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विद्यार्थियों में वक्त को बदलने की क्षमता
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नृत्य भी किया।
भास्कर संवाददाता - झाबुआ
विद्यार्थी जो ठान ले वह कर सकते हैं, उनमें वक्त को बदलने की क्षमता होती है। सात दिनों तक गांव में किए गए कार्य प्रशंसनीय है। शिविर के माध्यम से सेवा का जो जज्बा उत्पन्न हुआ है उसे बनाए रखना।
यह बात रासेयो की जिला संगठक डॉ. गीता दुबे ने कही। वे शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रातीतलाई की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा ग्राम देवझिरी पंडा में लगाए गए सात दिवसीय ग्रामीण शिविर के समापन कार्यक्रम में बोल रही थीं। उन्होंने शिविर में किए गए कार्यों की प्रशंसा की। समापन कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई लघुनाटिका से प्रेरणा लेने की बात कही। विशेष अतिथि संस्था की एनएसएस इकाई के सलाहकार यशवंत भंडारी व समाजसेवी नीरज राठौर थे। भंडारी ने विद्यार्थियों को शिविर के अनुभवों का लाभ लेने की बात कही। साथ ही कहा शिविर का
ये किया शिविर में
विद्यार्थियों ने सात दिनी शिविर के दौरान बौद्धिक एवं परियोजना कार्य अंतर्गत श्रमदान करते हुए पौधारोपण के लिए गड्ढे किए। इसके अलावा कच्ची सड़क का निर्माण, नवीन जलकुंड की सफाई भी की। साथ ही ग्रामसभा कर ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, नशामुक्ति तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
यह अनुभव आपको जीवनभर याद रहेगा। भंडारी ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की रचना जग में रहकर कुछ काम करो के माध्यम से अच्छे काम करने की प्रेरणा दी। समाजसेवी राठौर ने कहा शिविर में किए गए कार्यों के माध्यम से अच्छे कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। स्वागत भाषण कार्यक्रम अधिकारी विक्रम गरवाल ने देते हुए शिविर के कार्यों का ब्योरा दिया। प्राचार्य ज्योति पाठक ने शिविर की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। संचालन वरिष्ठ अध्यापक सीमा त्रिवेदी ने किया। इस अवसर पर मन्ना डामोर, मंगू भाई आदि का सराहनीय सहयोग रहा।
शिविर में भाग लेने वाले स्वयं सेवकों को प्रमाण पत्र दिए गए।
एनएसएस शिविर के समापन पर रासेयो की जिला संगठक डॉ. गीता दुबे ने कहा