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हत्या के तीन आरोपियों को उम्रकैदकोर्ट ने कहा रियायत नहीं मिलेगी
पेटलावद थाना क्षेत्र के ग्राम झौसर में जमीन विवाद के चलते चार लोगों ने मिलकर एक ग्रामीण की हत्या कर दी थी, एक आरोपी घटना के बाद से ही है फरार, तीन को न्यायालय ने सुनाई सजा
भास्कर संवाददाता - झाबुआ
हत्या के तीन आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश एके श्रीवास्तव की कोर्ट ने उम्रकैद के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई। उनका एक साथी घटना के बाद से ही फरार चल रहा है। न्यायालय ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि- हथियारों ने बर्बरतापूर्वक हत्या की है, इसलिए आरोपियों को कोई भी रियायत दी जाना न्यायोचित प्रतीत नहीं होता।
अभियोजन के अनुसार घटना पेटलावद थानाक्षेत्र के ग्राम झौंसर की है। ११ जून २०११ की रात करीब १० बजे फरियादी पारीबाई पति मानसिंह व बेटी बुआरी के साथ घर के बाहर बैठी थी। इस दौरान आरोपी नानकिया पिता वागजी खराड़ी ((२५)), रामला पिता कान्हा खराड़ी ((४५)), संजय पिता रामला खराड़ी ((२५)) व मांगूड़ा खराड़ी हाथ में धारिया, कुल्हाड़ी व लठ लेकर आए। उन्होंने मानसिंह को धमकाते हुए कहा तुझे जमीन चाहिए और हथियारों से उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। आरोपियों ने उसकी बेटी बुआरी के साथ भी मारपीट की। पेटलावद थाने में चारों आरोपियों के
खिलाफ मामला दर्ज किया गया। तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि चौथा आरोपी मांगूड़ा तब से फरार चल रहा है। अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्य और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को धारा ३०२ व १४९ में आजीवन कारावास और ५-५ हजार अर्थदंड, धारा १४७, १४८ में दो-दो वर्ष की सजा और १-१ हजार अर्थदंड, धारा ३२३, १४९ में एक-एक साल की सजा और १-१ हजार के अर्थदंड से दंडित किया। शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी अपर लोक अभियोजक
दीपक भंडारी ने की।