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१० अंगुलियों के लेंगे डिजीटल प्रिंट

8 वर्ष पहले
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लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में होगा अनिवार्य, सेंट्रल सर्वर पर रहेगा संपूर्ण डाटा
भास्कर संवाददाता - देवास
आरटीओ कार्यालय में जल्द ही लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में एक नई व्यवस्था जुड़ेगी। अब डिजीटल साइन, फोटोग्राफ के अलावा दसों अंगुलियों के डिजीटल प्रिंट भी लिए जाएंगे। अब तक सिर्फ अंगूठे के निशान लिए जाते थे।
जल्द ही फिंगर प्रिंट के लिए आरटीओ कार्यालय में बायोमेट्रिक मशीनें आएगी। अब तक अंगूठे का निशान लिए जाने से व्यक्ति की पहचान मुश्किल होती थी। चूंकि ड्राइविंग लाइसेंस व्यक्ति की पहचान के दस्तावेज के तौर पर भी काम आता है। इसलिए अब नई व्यवस्था लागू की जा रही है। परिवहन विभाग के सामने ऐसे भी मामले आए हैं जिसमें एक चालक ने टू व्हीलर व फोर व्हीलर के दो लाइसेंस अलग-अलग शहरों से बनवाए। यह देखते हुए लाइसेंस के लिए फिंगर प्रिंट जरूरी कर दिए गए हैं। आधार कॉर्ड की प्रक्रिया की तरह आवेदकों के हाथों की सभी अंगुली व अंगूठे के निशान भी लिए जाएंगे।
सर्वर नहीं पकड़ता गड़बड़ी
कई बार लाइसेंस बनवाते समय आवेदक निशान देने के लिए अंगूठा ठीक से नहीं रख पाता। ऐसे में
सेंट्रल सर्वर ग्वालियर में उसे ट्रेस करने में मुश्किल आती है। नई व्यवस्था से व्यक्ति की पहचान आसान होगी।
॥आरटीओ कार्यालय की तमाम प्रक्रिया को हाईटेक बनाया जा रहा है। दस्तावेजों को भी स्कैन कर डाऊनलोड किया जा रहा है। अब जल्दी ही बायोमैट्रिक मशीनों के माध्यम से फिंगर फ्रिंट लेने की प्रक्रिया भी शुरू होगी।ञ्जञ्ज
एच.आर. रोहित, आरटीओ




दो मशीनें खाली पड़ी है लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।

सिर्फ एक मशीन से काम, दो खाली पड़ी



आरटीओ कार्यालय में वेब फोटोग्राफ, अंगूठे के निशान व डिजीटल साइन का कार्य स्मार्ट चिप कंपनी के हवाले है। यहां स्मार्ट कार्ड सेंटर में इस प्रक्रिया के लिए तीन कैमरे व मशीनें लगी हैं लेकिन काम सिर्फ एक से ही लिया जा रहा है। जबकि यहां लोगों की लंबी कतार लग रही है और उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, बावजूद अन्य दो मशीनों से काम नहीं लिया जा रहा है। आरटीओ की ओर से भी संबंधित कंपनी को कर्मचारी बढ़ाकर अन्य दो मशीनें के इस्तेमाल को लेकन कोई सख्ती नहीं बरती जा रही।