सहित उखाड़ा हवाओं ने

मार्ग का बेस कीचड़ में, वाहन फंसे

बाग - झाबुआ-जोबट से बाग होते हुए कुक्षी जाने वाले निर्माणाधीन मार्ग पर बुधवार को लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाग से दो किमी दूर पाडल्या घाटी से जोबट फाटा ((तिराहे)) तक मावठे के कारण चिकनी मिट्टी में कीचड़ ही कीचड़ हो गया। वाहन चलाना मुश्किल हो रहा था। कई वाहन मिट्टी में फंस गए जिन्हें जेसीबी की मदद से निकालना पड़ा। यात्री वाहनों को बीच में ही लाइन रद्द कर वापस लौटना पड़ा। यात्री दिनभर परेशान होते रहे। बावजूद ठेकेदार की ओर से परेशानी को देखते हुए कोई मदद उपलब्ध नहीं कराई गई। बताया जा रहा है कि यह मार्ग थांदला से मेघनगर, झाबुआ, जोबट होते हुए बाग से कुक्षी तक बन रहा है। ठेकेदार द्वारा हार्ड किस्म की मटेरियल के बजाय पूरी तरह चिकनी मिट्टी से बेस बनाया जा रहा था। मंगलवार रात हुई बारिश के बाद यह मिट्टी कीचड़ में बदल गई और वाहन फंसना शुरू हो गए। बुधवार शाम तक वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई थी। देर शाम को पुन: बारिश होने से गुरुवार को भी कुक्षी से राजगढ़ होते हुए धार, इंदौर और कुक्षी से बाग होते हुए झाबुआ, जोबट वाले वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।