मिलकर बनाएंगे जिला विकास योजना
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान गुरुवार को आओ बनाएं मप्र कार्यक्रम के तहत धार आए। सभा में उन्होंने व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा कानून में बदलाव के लिए केंद्र में आवाज उठाने का भरोसा दिलाया और भाषण में मोदी के लिए वोट भी मांगे। चौहान ने ठीक से काम नहीं करने वाले सरकारी कर्मचारियों व अफसरों को चेताया कि ऐसा करने वालों को नौकरी करने लायक नहीं छोड़ूंगा। लोगों से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं, पानी-बिजली बचाएं और गांव को नशामुक्त भी बनाएं। मुख्यमंत्री ने सरदारपुर में ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करने के आदेश दिए।
बजट आने दो, खजाना खाली है
धार विधायक नीना वर्मा ने संबोधित करते हुए धार और पीथमपुर के विभिन्न कार्यों के लिए मांग पत्र दिया। अन्य विधायकों ने भी आवेदन दिए लेकिन मुख्यमंत्री ने मंच से एक भी घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा कि अभी बजट आ जाने दो, खजाना खाली है। राशि आने के बाद एक-एक मांग पूरी कर दी जाएगी। विधायक वर्मा ने इंदौर नाका से मुख्य फोरलेन और कालिका माता से फोरलेन तक टू लेन सड़क के लिए 5.75 करोड़, 34वीं बटालियन सड़क निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए का मांग पत्र दिया था। इसके अलावा पीथमपुर हासे भवन, कॉलेज में कॉमर्स की मंजूरी की भी मांगें रखी। दिग्ठान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण का मुद्दा भी उठाया। धार में राजा भोज की आदमकद मूर्ति लगाने को लेकर हवा बंगला के स्थल चयन के मामले पर भी सीएम कुछ नहीं बोले।
53.23 करोड़ रुपए के कार्यों का शिलान्यास, लोकार्पण
ग्राउंड में एकसाथ रखे पत्थरों पर मुख्यमंत्री ने 53.23 करोड़ रुपए के कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण किया। अंत्योदय मेले में पांच ब्लॉकों के 5260 हितग्राहियों को 35.31 करोड़ रुपए से लाभान्वित किया। चेक व सामग्री का प्रतीकात्मक वितरण मुख्यमंत्री ने मंच से किया। मुख्यमंत्री ने आओ बनाएं मध्यप्रदेश के नागरिकों को संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि अपने गांव में पेड़ लगाएं, बिजली व पानी बचाएं। गांव को नशामुक्त बनाएं। मां-बहन, बेटियों
को सम्मान दें।
दीर्घा में कई लोग मुख्यमंत्री की एक झलक के लिए आए थे।
कन्या पूजन करते मुख्यमंत्री।
छात्राएं मुख्यमंत्री से हाथ मिलाने के लिए बेताब दिखीं।
छात्राएं कार्यक्रम स्थल पर जाते हुए।
नहीं हो सका सीधा संवाद, सुझाव के बजाय आवेदन लेते रहे
निर्धारित समय से सवा दो घंटे देरी से आए थे, मौसम की खराबी से पूरे पंडाल में घूमे बगैर लौटना पड़ा
धार - मुख्यमंत्री के आगमन में देरी और मौसमी खराबी के कारण देवास जाने की जल्दी में प्रशासन ने जो दावा किया था, वह सीधा संवाद नहीं हो पाया। हालत यह हो गई कि जिन लोगों को सुबह से बैठाए रखा था, वे सीएम को करीब से देख भी नहीं पाए। कुछेक सेक्टर में मुख्यमंत्री जा नहीं सके। जहां गए वहां भी मुख्यमंत्री ब्लॉक में एक जगह भी तसल्ली से नहीं रुक पाए। कुछ जगह विकलांग व बीमारी से पीडि़त बालक-बालिकाओं को देख वे रुके और कलेक्टर सीबी सिंह को इलाज कराने के निर्देश दिए। बाकी समय उन्हें चलते-चलते ही गैंग-वे से लोगों के आवेदन लेना पड़े। कई बार धक्का-मुक्की जैसे हालात भी बन गए। देरी को देखते हुए मुख्यमंत्री कई वर्गों से चर्चा कर सुझाव लेना तो दूर, उनके ब्लॉक तक जाकर मिल भी नहीं पाए। ऐसे में सुबह 10.30 बजे से ब्लॉक में बैठे लोगों में प्रशासन की व्यवस्था के प्रति आक्रोश देखा गया। कई बुजुर्ग और विकलांग आवेदन देने के लिए सीएम तक पहुंचने की कोशिश करते हुए कार तक पहुंच गए लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें धक्का खाना पड़ा। वाहन निकलते समय एक विकलांग पैरों में कुचलते-कुचलते बचा।
कर्मचारी संगठनों ने किया निंदा प्रस्ताव-राज्य कर्मचारी संघ, लघुवेतन संघ, पेंशनर्स संघ, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य कर्मचारी, शिक्षक, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र, ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी, प्रधानाध्यापक, कोटवार, नेत्र चिकित्सक आदि संघों ने आक्रोश जाहिर किया। पदाधिकारियों ने बताया जिला प्रशासन द्वारा आमंत्रित किया था और सेक्टर जे में बैठाया था लेकिन जानबूझकर उक्त सेक्टर में सीएम को नहीं लाया गया। इसके विरोध में प्रशासन की व्यवस्था के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। कर्मचारी 10 से 2.45 बजे तक निर्धारित सेक्टर पर बैठे रहे लेकिन मुख्यमंत्री से मिल भी नहीं पाए।
घर जाकर काटा केक, दी बधाई
खरगोन से हेलिकॉप्टर से आए डीआरपी लाइन उतरे मुख्यमंत्री सबसे पहले आदर्श सड़क की झलक देखते हुए कार से वरिष्ठ नेता विक्रम वर्मा के घर पहुंचे। उन्होंने वर्मा का अभिनंदन किया, केक काटा और खिलाया भी। इसके बाद सभी के साथ कॉलेज ग्राउंड स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
वर्मा-बघेल में कम हुई दूरियां!
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान वर्मा दंपति और पूर्व मंत्री रंजना बघेल के बीच राजनीतिक खटास कम होती नजर आई। विक्रम वर्मा व बघेल दोनों पास-पास बैठे थे और कई मौकों पर गंभीर चिंतन-मनन करते नजर आए। गौरतलब है करीब आठ माह से दोनों के बीच राजनीतिक लड़ाई सुर्खियों में थी।
झलकियां
मौसम की खराबी के कारण अपेक्षा अनुसार भीड़ नहीं जुटी। कई ब्लॉकों में कुर्सियों पर स्कूली बच्चों, शिक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बैठाना पड़ा। कुर्सियों की व्यवस्था पर सीएम ने प्रशासन की पीठ थपथपाई।
मुख्यमंत्री के आगमन के चलते इंदौर नाका सहित आसपास के मार्गों से ट्रेफिक रोक दिया गया। स्कूल बसें भी जाम में फंस गई। बच्चे परेशान होते रहे।
न्यू लिंक रोड, क्रिकेट प्रतियोगिता शुभारंभ व बीजेपी कार्यालय पर सीएम नहीं जा पाए।
उम्मीद थी कि सीएम सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे लेकिन वे कहीं नहीं गए।
भास्कर संवाददाता - धार
पीजी कॉलेज ग्राउंड में आओ बनाएं मप्र कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा अब विकास योजनाएं भोपाल से नहीं बनेगी। जिला आधारित विकास योजना जिले में ही प्रभारी मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नागरिक और प्रशासन मिलकर बनाएंगे। मांग अनुसार पैसा मंजूर किया जाएगा।
उन्होंने अनाज व्यापारियों और किसानों के आंदोलन पर कहा खाद्य सुरक्षा कानून हमने नहीं केंद्र सरकार ने बनाया है। हमारे यहां अमेरिका सहित अन्य देशों जैसे हालात नहीं है इसलिए कानून के प्रावधानों को बदला जाए, इसके लिए प्रधानमंत्री से अपील करूंगा। छोटे-छोटे व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है इसलिए संशोधन के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएंगे। मुख्यमंत्री ने फिर दोहराया कि प्रदेश में एक भी शराब की डिस्टलरी और दुकान नई नहीं खोली जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार पर भेदभाव के आरोप लगाए और बातों-बातों में सरकारी मंच से नरेंद्र मोदी और भाजपा के लिए वोट मांगने से भी नहीं चूके। चौहान ने कहा प्रधानमंत्री बरसों पहले झाबुआ में रेल परियोजना के लिए शिलान्यास करके गए थे, आज तक रेल का पता है, न पटरी का। अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए 600 करोड़ रुपए का द्वितीय अनुपूरक बजट में प्रावधान कर दिया है। यह किसानों को वितरित करेंगे। उन्होंने ओलावृष्टि से सरदारपुर में प्रभावित फसलों के सर्वे के आदेश दिए हैं। मंच पर विक्रम वर्मा, साधनासिंह, विधायक रंजना बघेल, वेल सिंह भूरिया, कालू सिंह ठाकुर, जिपं अध्यक्ष मनोज सिंह गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश धाड़ीवाल, सीसीबी अध्यक्ष खेमराज पाटीदार, दिल्ली के विधायक प्रवेश वर्मा, छतरसिंह दरबार, रेलम चौहान, लोस प्रभारी अशोक जैन, नपाध्यक्ष ममता जोशी धार, राजकुमार जैन मनावर मौजूद थे।
आओ बनाए मप्र - मुख्यमंत्री बोले- खाद्य सुरक्षा कानून में बदलाव के लिए आवाज उठाएंगे, प्रभावित फसलों के सर्वे के आदेश दिए
कार्यक्रम में उपस्थित भीड़ दोनों हाथ उठाकर जयकारे लगाते हुए। मंच से मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मध्यप्रदेश को विकसित बनाने के लिए शिक्षित होना जरूरी बताया।