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नेताजी ने अहिंसा से हटकर क्रांति का रास्ता चुना
देवास - नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज का गठन कर अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध का बिगुल बजाकर उनकी कमर तोड़ दी थी। वे एक महान विचारक व क्रांतिकारी थे। वे आजादी चाहने वाले लाखों नौजवानों की आवाज बने व अहिंसा से हटकर अलग रास्ता क्रांति का चुना।
ये विचार सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर शहर कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने व्यक्त किए। इस दौरान उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष एम. असलम शेख, महापौर रेखा वर्मा, शौकत हुसैन, प्रयास गौतम, जाहिद पठान, अनिल गोस्वामी, नरेंद्र यादव, रामेश्वर मुकाती ने नेताजी के जीवन पर प्रकाश डाला। संचालन भगवानसिंह चावड़ा ने किया। आभार इंटक अध्यक्ष महेश राजपूत ने माना।
भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ द्वारा दुर्गा नगर सेवा बस्ती के रहवासियों के बीच नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती मनाई गई। शुरुआत में अतिथियों ने नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण कर वंदे मातरम का जयघोष किया। प्रकोष्ठ के जिला संयोजक जगदीश चौधरी ने नेताजी के जीवन पर प्रकाश डाला। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। राजेश जैन, विजय गेहलोद, जमनालाल वर्मा, रूपेश वर्मा, रघुवीरसिंह, जमील खान, गुरुदत्त शर्मा आदि उपस्थित थे।