सुबह फिर गिरा मावठा, रात को हुई बारिश
भास्कर टीम - देवास
देवास में गुरुवार की सुबह फिर मावठा गिरा। दोपहर तक बूंदाबांदी होती रही। दोपहर बाद हल्की धूप निकली, और फिर बादल छा गए। रात करीब 9.30 बजे बारिश हुई। कड़ाके की ठंड के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या गुरुवार को बहुत कम रही। उधर, बुधवार की रात हुई बारिश के चलते विभिन्न कॉलोनियों की सड़कों पर पानी भर गया है, लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
बुधवार रात हुई बारिश के कारण कन्नौद, बागली, बरखेड़ा सोमा, सुंद्रेल, विजयागंज मंडी, नेमावर, पीपलरावां, डबलचौकी, पीपरी, उदयनगर, सतवास आदि क्षेत्रों में गेहूं की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। डालर चना, प्याज, आलू, लहसुन की फसलों को भी नुकसान हुआ है। किसानों ने कहा आगे भी ऐसा ही मौसम रहा तो फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है। किसानों ने सर्वे की मांग की है।
देवास सहित जिलेभर में बुधवार की देर शाम शुरू हुई बारिश रुक-रुककर रातभर जारी रही। गुरुवार को दोपहर १२ बजे के बाद शहर में हल्की-धूप निकली। हवाओं में ठंडक बरकरार रही। अंचल में लोगों ने मवाठे से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया। बिगड़ते मौसम के कारण स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में भी भारी कमी आई है।
> चापड़ा, गुराडिय़ाकलां, अमरपुरा, मोखा पीपल्या, बेड़ामऊ, मातमोर, पोलाय, अगुर्ली, करोन्दिया, भमोरी, इकलेरा आदि गांवों में गूेहं की फसल चौपट हो गई है। बेड़ामऊ के गुलाबसिंह सैंधव की २० बीघा, मेहरबानसिंह पटेल ९ बीघा, अमरपुरा के इंदरसिंह सैंधव की १३ बीघा, मोखा पीपल्या के छोटू दरबार की ५ बीघा, सुमेरसिंह की ८ बीघा और अन्य किसानों की फसल बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुई है, किसानों ने सर्वे की मांग की है।
> पानीगांव, बावड़ीखेड़ा में भी बीती रात भारी बारिश हुई है। तेज हवा के चलते बिजली के खंभे भी गिर गए हैं, गेहंू की फसल आड़ी हो गई है। किसान जलाल खां नायता ने बताया की हमारे खेत 90 फीसदी आड़ी हो गई है। बावड़ीखेड़ा के किसान छोटेलाल गवली, जगदीश पटेल, हजारी डोगरजाल, हरिप्रसाद गवली, संदीप जयसवाल, रमेश बारवाल, जगदीश सुलानिया, राममेत सुलानिया, पानीगांव के किसान पुष्कर अकोतिया, रमेशचंद सोठिया, चंद्रशेखर पालीवाल, प्रकाश सुराणा आदि ने कहा कि जल्द ही फसल नुकसानी का सर्वे करवाया जाए।
> खातेगांव में मौसम की मार के चलते फसलें प्रभावित हुई हैं, दोपहर बाद मौसम खुला, लेकिन बीती रात बीच बीच में बारिश होती रही। किसान हीरालाल का कहना है कि मौसम की मार के चलते गेहंू की फसल प्रभावित है। क्षेत्र के दीपगंाव के किसान विष्णु प्रसाद, जगदीश कलौता, राहुल पंवार, रिजगंाव के मनीष पटेल, रामधन पटेल, गोविन्द कलौता मालागंाव ने बताया कि रात दो बजे से क्षेत्र में भारी बारिश व हवा से गेहूं की खड़ी फसल खेतों में आड़ी पडऩे से किसानों की फसल खराब होने का डर है।
> बरोठा क्षेत्र में बारिश के कारण गेहूं की फसल आड़ी हो गई है। किसान कमलसिंह, रमेश आदि ने मांग की है कि पटवारी फसलों की नुकसानी का सर्वे करें। आसपास के अन्य गांवों में भी यही स्थिति है।
> सोनकच्छ में दिनभर बादल छाए रहे, दोपहर में हल्की धूप निकली। यहां भी फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों के मुताबिक आने वाले दिनों में मौसम साफ नहीं हुआ तो गेहंू की फसल चौपट हो जाएगी।
> चौबाराधीरा में बारिश के कारण गेहंू की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है, आलू, प्याज, लहसुन के अलावा चने की फसल भी प्रभावित है। किसान परेशान हैं।
> पीपरी क्षेत्र के १२ से अधिक गांवों में फसलों को नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि के कारण रतनपुर, निमनपुर, पोटला, पोलाखाल, बावड़ीखेड़ा, गुराड़दा आदि गांवों में गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। किसानों ने सर्वे की मांग की है।
> कमलापुर के अलावा गौपीपुरा, घीवरिया, कांझर, भिलआमला आदि गांवों में गेहूं एवं चने की फसल को भारी नुकसान हुआ है। सरपंच अमरसिंह आदि ने फसल नुकसानी की मांग की है।
> टोंकखुर्द में गेहूं, डालर चने के अलावा आलू, प्याज, लहसुन की फसल को भारी नुकसान हुआ है, किसानों को भविष्य की चिंता सता रही है। जानकारों का कहना है कि जिस पौधे में फूल हैं, वो इस कोहरे के कारण झर कर गिर गए हैं। इससे फसल चौपट होने की कगार पर है।
> हाटपीपल्या में बीती रात हुई बारिश से यहां भी गेहूं की फसलें आड़ी हो गई हैं। आलू की फसल को भी नुकसान हुआ है। किसान नेमीचंद तंवर, परमानंद, अशोक पटेल, विजेन्द्र पटेल, विजय जाट, किशोर आर्य, हाजी सलाम, दिलीप पाटीदार, यूसुफ मंसूरी, मोहम्मद हुसैन, बल बहादुर पटेल, रामेश्वर जाट, मंडी संचालक रूपसिंह सेंधव, हुकुमसिंह चौहान आदि ने सर्वे की मांग की है।
> देवगढ़ में बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं। गेहूं, चना, आलू, प्याज, लहसुन की फसल बरबाद होने की स्थिति में आ गई है। किसान मनोहर माली, राजेन्द्रसिंह जादौन, दीपेंद्रसिंह राणा, हाथी गुराडिय़ा के देवीसिंह पटेल, लाखनसिंह पटेल आदि ने सर्वे की मांग की है।