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सुबह नूतन पट का हुआ उद्घाटन दोपहर में राष्ट्रसंत ने किया विहार
भास्कर संवाददाता - राणापुर
श्री सीमंधर स्वामी अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव पूर्ण होने के बाद गुरुवार को मंदिर के नूतन पट का उद्घाटन हुआ, साथ ही दीक्षार्थी प्राची छाजेड़ का बहुमान किया गया। दोपहर में आचार्यश्री जयंतसेनसूरीश्वरजी ने मुनिमंडल व साध्वीवृंद के साथ झाबुआ की ओर विहार किया।
भगवान की प्रतिष्ठा पूर्ण होने के पश्चात पहली बार मंदिर के पट खोले जाना थे। इसे लेकर समाजजनों में उत्साह रहा। तड़के 6 बजे आचार्यश्री के साथ सकल संघ बैंडबाजों के साथ लाभार्थी मुकेश प्यारचंद पन्नालाल चौधरी के निवास पर पहुंचा, यहां चौधरी परिवार ने गहुलीकर गुरुदेव को बधाया। इसके बाद राजा कुमारपाल की वेशभूषा में चौधरी परिवार हाथी पर बैठा। शोभायात्रा के रूप में गाजे-बाजे के साथ सभी लोग दादावाड़ी पहुंचे। यहां लाभार्थी परिवार के मुकेश, ऋषभ चौधरी ने द्वार पर लगा चांदी का ताला खोला। इस दौरान सीमंधर स्वामी के जय-जयकार से महाविदेह मधुकर धाम गूंज उठा। आचार्यश्री के साथ सभी ने चैत्यवंदन किया। बाद में केशर पूजा, आरती आदि के चढ़ावे हुए।
दीक्षार्थी का बहुमान किया
पारा निवासी मुमुक्षु प्राची छाजेड़ व समाजजन सुबह आचार्यश्री और साधु-साध्वियों को दीक्षा महोत्सव का निमंत्रण देने आए। यहां निमंत्रण पत्रिका का मुहूर्त किया गया। प्रथम पत्रिका सीमंधर स्वामी को लिखी गई। क्रिया पंडाल में दीक्षार्थी का बहुमान श्री संघ व सीमंधर स्वामी ट्रस्ट की ओर से दिलीप सकलेचा, चंद्रेसन कटारिया, राजेंद्र सियाल, प्रदीप भंसाली आदि ने किया। मुमुक्षु प्राची के पिता सुरेश छाजेड़ व माता उषा छाजेड़ का भी बहुमान महिला परिषद प्रदेश अध्यक्ष पद्मा सेठ, शाखा अध्यक्ष मलका तलेरा व सदस्यों ने और नवयुवक परिषद अध्यक्ष मुकेश
नागोरी व साथियों ने किया। इस मौके पर आचार्यश्री ने कहा पारा की प्राची पूर्व दिशा से निकलने वाले सूर्य की तरह जिन शासन की सेवा करते हुए संयम पथ को रोशन करें। अपने संबोधन में मुमुक्ष प्राची ने संसार की असारता का वर्णन करते हुए संयम के जरिए जीवन का कल्याण करने की बात कही।
राष्ट्रसंत का आज होगा नगर में मंगल प्रवेश
झाबुआ - राष्ट्रसंत आचार्यश्री जयंतसेनसूरीश्वरजी मसा और जिले के गौरव मुनिराज श्री नित्यानंदविजयजी मसा आदि साधु-साध्वी मंडल का शुक्रवार को नगर में मंगलप्रवेश होगा। इस मौके पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। साथ ही तीन दिवसीय जिनेंद्रभक्ति महोत्सव भी प्रारंभ होगा। आचार्यश्री मुनिमंडल के साथ राणापुर मार्ग से नगर में प्रवेश करेंगे। दिगंबर जैन नसीया से वृहद कलश यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में सबसे आगे लोक संस्कृति के अनुरूप ग्रामीणजन ढोल-मांदल पर नृत्य करते हुए चलेंगे। ढोल-ताशे विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। शोभायात्रा शहर के कॉलेज मार्ग, राजवाड़ा चौक, मुख्य बाजार होते हुए बावन जिनालय पहुंचेगी।
नम आंखों से दी
गुरु को विदाई
दोपहर में आचार्यश्री व शिष्य मंडल ने झाबुआ की ओर विहार किया। अपने गुरु को विदाई देने बड़ी संख्या में समाजजन उमड़े। पिछले १० दिनों से आचार्यश्री की निश्रा में चल रहे कार्यक्रम के बाद उनके विहार से हर कोई उदास था। सभी भावुक हो रहे थें और आंखे नम थी।
मुमुक्षु प्राची छाजेड़ का परिषद की सदस्यों ने बहुमान किया।
इस तरह दी गई आचार्यश्री को विदाई।